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मशरूम गर्ल ने बच्चों को बताए उद्यमिता के मंत्र, अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज सौड़ा सरोली में हुआ यह आयोजन

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देश विदेश में उत्तराखंड का नाम रोशन करने वाली उत्तराखंड की बेटी, मशरुम गर्ल्स के नाम से विख्यात दिव्या रावत ने आज छात्र छात्राओं के साथ खुलकर अपने अनुभव बाते और बच्चों को उद्यमिता के सूत्र भी सिखाए। अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज सौडा सरोली देहरादून में आज विद्यालय के करियर एवं गाइडेंस काउंसलिंग(बालसखा) प्रकोष्ठ के तत्वावधान में उद्यमिता कार्यशाला का आयोजन किया गया कार्यशाला में मुख्य अतिथि मशरूम गर्ल दिव्या रावत ने बच्चों को मशरूम उत्पादन के विभिन्न पहलुओं पर महत्वपूर्ण जानकारी दी। कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि दिव्या रावत प्रधानाचार्य खुशीराम रतूड़ी तथा विद्यालय समन्वयक प्रदीप बहुगुणा द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए दिव्या रावत ने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए यह जरुरी है कि आप जो भी काम करें, लगन और मेहनत से करें। शुरू किए गए कार्य को बीच में कभी न छोड़ें। यदि आप किसी एक कार्य को पूर्ण मनोयोग से करेंगे तो उसमें सफलता अवश्य मिलेगी। उन्होंने मशरुम की अलग-अलग प्रकार की किस्मों के बारे में जानकारी दी तथा अपन...

मशरूम गर्ल ने बच्चों को बताए उद्यमिता के मंत्र, अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज सौड़ा सरोली में हुआ यह आयोजन

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देश विदेश में उत्तराखंड का नाम रोशन करने वाली उत्तराखंड की बेटी, मशरुम गर्ल्स के नाम से विख्यात दिव्या रावत ने आज छात्र छात्राओं के साथ खुलकर अपने अनुभव बाते और बच्चों को उद्यमिता के सूत्र भी सिखाए। अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज सौडा सरोली देहरादून में आज विद्यालय के करियर एवं गाइडेंस काउंसलिंग(बालसखा) प्रकोष्ठ के तत्वावधान में उद्यमिता कार्यशाला का आयोजन किया गया कार्यशाला में मुख्य अतिथि मशरूम गर्ल दिव्या रावत ने बच्चों को मशरूम उत्पादन के विभिन्न पहलुओं पर महत्वपूर्ण जानकारी दी। कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि दिव्या रावत प्रधानाचार्य खुशीराम रतूड़ी तथा विद्यालय समन्वयक प्रदीप बहुगुणा द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए दिव्या रावत ने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए यह जरुरी है कि आप जो भी काम करें, लगन और मेहनत से करें। शुरू किए गए कार्य को बीच में कभी न छोड़ें। यदि आप किसी एक कार्य को पूर्ण मनोयोग से करेंगे तो उसमें सफलता अवश्य मिलेगी। उन्होंने मशरुम की अलग-अलग प्रकार की किस्मों के बारे में जानकारी दी तथा अपन...

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 हेतु शिक्षा अधिकारियों का हुआ अभिमुखीकरण,निदेशक को सेवानिवृत्ति पर किया सम्मानित

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राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 के आलोक में संचालित विभिन्न कार्यक्रमों के क्रियान्वयन हेतु शिक्षा अधिकारियों की अभिमुखीकरण कार्यशाला दिनांक 27 दिसंबर 2023 को निदेशालय प्रारंभिक शिक्षा, उत्तराखंड के सभागार में आयोजित की गई। कार्यशाला में राज्य के सभी खण्डशिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक, प्रारंभिक और मुख्यशिक्षा अधिकारी सहित मंडलीय अपर निदेशक, और मुख्यालय के समस्त अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण उत्तराखण्ड बंदना गर्ब्याल ,निदेशक प्रारंभिक शिक्षा आर के उनियाल, निदेशक संस्कृत एस पी खाली ,अपर निदेशक एससीईआरटी अजय नौडियाल, अपर निदेशक महाबीर सिंह बिष्ट, एस बी जोशी, कंचन देवराड़ी संयुक्त निदेशक एन ई पी प्रकोष्ठ एवं शैलेन्द्र अमोली उप निदेशक, एनईपी प्रकोष्ठ ने दीप प्रज्वलित कर किया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा- 2022 के आलोक में बुनियादी स्तर हेतु राज्य पाठ्यचर्या की रूपरेखा- 2023 को निर्मित किया गया है जिसके कार्यान्वयन हेतु राज्य के शिक्षाधिकारियों का अभिमुखीकर...

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 हेतु शिक्षा अधिकारियों का हुआ अभिमुखीकरण,निदेशक को सेवानिवृत्ति पर किया सम्मानित

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राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 के आलोक में संचालित विभिन्न कार्यक्रमों के क्रियान्वयन हेतु शिक्षा अधिकारियों की अभिमुखीकरण कार्यशाला दिनांक 27 दिसंबर 2023 को निदेशालय प्रारंभिक शिक्षा, उत्तराखंड के सभागार में आयोजित की गई। कार्यशाला में राज्य के सभी खण्डशिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक, प्रारंभिक और मुख्यशिक्षा अधिकारी सहित मंडलीय अपर निदेशक, और मुख्यालय के समस्त अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण उत्तराखण्ड बंदना गर्ब्याल ,निदेशक प्रारंभिक शिक्षा आर के उनियाल, निदेशक संस्कृत एस पी खाली ,अपर निदेशक एससीईआरटी अजय नौडियाल, अपर निदेशक महाबीर सिंह बिष्ट, एस बी जोशी, कंचन देवराड़ी संयुक्त निदेशक एन ई पी प्रकोष्ठ एवं शैलेन्द्र अमोली उप निदेशक, एनईपी प्रकोष्ठ ने दीप प्रज्वलित कर किया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा- 2022 के आलोक में बुनियादी स्तर हेतु राज्य पाठ्यचर्या की रूपरेखा- 2023 को निर्मित किया गया है जिसके कार्यान्वयन हेतु राज्य के शिक्षाधिकारियों का अभिमुखीकर...

विद्यालयों में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों का होगा संचालन,छात्र सीखेंगे नए कौशल,समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित

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राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की अनुशंसांओं तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्किल इंडिया संबंधी विजन को अमली जामा पहनाने के क्रम में उत्तराखंड राज्य के माध्यमिक विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए आज राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा व महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा बंशीधर तिवारी द्वारा एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। समग्र शिक्षा के अन्तर्गत प्रदेश के 331 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा के संचालन हेतु आज राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा बंशीधर तिवारी एवं विजन इण्डिया सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के इण्डिया प्रमुख मोहित रस्तोगी के मध्य एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये गये। इन पाठ्यक्रमों का होगा समावेश समझौता ज्ञापन के अनुसार राज्य के 331 विद्यालयों में 07 व्यवसायों के पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे, जिनमें एग्रीकल्चर, ऑटोमोटिव, ब्यूटी एण्ड वेलनेस, आई-टी, इलेक्ट्रॉनिक्स एण्ड हार्डवेयर, टूरिज्म एण्ड हॉस्पिटेलिटी और प्लम्बर शामिल हैं। जनपद वार विद्यालयों की संख्या समझौता ज्ञापन के अनुसार अल्मोड़ा के 42, बागेश्वर के 14 , चमोली के 2...

विद्यालयों में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों का होगा संचालन,छात्र सीखेंगे नए कौशल,समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित

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राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की अनुशंसांओं तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्किल इंडिया संबंधी विजन को अमली जामा पहनाने के क्रम में उत्तराखंड राज्य के माध्यमिक विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए आज राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा व महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा बंशीधर तिवारी द्वारा एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। समग्र शिक्षा के अन्तर्गत प्रदेश के 331 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा के संचालन हेतु आज राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा बंशीधर तिवारी एवं विजन इण्डिया सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के इण्डिया प्रमुख मोहित रस्तोगी के मध्य एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये गये। इन पाठ्यक्रमों का होगा समावेश समझौता ज्ञापन के अनुसार राज्य के 331 विद्यालयों में 07 व्यवसायों के पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे, जिनमें एग्रीकल्चर, ऑटोमोटिव, ब्यूटी एण्ड वेलनेस, आई-टी, इलेक्ट्रॉनिक्स एण्ड हार्डवेयर, टूरिज्म एण्ड हॉस्पिटेलिटी और प्लम्बर शामिल हैं। जनपद वार विद्यालयों की संख्या समझौता ज्ञापन के अनुसार अल्मोड़ा के 42, बागेश्वर के 14 , चमोली के 2...

यहां खरीदी गई थी दुनिया की सबसे महंगी जमीन,बदले में मांगा था अद्भुत वरदान

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आपने दुनिया में एक से बढ़कर एक महंगी जमीनों के बारे में सुना होगा, लेकिन...क्या आप जानते हैं कि विश्व में आज तक की सबसे महंगी ज़मीन कहाँ पर बिकी है? चित्र : साभार(इंटरनेट) यदि आप सोच रहे हैं कि सबसे महंगी जमीन दुनिया में इंग्लैंड,अमेरिका, स्विट्जरलैंड,फ्रांस या किसी अन्य देश में है, तो आप गलत हैं दुनिया की सबसे महंगी जमीन का सौदा अगर कहीं आज तक हुआ है तो वह हुआ है अपने ही भारत में। विश्व में आज तक भूमि के किसी टुकड़े का सबसे अधिक दाम चुकाया गया है वह है हमारे भारत में...पंजाब में स्थित सिरहिन्द में विश्व की इस सबसे महंगी भूमि को ख़रीदने वाले महान व्यक्ति थे, जिन्हें हम दीवान टोडरमल जी के नाम से जानते हैं। गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबज़ादों बाबा फ़तह सिंह और बाबा ज़ोरावर सिंह की शहादत की दास्तान शायद आप सबने कभी ना कभी कहीं ना कहीं से सुनी होगी...यहीं सिरहिन्द के फ़तहगढ़ साहिब में मुग़लों के तत्कालीन फ़ौजदार वज़ीर खान ने दोनों साहिबज़ादों को जीवित ही दीवार में चिनवा दिया था. इन्ही के याद में प्रतिवर्ष हम वीर बाल दिवस मनाते हैं। दीवान टोडरमल जी, जो कि इस क्षेत्र ...

यहां खरीदी गई थी दुनिया की सबसे महंगी जमीन,बदले में मांगा था अद्भुत वरदान

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आपने दुनिया में एक से बढ़कर एक महंगी जमीनों के बारे में सुना होगा, लेकिन...क्या आप जानते हैं कि विश्व में आज तक की सबसे महंगी ज़मीन कहाँ पर बिकी है? चित्र : साभार(इंटरनेट) यदि आप सोच रहे हैं कि सबसे महंगी जमीन दुनिया में इंग्लैंड,अमेरिका, स्विट्जरलैंड,फ्रांस या किसी अन्य देश में है, तो आप गलत हैं दुनिया की सबसे महंगी जमीन का सौदा अगर कहीं आज तक हुआ है तो वह हुआ है अपने ही भारत में। विश्व में आज तक भूमि के किसी टुकड़े का सबसे अधिक दाम चुकाया गया है वह है हमारे भारत में...पंजाब में स्थित सिरहिन्द में विश्व की इस सबसे महंगी भूमि को ख़रीदने वाले महान व्यक्ति थे, जिन्हें हम दीवान टोडरमल जी के नाम से जानते हैं। गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबज़ादों बाबा फ़तह सिंह और बाबा ज़ोरावर सिंह की शहादत की दास्तान शायद आप सबने कभी ना कभी कहीं ना कहीं से सुनी होगी...यहीं सिरहिन्द के फ़तहगढ़ साहिब में मुग़लों के तत्कालीन फ़ौजदार वज़ीर खान ने दोनों साहिबज़ादों को जीवित ही दीवार में चिनवा दिया था. इन्ही के याद में प्रतिवर्ष हम वीर बाल दिवस मनाते हैं। दीवान टोडरमल जी, जो कि इस क्षेत्र ...

राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में कवियों ने सर्द मौसम में भी दौड़ा दी लहू में गर्मी, बाल कवियों ने भी दी दस्तक

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वीर बाल दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रीय कवि संगम द्वारा देहरादून में आयोजित राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में देशभर से आए कवियों ने अपनी कविताओं के माध्यम से सर्दी के मौसम में भी श्रोताओं के लहू में गर्मी दौड़ा दी। सोसायटी फॉर मिशन 4G प्लस व भारतीय विकास और शिक्षण संस्थान द्वारा आयोजित दो दिवसीय शरदोत्सव के दूसरे दिन राष्ट्रीय कवि संगम संस्था द्वारा राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कवि सम्मेलन में देश भर से आए प्रतिष्ठित कवियों के साथ युवा एवं बाल कवियों ने भी प्रतिभाग किया।एक ही मंच पर इतने कवियों की ओजपूर्ण काव्य प्रस्तुतियों ने देहरादून के सर्द मौसम में भी जोश की लहर पैदा कर दी। कवि सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि बोलते हुए राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने कहा कि वर्तमान युग एक प्रकार का संधिकाल है, जो नए भारत के निर्माण का गवाह है। भव्य राम मंदिर निर्माण की बात करते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के अमृतकाल में देश में वो बदलाव हो रहे हैं,जिनकी जनमानस को सदियों से प्रतीक्षा थी। विशिष्ट अतिथि विश्व संवाद केंद्र के निदेशक विजय कुमार ने कहा कि कलम में समाज को जगाने और बदलने ...

राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में कवियों ने सर्द मौसम में भी दौड़ा दी लहू में गर्मी, बाल कवियों ने भी दी दस्तक

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वीर बाल दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रीय कवि संगम द्वारा देहरादून में आयोजित राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में देशभर से आए कवियों ने अपनी कविताओं के माध्यम से सर्दी के मौसम में भी श्रोताओं के लहू में गर्मी दौड़ा दी। सोसायटी फॉर मिशन 4G प्लस व भारतीय विकास और शिक्षण संस्थान द्वारा आयोजित दो दिवसीय शरदोत्सव के दूसरे दिन राष्ट्रीय कवि संगम संस्था द्वारा राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कवि सम्मेलन में देश भर से आए प्रतिष्ठित कवियों के साथ युवा एवं बाल कवियों ने भी प्रतिभाग किया।एक ही मंच पर इतने कवियों की ओजपूर्ण काव्य प्रस्तुतियों ने देहरादून के सर्द मौसम में भी जोश की लहर पैदा कर दी। कवि सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि बोलते हुए राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने कहा कि वर्तमान युग एक प्रकार का संधिकाल है, जो नए भारत के निर्माण का गवाह है। भव्य राम मंदिर निर्माण की बात करते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के अमृतकाल में देश में वो बदलाव हो रहे हैं,जिनकी जनमानस को सदियों से प्रतीक्षा थी। विशिष्ट अतिथि विश्व संवाद केंद्र के निदेशक विजय कुमार ने कहा कि कलम में समाज को जगाने और बदलने ...

संस्कार और आधुनिकता: प्रेरक कथा

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बेटा अब खुद कमाने वाला हो गया था ... इसलिए बात-बात पर अपनी माँ से झगड़ पड़ता था। ये वही माँ थी जो बेटे के लिए पति से भी लड़ जाती थी। मगर अब आर्थिक रूप से स्वतंत्र बेटा पिता के कई बार समझाने पर भी अनसुना कर देता और कहता, "यही तो उम्र है शौक की,खाने पहनने की, जब आपकी तरह मुँह में दाँत और पेट में आंत ही नहीं रहेगी तो क्या करूँगा।" बहू खुशबू भी भरे पूरे परिवार से आई थी, इसलिए बेटे की गृहस्थी की खुशबू में रम गई थी। बेटे की नौकरी अच्छी थी तो उसके दोस्तों की मंडली भी उसी हिसाब से आधुनिक थी। बहू को अक्सर वह पुराने स्टाइल के कपड़े छोड़ कर मॉडर्न बनने को कहता, मगर बहू मना कर देती ..... वो कहता "कमाल करती हो तुम, आजकल सारा ज़माना ऐसा करता है,मैं क्या कुछ नया कर रहा हूँ। तुम्हारे सुख के लिए सब कर रहा हूँ और तुम हो कि उन्हीं पुराने विचारों में अटकी हो। क्वालिटी लाइफ क्या होती है तुम्हें मालूम ही नहीं।" और बहू कहती "क्वालिटी लाइफ क्या होती है, ये मुझे जानना भी नहीं है, क्योकि लाइफ की क्वालिटी क्या हो, मैं इस बात में विश्वास रखती हूँ।" एक दिन अचानक पापा आई. सी. यू...

संस्कार और आधुनिकता: प्रेरक कथा

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बेटा अब खुद कमाने वाला हो गया था ... इसलिए बात-बात पर अपनी माँ से झगड़ पड़ता था। ये वही माँ थी जो बेटे के लिए पति से भी लड़ जाती थी। मगर अब आर्थिक रूप से स्वतंत्र बेटा पिता के कई बार समझाने पर भी अनसुना कर देता और कहता, "यही तो उम्र है शौक की,खाने पहनने की, जब आपकी तरह मुँह में दाँत और पेट में आंत ही नहीं रहेगी तो क्या करूँगा।" बहू खुशबू भी भरे पूरे परिवार से आई थी, इसलिए बेटे की गृहस्थी की खुशबू में रम गई थी। बेटे की नौकरी अच्छी थी तो उसके दोस्तों की मंडली भी उसी हिसाब से आधुनिक थी। बहू को अक्सर वह पुराने स्टाइल के कपड़े छोड़ कर मॉडर्न बनने को कहता, मगर बहू मना कर देती ..... वो कहता "कमाल करती हो तुम, आजकल सारा ज़माना ऐसा करता है,मैं क्या कुछ नया कर रहा हूँ। तुम्हारे सुख के लिए सब कर रहा हूँ और तुम हो कि उन्हीं पुराने विचारों में अटकी हो। क्वालिटी लाइफ क्या होती है तुम्हें मालूम ही नहीं।" और बहू कहती "क्वालिटी लाइफ क्या होती है, ये मुझे जानना भी नहीं है, क्योकि लाइफ की क्वालिटी क्या हो, मैं इस बात में विश्वास रखती हूँ।" एक दिन अचानक पापा आई. सी. यू...

एससीईआरटी ने तैयार कराया ई कंटेंट,डिजिटल लर्निंग हेतु महत्वपूर्ण कदम

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राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद उत्तराखंड गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सामग्री निर्माण हेतु सतत प्रयासरत है, इसी क्रम में राज्य भर के चुनिंदा शिक्षकों की कार्यशाला में बहुपयोगी ई कंटेंट तैयार कराया गया। उत्तराखंड राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) ने 18 से 23 दिसंबर 2023 तक देहरादून के एक निजी होटल में आयोजित हुई ई-कंटेन्ट निर्माण कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यशाला में 30 विषय विशेषज्ञ शिक्षकों ने एक सप्ताह तक मेहनत करके डिजिटल ई-कंटेन्ट बनाया, जिसमें टेक्स्ट स्क्रिप्ट, विडियो स्क्रिप्ट, और दीक्षा पोर्टल के अनुरूप डिजिटल सामग्री शामिल थी। आज कार्यशाला के समापन सत्र में संयुक्त निदेशक कंचन देवराड़ी और उप निदेशक शैलेन्द्र अमोली ने शिक्षकों के बनाए गए ई-कंटेन्ट की समीक्षा की और सुझावों के साथ प्रतिभागियों को बधाई दी। उन्होंने इस सामग्री की गुणवत्ता को सराहा और भविष्य के लिए सहयोग करने का आग्रह किया। ई-कंटेन्ट निर्माता शिक्षकों के साथ मिलकर कार्यशाला में आई सी टी के दक्ष माडरैटर और समीक्षकों ने भी पूर्णकालिक सत्रों में कार्य निष्पादन हेतु योगदान दिय...

एससीईआरटी ने तैयार कराया ई कंटेंट,डिजिटल लर्निंग हेतु महत्वपूर्ण कदम

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राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद उत्तराखंड गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सामग्री निर्माण हेतु सतत प्रयासरत है, इसी क्रम में राज्य भर के चुनिंदा शिक्षकों की कार्यशाला में बहुपयोगी ई कंटेंट तैयार कराया गया। उत्तराखंड राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) ने 18 से 23 दिसंबर 2023 तक देहरादून के एक निजी होटल में आयोजित हुई ई-कंटेन्ट निर्माण कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यशाला में 30 विषय विशेषज्ञ शिक्षकों ने एक सप्ताह तक मेहनत करके डिजिटल ई-कंटेन्ट बनाया, जिसमें टेक्स्ट स्क्रिप्ट, विडियो स्क्रिप्ट, और दीक्षा पोर्टल के अनुरूप डिजिटल सामग्री शामिल थी। आज कार्यशाला के समापन सत्र में संयुक्त निदेशक कंचन देवराड़ी और उप निदेशक शैलेन्द्र अमोली ने शिक्षकों के बनाए गए ई-कंटेन्ट की समीक्षा की और सुझावों के साथ प्रतिभागियों को बधाई दी। उन्होंने इस सामग्री की गुणवत्ता को सराहा और भविष्य के लिए सहयोग करने का आग्रह किया। ई-कंटेन्ट निर्माता शिक्षकों के साथ मिलकर कार्यशाला में आई सी टी के दक्ष माडरैटर और समीक्षकों ने भी पूर्णकालिक सत्रों में कार्य निष्पादन हेतु योगदान दिय...