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Showing posts from August, 2024

जनपदीय विज्ञान संगोष्ठी में अनंत बडोनी प्रथम, वैष्णवी और साक्षी रहे दूसरे और तीसरे स्थान पर

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विद्यालयी शिक्षा विभाग के अंतर्गत जनपद देहरादून में जनपद स्तरीय विज्ञान संगोष्ठी का आयोजन आज किया गया। आज दिनांक 31 अगस्त 2024 को साधुराम इंटर कॉलेज राजा रोड देहरादून में जिला स्तरीय विज्ञान संगोष्ठी "कृत्रिम बुद्धिमत्ता : सम्भाव्यता और सरोकार विषय पर आयोजित की गई। संगोष्ठी का शुभारम्भ मुख्य शिक्षा अधिकारी प्रदीप रावत, साधुराम इंटर कॉलेज  के प्रधानाचार्य श्रवण कुमार शर्मा द्वारा दीप प्रज्जवलन कर किया गया। रायपुर के  विकास खण्ड विज्ञान समन्वयक  दलजीत सिंह के मार्गदशन में राजकीय इंटर कॉलेज खुड बुडा देहरादून के विद्यार्थियों द्वारा सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। विकास खंड स्तर पर प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले बारह प्रतिभागियों ने जनपद स्तर पर  आयोजित इस संगोष्ठी में अपने विचार प्रस्तुत किए। मुख्य शिक्षा अधिकारी प्रदीप रावत ने शिक्षकों के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि आज वर्तमान समय में बच्चों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान देने  की आवश्यकता है। निर्णायक मंडल में सुप्रिय बहुखण्डी, सुनील रतूड़ी, गायत्री जोशी ने प्रतिभागिय...

जनपदीय विज्ञान संगोष्ठी में अनंत बडोनी प्रथम, वैष्णवी और साक्षी रहे दूसरे और तीसरे स्थान पर

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विद्यालयी शिक्षा विभाग के अंतर्गत जनपद देहरादून में जनपद स्तरीय विज्ञान संगोष्ठी का आयोजन आज किया गया। आज दिनांक 31 अगस्त 2024 को साधुराम इंटर कॉलेज राजा रोड देहरादून में जिला स्तरीय विज्ञान संगोष्ठी "कृत्रिम बुद्धिमत्ता : सम्भाव्यता और सरोकार विषय पर आयोजित की गई। संगोष्ठी का शुभारम्भ मुख्य शिक्षा अधिकारी प्रदीप रावत, साधुराम इंटर कॉलेज  के प्रधानाचार्य श्रवण कुमार शर्मा द्वारा दीप प्रज्जवलन कर किया गया। रायपुर के  विकास खण्ड विज्ञान समन्वयक  दलजीत सिंह के मार्गदशन में राजकीय इंटर कॉलेज खुड बुडा देहरादून के विद्यार्थियों द्वारा सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। विकास खंड स्तर पर प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले बारह प्रतिभागियों ने जनपद स्तर पर  आयोजित इस संगोष्ठी में अपने विचार प्रस्तुत किए। मुख्य शिक्षा अधिकारी प्रदीप रावत ने शिक्षकों के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि आज वर्तमान समय में बच्चों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान देने  की आवश्यकता है। निर्णायक मंडल में सुप्रिय बहुखण्डी, सुनील रतूड़ी, गायत्री जोशी ने प्रतिभागिय...

डायट देहरादून अंतरिक्ष दिवस पर कार्यक्रम,विभिन्न प्रतियोगिताओं का हुआ आयोजन

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जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान देहरादून में आज प्रथम राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य राम सिंह चौहान द्वारा किया गया उन्होंने कहा कि भारत ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में ही नहीं बल्कि विज्ञान के सभी आयामों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं यह गर्व का विषय है कि हम आज चंद्रयान की सफलता की वर्षगांठ मना  रहे हैं। कार्यक्रम समन्वयक डायट प्रवक्ता दीपिका पवार ने कहा कि आज 23 अगस्त को चंद्रयान के सफलतापूर्वक चंद्रमा पर लैंडिंग करने की वर्षगांठ है । इसी उपलक्ष्य में इस दिवस को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के रूप में मनाए जाने का निर्णय लिया गया है। आईआरएस की वरिष्ठ वैज्ञानिक पूनम तिवारी द्वारा इसरो के अंतरिक्ष कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी भी दी गई। आयोजन के क्रम में संस्थान में पोस्टर एवं क्विज प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम के आयोजन में हेमलता नौटियाल, प्रणय बहुगुणा,मृणाल सनवाल,शिशुपाल बिष्ट, ऋतु कुकरेती,सुनीता अधिकारी आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

डायट देहरादून अंतरिक्ष दिवस पर कार्यक्रम,विभिन्न प्रतियोगिताओं का हुआ आयोजन

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जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान देहरादून में आज प्रथम राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य राम सिंह चौहान द्वारा किया गया उन्होंने कहा कि भारत ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में ही नहीं बल्कि विज्ञान के सभी आयामों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं यह गर्व का विषय है कि हम आज चंद्रयान की सफलता की वर्षगांठ मना  रहे हैं। कार्यक्रम समन्वयक डायट प्रवक्ता दीपिका पवार ने कहा कि आज 23 अगस्त को चंद्रयान के सफलतापूर्वक चंद्रमा पर लैंडिंग करने की वर्षगांठ है । इसी उपलक्ष्य में इस दिवस को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के रूप में मनाए जाने का निर्णय लिया गया है। आईआरएस की वरिष्ठ वैज्ञानिक पूनम तिवारी द्वारा इसरो के अंतरिक्ष कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी भी दी गई। आयोजन के क्रम में संस्थान में पोस्टर एवं क्विज प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम के आयोजन में हेमलता नौटियाल, प्रणय बहुगुणा,मृणाल सनवाल,शिशुपाल बिष्ट, ऋतु कुकरेती,सुनीता अधिकारी आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अंतरिक्ष दिवस पर छात्रों को दी भारत के बढ़ते कदमों की जानकारी...

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देहरादून के चकराता विकासखंड के दूरस्थ विद्यालय राजकीय इंटर कॉलेज खरोडा में प्रथम राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया । इस अवसर पर प्रधानाचार्य गोविंद सिंह रौथाण ने अंतरिक्ष में भारत के बढ़ते कदम के अंतर्गत बताया कि भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के संस्थापक डॉक्टर ए साराभाई थे । उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के विकास के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए 15 अगस्त 1969 को इसरो की स्थापना की गई थी । भारत में पहली बार रॉकेट 20 नवंबर 1967 को बनाया गया था। इसका नाम R H75 रखा गया था । कार्यक्रम का संचालन करते हुए डॉक्टर उमेश चमोला ने कहा कि प्रथम राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस की थीम चंद्रमा को छूते हुए जीवन को छूना : भारत की अंतरिक्ष गाथा रखी गई है। उन्होंने मौसम की भविष्यवाणी के संदर्भ में उपग्रहों के योगदान पर प्रकाश डाला । उन्होंने कहा कि जिस प्रकार पृथ्वी का उपग्रह चंद्रमा है उसी प्रकार बृहस्पति के भी लगभग 80 चंद्रमा खोजे गए हैं। युद्धवीर सिंह ने अंतरिक्ष मिशन में भारत के वैज्ञानिकों के योगदान को याद करते हुए कहा कि भारत ने अंतरिक्ष खोज में आज विश्व स्तर पर अ...

अंतरिक्ष दिवस पर छात्रों को दी भारत के बढ़ते कदमों की जानकारी...

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देहरादून के चकराता विकासखंड के दूरस्थ विद्यालय राजकीय इंटर कॉलेज खरोडा में प्रथम राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया । इस अवसर पर प्रधानाचार्य गोविंद सिंह रौथाण ने अंतरिक्ष में भारत के बढ़ते कदम के अंतर्गत बताया कि भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के संस्थापक डॉक्टर ए साराभाई थे । उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के विकास के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए 15 अगस्त 1969 को इसरो की स्थापना की गई थी । भारत में पहली बार रॉकेट 20 नवंबर 1967 को बनाया गया था। इसका नाम R H75 रखा गया था । कार्यक्रम का संचालन करते हुए डॉक्टर उमेश चमोला ने कहा कि प्रथम राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस की थीम चंद्रमा को छूते हुए जीवन को छूना : भारत की अंतरिक्ष गाथा रखी गई है। उन्होंने मौसम की भविष्यवाणी के संदर्भ में उपग्रहों के योगदान पर प्रकाश डाला । उन्होंने कहा कि जिस प्रकार पृथ्वी का उपग्रह चंद्रमा है उसी प्रकार बृहस्पति के भी लगभग 80 चंद्रमा खोजे गए हैं। युद्धवीर सिंह ने अंतरिक्ष मिशन में भारत के वैज्ञानिकों के योगदान को याद करते हुए कहा कि भारत ने अंतरिक्ष खोज में आज विश्व स्तर पर अ...

रायपुर विकासखंड की विज्ञान संगोष्ठी में वैष्णवी रही प्रथम, अनंत और तनिका को मिला दूसरा और तीसरा स्थान

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माध्यमिक शिक्षा विभाग की वार्षिक गतिविधियों के अंतर्गत संचालित की जाने वाली विज्ञान संगोष्ठी में आज रायपुर विकासखंड स्तरीय संगोष्ठी का आयोजन राजकीय बालिका इंटर कॉलेज लक्खीबाग, देहरादून में किया गया। संगोष्ठी का शुभारंभ रायपुर की खंड शिक्षा अधिकारी हेमलता गौड़ उनियाल और आयोजक विद्यालय की प्रभारी प्रधानाचार्या सावित्री रयाल द्वारा दीप प्रज्वलन कर संयुक्त रूप से किया गया। विद्यालय की अध्यापिका कविता के  निर्देशन में छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना तथा स्वागत गीत की प्रस्तुति हुई। इस अवसर पर उपस्थित छात्रों और अध्यापकों को संबोधित करते हुए खंड शिक्षा अधिकारी हेमलता गौड़ उनियाल ने कहा कि वर्तमान युग में विज्ञान प्रत्येक क्षेत्र में योगदान दे रहा है। विज्ञान के महत्व को देखते हुए सभी अध्यापकों का दायित्व बनता है कि वे छात्र-छात्राओं को प्रेरित कर उनमें वैज्ञानिक अभिरुचि का विकास करने का प्रयास करें। प्रभारी प्रधानाचार्या सावित्री रयाल ने कहा कि बच्चों को विज्ञान का महत्व समझाते हुए नए-नए आविष्कारों और विज्ञान संबंधी खोजो की जानकारी से उन्हें अवगत कराना चाहिए। कृत्र...

रायपुर विकासखंड की विज्ञान संगोष्ठी में वैष्णवी रही प्रथम, अनंत और तनिका को मिला दूसरा और तीसरा स्थान

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माध्यमिक शिक्षा विभाग की वार्षिक गतिविधियों के अंतर्गत संचालित की जाने वाली विज्ञान संगोष्ठी में आज रायपुर विकासखंड स्तरीय संगोष्ठी का आयोजन राजकीय बालिका इंटर कॉलेज लक्खीबाग, देहरादून में किया गया। संगोष्ठी का शुभारंभ रायपुर की खंड शिक्षा अधिकारी हेमलता गौड़ उनियाल और आयोजक विद्यालय की प्रभारी प्रधानाचार्या सावित्री रयाल द्वारा दीप प्रज्वलन कर संयुक्त रूप से किया गया। विद्यालय की अध्यापिका कविता के  निर्देशन में छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना तथा स्वागत गीत की प्रस्तुति हुई। इस अवसर पर उपस्थित छात्रों और अध्यापकों को संबोधित करते हुए खंड शिक्षा अधिकारी हेमलता गौड़ उनियाल ने कहा कि वर्तमान युग में विज्ञान प्रत्येक क्षेत्र में योगदान दे रहा है। विज्ञान के महत्व को देखते हुए सभी अध्यापकों का दायित्व बनता है कि वे छात्र-छात्राओं को प्रेरित कर उनमें वैज्ञानिक अभिरुचि का विकास करने का प्रयास करें। प्रभारी प्रधानाचार्या सावित्री रयाल ने कहा कि बच्चों को विज्ञान का महत्व समझाते हुए नए-नए आविष्कारों और विज्ञान संबंधी खोजो की जानकारी से उन्हें अवगत कराना चाहिए। कृत्र...

आपदा प्रबंधन अधिकारी ने पुस्तक लेखन हेतु दिए महत्वपूर्ण सुझाव...

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आपदा प्रबंधन पर पुस्तक लेखन कार्यशाला में जनपद देहरादून की आपदा प्रबंधन अधिकारी डा. दीपशिखा ने विशेषज्ञ लेखकों को महत्वपूर्ण सुझाव दिए। आपदाओं की दृष्टि से संवेदनशील प्रदेश उत्तराखंड में विद्यार्थियों और जनमानस को जागरूक करने के उद्देश्य से राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद उत्तराखंड द्वारा कक्षा 9 और 10 के लिए आपदा प्रबंधन विषय पर पाठ्य पुस्तकों का विकास किया जा रहा है। पहले चरण में कक्षा 9 हेतु पाठ्यपुस्तक लेखन कार्य पूर्ण हो चुका है। वर्तमान में दूसरे चरण के अंतर्गत कक्षा 10 के विद्यार्थियों के लिए अजीम प्रेमजी फाउंडेशन सभागार देहरादून में पुस्तक लेखन कार्य किया जा रहा है, जिसमें प्रदेश भर से विषय विशेषज्ञों का आमंत्रित किया गया है। आज कार्यशाला के दूसरे दिन जनपद देहरादून की आपदा प्रबंधन अधिकारी डॉ. दीपशिखा ने विशेषज्ञ लेखकों के साथ गहन विचार विमर्श किया। उन्होंने प्रत्येक पाठ में शामिल पाठ्यवस्तु की गहन समीक्षा की तथा इसमें अपेक्षित सुधार हेतु बहुमूल्य सुझाव भी दिए । उन्होंने कहा कि यह पुस्तक केवल विद्यार्थियों के लिए ही नहीं बल्कि अभिभावकों और आम जनमानस...

आपदा प्रबंधन अधिकारी ने पुस्तक लेखन हेतु दिए महत्वपूर्ण सुझाव...

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आपदा प्रबंधन पर पुस्तक लेखन कार्यशाला में जनपद देहरादून की आपदा प्रबंधन अधिकारी डा. दीपशिखा ने विशेषज्ञ लेखकों को महत्वपूर्ण सुझाव दिए। आपदाओं की दृष्टि से संवेदनशील प्रदेश उत्तराखंड में विद्यार्थियों और जनमानस को जागरूक करने के उद्देश्य से राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद उत्तराखंड द्वारा कक्षा 9 और 10 के लिए आपदा प्रबंधन विषय पर पाठ्य पुस्तकों का विकास किया जा रहा है। पहले चरण में कक्षा 9 हेतु पाठ्यपुस्तक लेखन कार्य पूर्ण हो चुका है। वर्तमान में दूसरे चरण के अंतर्गत कक्षा 10 के विद्यार्थियों के लिए अजीम प्रेमजी फाउंडेशन सभागार देहरादून में पुस्तक लेखन कार्य किया जा रहा है, जिसमें प्रदेश भर से विषय विशेषज्ञों का आमंत्रित किया गया है। आज कार्यशाला के दूसरे दिन जनपद देहरादून की आपदा प्रबंधन अधिकारी डॉ. दीपशिखा ने विशेषज्ञ लेखकों के साथ गहन विचार विमर्श किया। उन्होंने प्रत्येक पाठ में शामिल पाठ्यवस्तु की गहन समीक्षा की तथा इसमें अपेक्षित सुधार हेतु बहुमूल्य सुझाव भी दिए । उन्होंने कहा कि यह पुस्तक केवल विद्यार्थियों के लिए ही नहीं बल्कि अभिभावकों और आम जनमानस...

आपदा प्रबंधन विषय पर कक्षा 10 हेतु पाठ्यपुस्तक लेखन प्रारंभ, एससीईआरटी द्वारा आयोजित की जा रही है कार्यशाला

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आपदा की दृष्टि से संवेदनशील उत्तराखंड प्रदेश के बच्चों को विद्यालयी शिक्षा के अंतर्गत आपदा प्रबंधन का पाठ पढ़ाने के लिए एससीईआरटी  उत्तराखंड द्वारा विशेष कवायद की जा रही है। निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण बंदना गर्ब्याल और निदेशक माध्यमिक शिक्षा अजय कुमार नौडियाल के निर्देशन में आपदा प्रबंधन विषय पर कक्षा 10 के छात्रों हेतु पाठ्यपुस्तक विकास कार्यशाला का शुभारंभ आज अजीम प्रेमजी फाउंडेशन सभागार तरला आमवाला देहरादून में हुआ। कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए निदेशक अकादमी शोध एवं प्रशिक्षण बंदना गर्ब्याल ने कहा कि आपदा की दृष्टि से संवेदनशील प्रदेश के पाठ्यक्रम में इस महत्वपूर्ण विषय को प्रमुख स्थान देने के लिए चरणबद्ध रूप से पाठ्य पुस्तकों का विकास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में कक्षा 9 हेतु आपदा प्रबंधन पर पाठ्य पुस्तक का विकास किया जा चुका है जिसे अंतिम रूप दिया जा रहा है। कक्षा 10 हेतु पाठ्यपुस्तक विकास कार्यशाला आज प्रारंभ हो गई है। पुस्तक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के आलोक में स्थानीयता, भारतीय ज्ञान प्रणाली और मूल्य आधारित शिक्षा को ध्यान में रखते ...

आपदा प्रबंधन विषय पर कक्षा 10 हेतु पाठ्यपुस्तक लेखन प्रारंभ, एससीईआरटी द्वारा आयोजित की जा रही है कार्यशाला

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आपदा की दृष्टि से संवेदनशील उत्तराखंड प्रदेश के बच्चों को विद्यालयी शिक्षा के अंतर्गत आपदा प्रबंधन का पाठ पढ़ाने के लिए एससीईआरटी  उत्तराखंड द्वारा विशेष कवायद की जा रही है। निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण बंदना गर्ब्याल और निदेशक माध्यमिक शिक्षा अजय कुमार नौडियाल के निर्देशन में आपदा प्रबंधन विषय पर कक्षा 10 के छात्रों हेतु पाठ्यपुस्तक विकास कार्यशाला का शुभारंभ आज अजीम प्रेमजी फाउंडेशन सभागार तरला आमवाला देहरादून में हुआ। कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए निदेशक अकादमी शोध एवं प्रशिक्षण बंदना गर्ब्याल ने कहा कि आपदा की दृष्टि से संवेदनशील प्रदेश के पाठ्यक्रम में इस महत्वपूर्ण विषय को प्रमुख स्थान देने के लिए चरणबद्ध रूप से पाठ्य पुस्तकों का विकास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में कक्षा 9 हेतु आपदा प्रबंधन पर पाठ्य पुस्तक का विकास किया जा चुका है जिसे अंतिम रूप दिया जा रहा है। कक्षा 10 हेतु पाठ्यपुस्तक विकास कार्यशाला आज प्रारंभ हो गई है। पुस्तक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के आलोक में स्थानीयता, भारतीय ज्ञान प्रणाली और मूल्य आधारित शिक्षा को ध्यान में रखते ...