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Showing posts from April, 2024

छात्राओं ने मनाया सचिन तेंदुलकर का जन्मदिन, पृथ्वी दिवस प्रतियोगिताओं के विजेता भी हुए पुरस्कृत

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क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के जन्म दिवस को आज दिनांक 24 अप्रैल 2024 को पीएम श्री विद्यालय राजकीय बालिका इंटर कॉलेज राजपुर रोड में धूमधाम से मनाया गया। विद्यालय की क्रिकेट टीमों की सदस्य छात्राओं ने प्रधानाचार्या प्रेमलता बौड़ाई की अगुवाई में खेल अध्यापिका नीलम नेगी , क्रिकेट कोच प्रदीप कुमार तथा योग /आत्म सुरक्षा प्रशिक्षक सुरेंद्र के साथ केक काटकर इस अवसर पर महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की। इस अवसर पर एक मैत्री मैच का आयोजन किया गया जिसमें जीजीआईसी लेपर्ड्स तथा जीजीआईसी पैंथर्स का मुकाबला हुआ जिसमें पैंथर्स ने टॉस जीत कर गेंदबाजी करने का फैसला लिया। लेपर्ड्स टीम ने बल्लेबाजी करते हुए 10 ओवर में 8 विकेट खोकर 60 रन बनाए तथा पैंथर्स टीम ने 8 विकेट खोकर 59 रन बनाए। इस प्रकार जीजीआईसी लेपर्ड ने एक रन से जीत हासिल की। इस प्रकार से छात्राओं ने खेल के माध्यम से महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर को याद किया। पृथ्वी दिवस पर आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेताओं को किया पुरस्कृत विगत 22 अप्रैल को इसी विद्यालय में अंतरराष्ट्रीय ...

छात्राओं ने मनाया सचिन तेंदुलकर का जन्मदिन, पृथ्वी दिवस प्रतियोगिताओं के विजेता भी हुए पुरस्कृत

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क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के जन्म दिवस को आज दिनांक 24 अप्रैल 2024 को पीएम श्री विद्यालय राजकीय बालिका इंटर कॉलेज राजपुर रोड में धूमधाम से मनाया गया। विद्यालय की क्रिकेट टीमों की सदस्य छात्राओं ने प्रधानाचार्या प्रेमलता बौड़ाई की अगुवाई में खेल अध्यापिका नीलम नेगी , क्रिकेट कोच प्रदीप कुमार तथा योग /आत्म सुरक्षा प्रशिक्षक सुरेंद्र के साथ केक काटकर इस अवसर पर महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की। इस अवसर पर एक मैत्री मैच का आयोजन किया गया जिसमें जीजीआईसी लेपर्ड्स तथा जीजीआईसी पैंथर्स का मुकाबला हुआ जिसमें पैंथर्स ने टॉस जीत कर गेंदबाजी करने का फैसला लिया। लेपर्ड्स टीम ने बल्लेबाजी करते हुए 10 ओवर में 8 विकेट खोकर 60 रन बनाए तथा पैंथर्स टीम ने 8 विकेट खोकर 59 रन बनाए। इस प्रकार जीजीआईसी लेपर्ड ने एक रन से जीत हासिल की। इस प्रकार से छात्राओं ने खेल के माध्यम से महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर को याद किया। पृथ्वी दिवस पर आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेताओं को किया पुरस्कृत विगत 22 अप्रैल को इसी विद्यालय में अंतरराष्ट्रीय ...

राजकीय विद्यालय के छात्र कार्तिकेय की बड़ी उपलब्धि:भारतीय विज्ञान संस्थान के विज्ञान संवर्धन कार्यक्रम में करेंगे प्रतिभाग

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कहा जाता है कि बहता हुआ पानी और व्यक्ति की प्रतिभा अपना रास्ता स्वयं खोज लेती है। यह बात शत-प्रतिशत लागू होती है राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज थराली चमोली के छात्र कार्तिकेय पर। उत्तराखंड के लिए एक बड़ी उपलब्धि के रूप में कार्तिकेय कुंवर को भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी) बेंगलुरू में आयोजित होने वाले विज्ञान संवर्धन कार्यक्रम (एसईपी) SEP@IISc- 2024 में प्रतिभाग हेतु चुना गया है। साधारण परिवार में जन्मे सत्रह वर्षीय कार्तिकेय के पिता एक छोटी सी दुकान चलाते हैं, और माता गृहणी हैं। बचपन से ही मेधावी छात्र रहे कार्तिकेय जीएमआईसी थराली में पढ़ रहे हैं। हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में उन्होंने गणित में 100 में से 100 अंक और विज्ञान में 98 अंक हासिल करके उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा में छठा स्थान हासिल किया था। फिलहाल वे 12वीं कक्षा में है और पूरी लगन से जेईई परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। अंतरिक्ष और प्रौद्योगिकी में गहरी रुचि रखने वाले  कार्तिकेय भविष्य में एयरोस्पेस इंजीनियर बनना चाहते हैं और आईआईटी मद्रास के माध्यम से अपना करियर बनाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने ऑनलाइन परीक्षा...

राजकीय विद्यालय के छात्र कार्तिकेय की बड़ी उपलब्धि:भारतीय विज्ञान संस्थान के विज्ञान संवर्धन कार्यक्रम में करेंगे प्रतिभाग

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कहा जाता है कि बहता हुआ पानी और व्यक्ति की प्रतिभा अपना रास्ता स्वयं खोज लेती है। यह बात शत-प्रतिशत लागू होती है राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज थराली चमोली के छात्र कार्तिकेय पर। उत्तराखंड के लिए एक बड़ी उपलब्धि के रूप में कार्तिकेय कुंवर को भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी) बेंगलुरू में आयोजित होने वाले विज्ञान संवर्धन कार्यक्रम (एसईपी) SEP@IISc- 2024 में प्रतिभाग हेतु चुना गया है। साधारण परिवार में जन्मे सत्रह वर्षीय कार्तिकेय के पिता एक छोटी सी दुकान चलाते हैं, और माता गृहणी हैं। बचपन से ही मेधावी छात्र रहे कार्तिकेय जीएमआईसी थराली में पढ़ रहे हैं। हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में उन्होंने गणित में 100 में से 100 अंक और विज्ञान में 98 अंक हासिल करके उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा में छठा स्थान हासिल किया था। फिलहाल वे 12वीं कक्षा में है और पूरी लगन से जेईई परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। अंतरिक्ष और प्रौद्योगिकी में गहरी रुचि रखने वाले  कार्तिकेय भविष्य में एयरोस्पेस इंजीनियर बनना चाहते हैं और आईआईटी मद्रास के माध्यम से अपना करियर बनाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने ऑनलाइन परीक्षा...

शिक्षकों और छात्रों को मिलेगा ये सुनहरा मौका, एससीईआरटी करेगा नवम फाउंडेशन के साथ इस कार्यक्रम की शुरुआत

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नवम अगस्त्य फाऊंडेशन तथा एससीईआरटी उत्तराखंड के द्वारा कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए डिजाइन थिंकिंग पर आधारित व्यावहारिक प्रशिक्षण तथा सहयोग प्रणाली की शुरुआत की जाएगी। इससे छात्रों तथा शिक्षकों के लिए कई नवीन अवसरों और संभावनाओं का सृजन हो सकेगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 बच्चों में अनुभव आधारित अधिगम , समस्या समाधान और समालोचनात्मक चिंतन की प्रवृत्ति के विकास पर बाल देती है। इसी को ध्यान में रखकर एससीईआरटी उत्तराखंड राज्य में कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए नवम फाउंडेशन के सहयोग से डिजाइन थिंकिंग पर एक नवाचारी कार्यक्रम की शुरुआत करने जा रहा है। कार्यक्रम को लेकर विस्तृत विचार विमर्श हेतु 4 अप्रैल 2024 को एससीईआरटी  उत्तराखंड के सभागार में एक बैठक का आयोजन किया गया। निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण उत्तराखंड बंदना गर्ब्याल की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में नवम फाउंडेशन के नितिन देसाई, आलोक द्विवेदी और उनकी टीम ने विस्तृत प्रस्तुतीकरण के माध्यम से डिजाइन थिंकिंग कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य समस्या समाधान, सम...

शिक्षकों और छात्रों को मिलेगा ये सुनहरा मौका, एससीईआरटी करेगा नवम फाउंडेशन के साथ इस कार्यक्रम की शुरुआत

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नवम अगस्त्य फाऊंडेशन तथा एससीईआरटी उत्तराखंड के द्वारा कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए डिजाइन थिंकिंग पर आधारित व्यावहारिक प्रशिक्षण तथा सहयोग प्रणाली की शुरुआत की जाएगी। इससे छात्रों तथा शिक्षकों के लिए कई नवीन अवसरों और संभावनाओं का सृजन हो सकेगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 बच्चों में अनुभव आधारित अधिगम , समस्या समाधान और समालोचनात्मक चिंतन की प्रवृत्ति के विकास पर बाल देती है। इसी को ध्यान में रखकर एससीईआरटी उत्तराखंड राज्य में कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए नवम फाउंडेशन के सहयोग से डिजाइन थिंकिंग पर एक नवाचारी कार्यक्रम की शुरुआत करने जा रहा है। कार्यक्रम को लेकर विस्तृत विचार विमर्श हेतु 4 अप्रैल 2024 को एससीईआरटी  उत्तराखंड के सभागार में एक बैठक का आयोजन किया गया। निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण उत्तराखंड बंदना गर्ब्याल की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में नवम फाउंडेशन के नितिन देसाई, आलोक द्विवेदी और उनकी टीम ने विस्तृत प्रस्तुतीकरण के माध्यम से डिजाइन थिंकिंग कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य समस्या समाधान, सम...


विश्व ऑटिज्म दिवस पर जागरूकता के लिए एससीईआरटी उत्तराखंड ने की पहल

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राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) उत्तराखंड द्वारा ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (एएसडी) के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए विश्व ऑटिज्म दिवस पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया ऑटिज्म से पीड़ित व्यक्तियों को समझने और उनके परामर्श और समर्थन  के महत्व को समझकर उनके लिए समावेशी वातावरण का निर्माण करना इस कार्यक्रम का उद्देश्य था। कार्यक्रम का संचालन एवं प्रस्तुतीकरण एससीईआरटी संकाय सदस्य प्रिया गुसाईं एवं अनुज्ञा पैन्यूली द्वारा किया गया। उन्होंने एएसडी की बारीकियों को समझाया तथा इसकी पहचान और निदान करने  के महत्व पर जोर दिया। प्रतिभागियों ने ऑटिज्म से पीड़ित व्यक्तियों द्वारा सामना की जाने वाली विशिष्ट आवश्यकताओं और चुनौतियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण बंदना गर्ब्याल ने समावेशी शिक्षा की वकालत करते हुए ऑटिज्म से पीड़ित बच्चों के प्रति सहानुभूति, स्वीकृति और सार्थक जुड़ाव को बढ़ावा देने का आह्वान किया। संयुक्त निदेशक, आशा पैन्यूली ने कहा कि हमारा प्रयास मिथकों को दूर करना, सहानुभूति को बढ़ावा देना ...


विश्व ऑटिज्म दिवस पर जागरूकता के लिए एससीईआरटी उत्तराखंड ने की पहल

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राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) उत्तराखंड द्वारा ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (एएसडी) के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए विश्व ऑटिज्म दिवस पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया ऑटिज्म से पीड़ित व्यक्तियों को समझने और उनके परामर्श और समर्थन  के महत्व को समझकर उनके लिए समावेशी वातावरण का निर्माण करना इस कार्यक्रम का उद्देश्य था। कार्यक्रम का संचालन एवं प्रस्तुतीकरण एससीईआरटी संकाय सदस्य प्रिया गुसाईं एवं अनुज्ञा पैन्यूली द्वारा किया गया। उन्होंने एएसडी की बारीकियों को समझाया तथा इसकी पहचान और निदान करने  के महत्व पर जोर दिया। प्रतिभागियों ने ऑटिज्म से पीड़ित व्यक्तियों द्वारा सामना की जाने वाली विशिष्ट आवश्यकताओं और चुनौतियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण बंदना गर्ब्याल ने समावेशी शिक्षा की वकालत करते हुए ऑटिज्म से पीड़ित बच्चों के प्रति सहानुभूति, स्वीकृति और सार्थक जुड़ाव को बढ़ावा देने का आह्वान किया। संयुक्त निदेशक, आशा पैन्यूली ने कहा कि हमारा प्रयास मिथकों को दूर करना, सहानुभूति को बढ़ावा देना ...