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Showing posts from May, 2022

इस विद्यालय में महिलाओं ने लगाई दौड़, मातृत्व दिवस का हुआ आयोजन: बच्चों के साथ माताओं ने भी किया प्रतिभाग, लौट आई अपने बचपन में

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अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज सौड़ा सरोली रायपुर देहरादून में दिनांक 28 मई 2022 को मातृत्व दिवस बड़ी धूमधाम के साथ मनाया गया। जिसमें बच्चों द्वारा विभिन्न रंगारंग कार्यक्रम  प्रस्तुत किए गए। इन कार्यक्रमों में  गढवाली नृत्य,  माँ पर समूह गीत, नाटक, अंग्रेजी गीत 'आई लव यू मम्मा'  व विभिन्न गतिविधियों को प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में बच्चों  की माताओं को आमंत्रित किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में माताओं ने उपस्थिति दी। ज्ञातव्य है कि विद्यालय में प्रत्येक माह का अंतिम शनिवार प्रतिभा दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन बच्चे विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों , प्रतियोगिताओं,विज्ञान, कला और हस्तशिल्प प्रदर्शनियों का आयोजन शिक्षकों के मार्गदर्शन में करते हैं। इस बार का प्रतिभा दिवस मातृत्व दिवस के रूप में मनाया गया, जिसमें विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों की माताओं को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था । सभी माताओं का स्वागत अक्षत- तिलक एवं बैज अलंकरण केआर किया गया। बच्चों ने अपनी- अपनी माताओं को मंच पर आमंत्रित कर स्वनिर्मित ग्रीटिंग कार्ड भी भेंट ...

इस विद्यालय में महिलाओं ने लगाई दौड़, मातृत्व दिवस का हुआ आयोजन: बच्चों के साथ माताओं ने भी किया प्रतिभाग, लौट आई अपने बचपन में

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अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज सौड़ा सरोली रायपुर देहरादून में दिनांक 28 मई 2022 को मातृत्व दिवस बड़ी धूमधाम के साथ मनाया गया। जिसमें बच्चों द्वारा विभिन्न रंगारंग कार्यक्रम  प्रस्तुत किए गए। इन कार्यक्रमों में  गढवाली नृत्य,  माँ पर समूह गीत, नाटक, अंग्रेजी गीत 'आई लव यू मम्मा'  व विभिन्न गतिविधियों को प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में बच्चों  की माताओं को आमंत्रित किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में माताओं ने उपस्थिति दी। ज्ञातव्य है कि विद्यालय में प्रत्येक माह का अंतिम शनिवार प्रतिभा दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन बच्चे विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों , प्रतियोगिताओं,विज्ञान, कला और हस्तशिल्प प्रदर्शनियों का आयोजन शिक्षकों के मार्गदर्शन में करते हैं। इस बार का प्रतिभा दिवस मातृत्व दिवस के रूप में मनाया गया, जिसमें विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों की माताओं को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था । सभी माताओं का स्वागत अक्षत- तिलक एवं बैज अलंकरण केआर किया गया। बच्चों ने अपनी- अपनी माताओं को मंच पर आमंत्रित कर स्वनिर्मित ग्रीटिंग कार्ड भी भेंट ...

इस विद्यालय में महिलाओं ने लगाई दौड़, मातृत्व दिवस का हुआ आयोजन: बच्चों के साथ माताओं ने भी किया प्रतिभाग, लौट आई अपने बचपन में

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अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज सौड़ा सरोली रायपुर देहरादून में दिनांक 28 मई 2022 को मातृत्व दिवस बड़ी धूमधाम के साथ मनाया गया। जिसमें बच्चों द्वारा विभिन्न रंगारंग कार्यक्रम  प्रस्तुत किए गए। इन कार्यक्रमों में  गढवाली नृत्य,  माँ पर समूह गीत, नाटक, अंग्रेजी गीत 'आई लव यू मम्मा'  व विभिन्न गतिविधियों को प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में बच्चों  की माताओं को आमंत्रित किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में माताओं ने उपस्थिति दी। ज्ञातव्य है कि विद्यालय में प्रत्येक माह का अंतिम शनिवार प्रतिभा दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन बच्चे विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों , प्रतियोगिताओं,विज्ञान, कला और हस्तशिल्प प्रदर्शनियों का आयोजन शिक्षकों के मार्गदर्शन में करते हैं। इस बार का प्रतिभा दिवस मातृत्व दिवस के रूप में मनाया गया, जिसमें विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों की माताओं को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था । सभी माताओं का स्वागत अक्षत- तिलक एवं बैज अलंकरण केआर किया गया। बच्चों ने अपनी- अपनी माताओं को मंच पर आमंत्रित कर स्वनिर्मित ग्रीटिंग कार्ड भी भेंट ...

भारतीय संस्कृति में है जीवन-मूल्यों और मानवतावाद का समावेश: नारद जी थे आद्य पत्रकार , नारद जयंती परयहाँ किया गया पत्रकारों को सम्मानित , पत्रिका हिमालय हुंकार के आजादी के अमृत महोत्सव विशेषांक का हुआ विमोचन

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विश्व  संवाद केंद्र देहरादून द्वारा  आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि आजादी के बाद के 75 वर्षों के कालखंड में वर्तमान समय भारत की पुनर्प्रतिष्ठा का समय है। हमारा देश प्राचीनकाल से ही शास्वत, सनातन संस्कृति का संवाहक रहा है, जिसने पूरे विश्व को जीवन-मूल्यों और मानवतावाद का पाठ पढ़ाया है। यही कारण है कि आज सारे विश्व में पूरब से लेकर पश्चिम तक, उत्तर से दक्षिण तक हमारे सांस्कृतिक चिह्न मिल रहे हैं। सुधांशु त्रिवेदी यहां देहरादून में नारद जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता बोल रहे थे उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से चाहे मीडिया हो या फिल्म जगत दोनों ही जगहों पर इस प्रकार का नैरेटिव बनाया गया कि भारतीय समाज और भारतीय जी वन मूल्यों का नैतिक पतन दिखाया गया. माला -कंठी पहने भगवा वस्त्र धारण करने वाले पात्रों को खलनायक अथवा कॉमेडियन के रूप में दि खाया जाता रहा है, जबकि अन्य संप्रदायों के पात्रों को चरित्रवान और सबकी मदद करने वाला व्यक्ति दर्शाया जाता रहा है। किसी भी देश को मानसिक गुलाम बनाने के एजेंडे क...

भारतीय संस्कृति में है जीवन-मूल्यों और मानवतावाद का समावेश: नारद जी थे आद्य पत्रकार , नारद जयंती परयहाँ किया गया पत्रकारों को सम्मानित , पत्रिका हिमालय हुंकार के आजादी के अमृत महोत्सव विशेषांक का हुआ विमोचन

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विश्व  संवाद केंद्र देहरादून द्वारा  आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि आजादी के बाद के 75 वर्षों के कालखंड में वर्तमान समय भारत की पुनर्प्रतिष्ठा का समय है। हमारा देश प्राचीनकाल से ही शास्वत, सनातन संस्कृति का संवाहक रहा है, जिसने पूरे विश्व को जीवन-मूल्यों और मानवतावाद का पाठ पढ़ाया है। यही कारण है कि आज सारे विश्व में पूरब से लेकर पश्चिम तक, उत्तर से दक्षिण तक हमारे सांस्कृतिक चिह्न मिल रहे हैं। सुधांशु त्रिवेदी यहां देहरादून में नारद जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता बोल रहे थे उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से चाहे मीडिया हो या फिल्म जगत दोनों ही जगहों पर इस प्रकार का नैरेटिव बनाया गया कि भारतीय समाज और भारतीय जी वन मूल्यों का नैतिक पतन दिखाया गया. माला -कंठी पहने भगवा वस्त्र धारण करने वाले पात्रों को खलनायक अथवा कॉमेडियन के रूप में दि खाया जाता रहा है, जबकि अन्य संप्रदायों के पात्रों को चरित्रवान और सबकी मदद करने वाला व्यक्ति दर्शाया जाता रहा है। किसी भी देश को मानसिक गुलाम बनाने के एजेंडे क...

भारतीय संस्कृति में है जीवन-मूल्यों और मानवतावाद का समावेश: नारद जी थे आद्य पत्रकार , नारद जयंती परयहाँ किया गया पत्रकारों को सम्मानित , पत्रिका हिमालय हुंकार के आजादी के अमृत महोत्सव विशेषांक का हुआ विमोचन

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विश्व  संवाद केंद्र देहरादून द्वारा  आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि आजादी के बाद के 75 वर्षों के कालखंड में वर्तमान समय भारत की पुनर्प्रतिष्ठा का समय है। हमारा देश प्राचीनकाल से ही शास्वत, सनातन संस्कृति का संवाहक रहा है, जिसने पूरे विश्व को जीवन-मूल्यों और मानवतावाद का पाठ पढ़ाया है। यही कारण है कि आज सारे विश्व में पूरब से लेकर पश्चिम तक, उत्तर से दक्षिण तक हमारे सांस्कृतिक चिह्न मिल रहे हैं। सुधांशु त्रिवेदी यहां देहरादून में नारद जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता बोल रहे थे उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से चाहे मीडिया हो या फिल्म जगत दोनों ही जगहों पर इस प्रकार का नैरेटिव बनाया गया कि भारतीय समाज और भारतीय जी वन मूल्यों का नैतिक पतन दिखाया गया. माला -कंठी पहने भगवा वस्त्र धारण करने वाले पात्रों को खलनायक अथवा कॉमेडियन के रूप में दि खाया जाता रहा है, जबकि अन्य संप्रदायों के पात्रों को चरित्रवान और सबकी मदद करने वाला व्यक्ति दर्शाया जाता रहा है। किसी भी देश को मानसिक गुलाम बनाने के एजेंडे क...

फाइवस्टार होटल में भी घर से लायी बाजरे की रोटी खाते थे ये सांसद, कभी नहीं लिया वेतन : जानकार यकीन नहीं होगा आपको

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स्वामी रामेश्वरानंद    वर्तमान समय में जहां एक ,विधायक, सांसद या कोई जनप्रतिनिधि बनना ही     अमीर हो जाने की गारंटी होने जैसा है। इतना ही नहीं कई लोग तो जनसेवा का ढोंग    करते- करते अरबों-खरबों की संपत्ति जमा कर अपनी सात पुश्तों तक का इंतजाम    कर लेते हैं, लेकिन आप यकीन नहीं करेंगे यह हमारे ही देश में कई ऐसे लोग भी हैं      और पहले भी हुए हैं जिन्होंने वास्तविक रुप से जन सेवा के लिए ही राजनीति की       राह पर कदम बढ़ाया। ऐसे ही एक व्यक्ति से हम आपका आज परिचय करा रहे हैं      भारत की तीसरी लोकसभा में हरियाणा की करनाल लोकसभा सीट से सांसद रहे     #स्वामी रामेश्वरानंद का नाम आज कितने लोग जानते हैं,दुख की बात है कि भौतिकता के इस युग में ऐसे लोगों का जिक्र ही नहीं होता। घोर पतन और भ्रष्टाचार के इस दौर में वर्तमान पीढ़ी को उनके आदर्शों के व्यवहार के बारे में जानना जरूरी है। सच में इस बात पर यकीन करना मुश्किल है कि कोई ऐसा सांसद भी हो सकता है। स्वामी रामेश्वरानंद आर्य समा...

फाइवस्टार होटल में भी घर से लायी बाजरे की रोटी खाते थे ये सांसद, कभी नहीं लिया वेतन : जानकार यकीन नहीं होगा आपको

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स्वामी रामेश्वरानंद    वर्तमान समय में जहां एक ,विधायक, सांसद या कोई जनप्रतिनिधि बनना ही     अमीर हो जाने की गारंटी होने जैसा है। इतना ही नहीं कई लोग तो जनसेवा का ढोंग    करते- करते अरबों-खरबों की संपत्ति जमा कर अपनी सात पुश्तों तक का इंतजाम    कर लेते हैं, लेकिन आप यकीन नहीं करेंगे यह हमारे ही देश में कई ऐसे लोग भी हैं      और पहले भी हुए हैं जिन्होंने वास्तविक रुप से जन सेवा के लिए ही राजनीति की       राह पर कदम बढ़ाया। ऐसे ही एक व्यक्ति से हम आपका आज परिचय करा रहे हैं      भारत की तीसरी लोकसभा में हरियाणा की करनाल लोकसभा सीट से सांसद रहे     #स्वामी रामेश्वरानंद का नाम आज कितने लोग जानते हैं,दुख की बात है कि भौतिकता के इस युग में ऐसे लोगों का जिक्र ही नहीं होता। घोर पतन और भ्रष्टाचार के इस दौर में वर्तमान पीढ़ी को उनके आदर्शों के व्यवहार के बारे में जानना जरूरी है। सच में इस बात पर यकीन करना मुश्किल है कि कोई ऐसा सांसद भी हो सकता है। स्वामी रामेश्वरानंद आर्य समा...

फाइवस्टार होटल में भी घर से लायी बाजरे की रोटी खाते थे ये सांसद, कभी नहीं लिया वेतन : जानकार यकीन नहीं होगा आपको

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स्वामी रामेश्वरानंद    वर्तमान समय में जहां एक ,विधायक, सांसद या कोई जनप्रतिनिधि बनना ही     अमीर हो जाने की गारंटी होने जैसा है। इतना ही नहीं कई लोग तो जनसेवा का ढोंग    करते- करते अरबों-खरबों की संपत्ति जमा कर अपनी सात पुश्तों तक का इंतजाम    कर लेते हैं, लेकिन आप यकीन नहीं करेंगे यह हमारे ही देश में कई ऐसे लोग भी हैं      और पहले भी हुए हैं जिन्होंने वास्तविक रुप से जन सेवा के लिए ही राजनीति की       राह पर कदम बढ़ाया। ऐसे ही एक व्यक्ति से हम आपका आज परिचय करा रहे हैं      भारत की तीसरी लोकसभा में हरियाणा की करनाल लोकसभा सीट से सांसद रहे     #स्वामी रामेश्वरानंद का नाम आज कितने लोग जानते हैं,दुख की बात है कि भौतिकता के इस युग में ऐसे लोगों का जिक्र ही नहीं होता। घोर पतन और भ्रष्टाचार के इस दौर में वर्तमान पीढ़ी को उनके आदर्शों के व्यवहार के बारे में जानना जरूरी है। सच में इस बात पर यकीन करना मुश्किल है कि कोई ऐसा सांसद भी हो सकता है। स्वामी रामेश्वरानंद आर्य समा...