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Showing posts from February, 2025

राज्य पाठ्यचर्या की रूपरेखा (एस सी एफ) पर होंगे सुझाव आमंत्रित, शीघ्र होगा क्रियान्वयन

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राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के आलोक में उत्तराखंड  की राज्य स्तरीय विविधताओं और आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए राज्य शैक्षिक एवं अनुसंधान प्रशिक्षण परिषद, उत्तराखंड द्वारा राज्य पाठ्यचर्या की रूपरेखा (एससीएफ) तैयार कर ली गई है। आज दिनांक 27 फरवरी को विद्यालयी शिक्षा हेतु तैयार राज्य पाठ्यचर्या की रूपरेखा का दस्तावेज विभागीय स्टीयरिंग कमेटी से अनुमोदित हो जाने के उपरांत शिक्षामंत्री, विद्यालयी शिक्षा डॉ. धन सिंह रावत की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में विभाग के उच्च अधिकारियों के सम्मुख प्रस्तुत किया गया । अपर निदेशक एससीईआरटी प्रदीप कुमार रावत द्वारा सदन के सम्मुख विद्यालयी शिक्षा हेतु राज्य पाठ्यचर्या की रूपरेखा का प्रस्तुतीकरण किया गया।उन्होंने रूपरेखा के मुख्य बिंदुओं पर प्रकाश डालते हुए इसके क्रियान्वयन में आने वाली चुनौतियों से भी सदन को अवगत कराया गया। राज्य पाठ्यचर्या की रूपरेखा का अनुमोदन करते हुए शिक्षामंत्री  द्वारा निर्देश दिए गए कि इस दस्तावेज को जारी करने से पूर्व इसे मुख्यमंत्री उत्तराखंड,राज्यपाल, मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग के निदेशकों तथा सेवानिवृत निदेशकों ...

राज्य पाठ्यचर्या की रूपरेखा (एस सी एफ) पर होंगे सुझाव आमंत्रित, शीघ्र होगा क्रियान्वयन

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राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के आलोक में उत्तराखंड  की राज्य स्तरीय विविधताओं और आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए राज्य शैक्षिक एवं अनुसंधान प्रशिक्षण परिषद, उत्तराखंड द्वारा राज्य पाठ्यचर्या की रूपरेखा (एससीएफ) तैयार कर ली गई है। आज दिनांक 27 फरवरी को विद्यालयी शिक्षा हेतु तैयार राज्य पाठ्यचर्या की रूपरेखा का दस्तावेज विभागीय स्टीयरिंग कमेटी से अनुमोदित हो जाने के उपरांत शिक्षामंत्री, विद्यालयी शिक्षा डॉ. धन सिंह रावत की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में विभाग के उच्च अधिकारियों के सम्मुख प्रस्तुत किया गया । अपर निदेशक एससीईआरटी प्रदीप कुमार रावत द्वारा सदन के सम्मुख विद्यालयी शिक्षा हेतु राज्य पाठ्यचर्या की रूपरेखा का प्रस्तुतीकरण किया गया।उन्होंने रूपरेखा के मुख्य बिंदुओं पर प्रकाश डालते हुए इसके क्रियान्वयन में आने वाली चुनौतियों से भी सदन को अवगत कराया गया। राज्य पाठ्यचर्या की रूपरेखा का अनुमोदन करते हुए शिक्षामंत्री  द्वारा निर्देश दिए गए कि इस दस्तावेज को जारी करने से पूर्व इसे मुख्यमंत्री उत्तराखंड,राज्यपाल, मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग के निदेशकों तथा सेवानिवृत निदेशकों ...

अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज सौड़ा सरोली में बाल अधिकार संरक्षण एवं जागरूकता शिविर का हुआ आयोजन

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अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज सौड़ा सरोली, देहरादून में दिनांक 24 फरवरी 2025 को जिला बाल संरक्षण इकाई एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय देहरादून द्वारा विधिक साक्षरता एवं बाल जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। विद्यालय के कैरियर काउंसलिंग एवं निर्देशन विभाग (बालसखा प्रकोष्ठ) के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ आमंत्रित विशेषज्ञों ममता मैनादुली,रश्मि बिष्ट, संपूर्णा भट्ट,कविता पांडे,विवेक ठाकुर एवं विद्यालय के प्रधानाचार्य रामबाबू विमल के द्वारा मां सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलन कर किया गया। अभियोजन अधिकारी ममता मैनादुली ने बच्चों को उनके संवैधानिक अधिकारों तथा उनके अधिकारों की रक्षा के लिए किए जा रहे सरकारी प्रावधानों की जानकारी दी। वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक ठाकुर ने साइबर क्राइम और बच्चों पर उसका प्रभाव विषय पर विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि किस तरह से इंटरनेट का प्रयोग करते समय सावधान रहकर अपराध का शिकार होने से बचा जा सकता है। महिलाओं एवं जरूरतमंद बच्चों के लिए सरकार द्वारा चलाई जाए विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए रश्मि बिष्ट ने कहा कि सरका...

अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज सौड़ा सरोली में बाल अधिकार संरक्षण एवं जागरूकता शिविर का हुआ आयोजन

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अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज सौड़ा सरोली, देहरादून में दिनांक 24 फरवरी 2025 को जिला बाल संरक्षण इकाई एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय देहरादून द्वारा विधिक साक्षरता एवं बाल जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। विद्यालय के कैरियर काउंसलिंग एवं निर्देशन विभाग (बालसखा प्रकोष्ठ) के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ आमंत्रित विशेषज्ञों ममता मैनादुली,रश्मि बिष्ट, संपूर्णा भट्ट,कविता पांडे,विवेक ठाकुर एवं विद्यालय के प्रधानाचार्य रामबाबू विमल के द्वारा मां सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलन कर किया गया। अभियोजन अधिकारी ममता मैनादुली ने बच्चों को उनके संवैधानिक अधिकारों तथा उनके अधिकारों की रक्षा के लिए किए जा रहे सरकारी प्रावधानों की जानकारी दी। वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक ठाकुर ने साइबर क्राइम और बच्चों पर उसका प्रभाव विषय पर विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि किस तरह से इंटरनेट का प्रयोग करते समय सावधान रहकर अपराध का शिकार होने से बचा जा सकता है। महिलाओं एवं जरूरतमंद बच्चों के लिए सरकार द्वारा चलाई जाए विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए रश्मि बिष्ट ने कहा कि सरका...

विश्व हिंदू महासंघ शिक्षक प्रकोष्ठ की प्रदेश कार्यकारिणी का विस्तार,इन्हें मिली जिम्मेदारी

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दिनांक 23 फरवरी 2025 को देहरादून के पटेल नगर में आयोजित एक बैठक में विश्व हिंदू महासंघ (भारत ) के शिक्षक एवं बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष मुकेश पुरोहित द्वारा प्रदेश कार्यकारिणी का विस्तार किया गया। विश्व हिंदू महासंघ के शिक्षक एवं बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश पुरोहित की अध्यक्षता में संयोजक मण्डल की बैठक आयोजित की गई। सर्वप्रथम प्रान्तीय अध्यक्ष  के द्वारा संगठन के कार्य एवं आवश्यकता से संयोजक मण्डल को अवगत कराया गया। संयोजक मण्डल के सदस्यों ने  अपने विचार भी रखे। प्रदेश कार्यकारिणी का विस्तार कर दिनेश चंद्र भट्ट को महामंत्री,दिनेश चंद्र देवराडी को संगठन मंत्री, राजेश जोशी और देवेंद्र रावत को उपाध्यक्ष, मनोज ममगाईं को संयुक्त मंत्री, डॉ. दीपक नवानी को मंत्री तथा अरुण चंद रमोला को संयोजक चुना गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रदेश अध्यक्ष का बोर्ड बनाकर उनके आवास पर लगाया जाय साथ ही स्थाई कार्यालय बनने तक उनके आवास से ही प्रदेश कार्यालय का संचालन किया जायेगा। बैठक में विश्व हिन्दू महासंघ के अन्तराष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती अस्मिता भण्डारी...

विश्व हिंदू महासंघ शिक्षक प्रकोष्ठ की प्रदेश कार्यकारिणी का विस्तार,इन्हें मिली जिम्मेदारी

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दिनांक 23 फरवरी 2025 को देहरादून के पटेल नगर में आयोजित एक बैठक में विश्व हिंदू महासंघ (भारत ) के शिक्षक एवं बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष मुकेश पुरोहित द्वारा प्रदेश कार्यकारिणी का विस्तार किया गया। विश्व हिंदू महासंघ के शिक्षक एवं बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश पुरोहित की अध्यक्षता में संयोजक मण्डल की बैठक आयोजित की गई। सर्वप्रथम प्रान्तीय अध्यक्ष  के द्वारा संगठन के कार्य एवं आवश्यकता से संयोजक मण्डल को अवगत कराया गया। संयोजक मण्डल के सदस्यों ने  अपने विचार भी रखे। प्रदेश कार्यकारिणी का विस्तार कर दिनेश चंद्र भट्ट को महामंत्री,दिनेश चंद्र देवराडी को संगठन मंत्री, राजेश जोशी और देवेंद्र रावत को उपाध्यक्ष, मनोज ममगाईं को संयुक्त मंत्री, डॉ. दीपक नवानी को मंत्री तथा अरुण चंद रमोला को संयोजक चुना गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रदेश अध्यक्ष का बोर्ड बनाकर उनके आवास पर लगाया जाय साथ ही स्थाई कार्यालय बनने तक उनके आवास से ही प्रदेश कार्यालय का संचालन किया जायेगा। बैठक में विश्व हिन्दू महासंघ के अन्तराष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती अस्मिता भण्डारी...

बीआरसी डोईवाला में प्रतिभा दिवस प्रतियोगिताओं का आयोजन, इन बच्चों ने किया कमाल

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जिला शिक्षा एवम प्रशिक्षण संस्थान देहरादून के  द्वारा प्राचार्य डायट के निर्देशन में आज दिनांक 22-02-2025 को विकासखंड डोईवाला के ब्लॉक संसाधन केंद्र में  जनपदीय प्रतिभा दिवस प्रतियोगिता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विकासखण्ड डोईवाला के सभी संकुलों के उच्च प्राथमिक विद्यालयों के छात्र-छात्राओं द्वारा विभिन्न प्रतियोगिता चित्रकला,क्राफ्ट,हिंदी निबंध,अंग्रेजी सुलेख,एकल गीत एवम लोकनृत्य में प्रतिभाग किया । विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रथम ,द्वितीय तथा तृतीय स्थान प्राप्त छात्र-छात्राओं को स्मृति चिन्ह तथा सभी प्रतिभागियों को स्कूल बैग एवम नोटबुक वितरित किए गए।प्रतियोगिता में चित्रकला में इरशाद नकरौंदा,क्राफ्ट में अल्तमश गांधीग्राम,निबंध में सारिका लिस्ट्राबाद,अंग्रेजी सुलेख अंश बड़ों वाला,लोकगीत में प्रियांशु लालतप्पड़  एवम  लोकनृत्य में कनिका बमेंत प्रथम रहे। कार्यक्रम में डायट देहरादून से कार्यक्रम समन्वयक हेमलता नौटियाल एवं सह समन्वयक ऋतु कुकरेती ने बताया कि यह कार्यक्रम छात्र छात्राओं को अपनी छिपी हुई प्रतिभा को दिखाने के लिए मंच प्रदान करता है। राष्ट्रीय ...

बीआरसी डोईवाला में प्रतिभा दिवस प्रतियोगिताओं का आयोजन, इन बच्चों ने किया कमाल

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जिला शिक्षा एवम प्रशिक्षण संस्थान देहरादून के  द्वारा प्राचार्य डायट के निर्देशन में आज दिनांक 22-02-2025 को विकासखंड डोईवाला के ब्लॉक संसाधन केंद्र में  जनपदीय प्रतिभा दिवस प्रतियोगिता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विकासखण्ड डोईवाला के सभी संकुलों के उच्च प्राथमिक विद्यालयों के छात्र-छात्राओं द्वारा विभिन्न प्रतियोगिता चित्रकला,क्राफ्ट,हिंदी निबंध,अंग्रेजी सुलेख,एकल गीत एवम लोकनृत्य में प्रतिभाग किया । विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रथम ,द्वितीय तथा तृतीय स्थान प्राप्त छात्र-छात्राओं को स्मृति चिन्ह तथा सभी प्रतिभागियों को स्कूल बैग एवम नोटबुक वितरित किए गए।प्रतियोगिता में चित्रकला में इरशाद नकरौंदा,क्राफ्ट में अल्तमश गांधीग्राम,निबंध में सारिका लिस्ट्राबाद,अंग्रेजी सुलेख अंश बड़ों वाला,लोकगीत में प्रियांशु लालतप्पड़  एवम  लोकनृत्य में कनिका बमेंत प्रथम रहे। कार्यक्रम में डायट देहरादून से कार्यक्रम समन्वयक हेमलता नौटियाल एवं सह समन्वयक ऋतु कुकरेती ने बताया कि यह कार्यक्रम छात्र छात्राओं को अपनी छिपी हुई प्रतिभा को दिखाने के लिए मंच प्रदान करता है। राष्ट्रीय ...

उत्तराखंड की भाषाओं के पक्ष में बोले साहित्यकार, धाद के मातृभाषा एकांश का विशेष आयोजन

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उत्तराखंड की भाषाओं के पक्ष में मातृभाषा एकांश धाद द्वारा 17 से 21फरवरी तक विभिन्न साहित्यिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इसमें अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस 2025 के अवसर पर धाद संस्था देहरादून के फेसबुक लाइव पेज पर ऑनलाइन संवाद का आयोजन किया गया।   कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. नन्द किशोर ढौंडियाल और डॉ. उमेश चमोला ने भाग लिया। इस संवाद में लोक गाथा, लोक कथा  और गढ़वाली कहानी के वर्तमान स्वरूप पर दोनों साहित्यकारों ने कार्यक्रम के संचालक मनोज भट्ट 'गढ़वलि ' के द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर में अपनी बात रखी। डॉ. ढौंडियाल ने अपने जीवन के प्रसंगों को साझा करते हुए कहा कि उनका बचपन ग्रामीण क्षेत्र में बीता। बचपन में वे दादी, नानी और बुजुर्गो से लोकगाथा, लोककथा, लोकगीत आदि सुना करते थे। उन्हें अनुभव हुआ कि ये विधाएँ ज्ञान और मनोरंजन की स्रोत हैं। वर्ष 1976 में कोटद्वार से प्रकाशित गढ़ गौरव पत्रिका में उनकी गढ़वाली में  शार्दुलविक्रीड़ितम छंद में लिखी गढ़वंदना और प्राकृतिक सौंदर्य पर आधारित शिखरिणी छंद में लिखी रचना प्रकाशित हुई थी। इसके बाद उन्होंने गढ़वाली, हिन्दी और सं...

उत्तराखंड की भाषाओं के पक्ष में बोले साहित्यकार, धाद के मातृभाषा एकांश का विशेष आयोजन

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उत्तराखंड की भाषाओं के पक्ष में मातृभाषा एकांश धाद द्वारा 17 से 21फरवरी तक विभिन्न साहित्यिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इसमें अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस 2025 के अवसर पर धाद संस्था देहरादून के फेसबुक लाइव पेज पर ऑनलाइन संवाद का आयोजन किया गया।   कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. नन्द किशोर ढौंडियाल और डॉ. उमेश चमोला ने भाग लिया। इस संवाद में लोक गाथा, लोक कथा  और गढ़वाली कहानी के वर्तमान स्वरूप पर दोनों साहित्यकारों ने कार्यक्रम के संचालक मनोज भट्ट 'गढ़वलि ' के द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर में अपनी बात रखी। डॉ. ढौंडियाल ने अपने जीवन के प्रसंगों को साझा करते हुए कहा कि उनका बचपन ग्रामीण क्षेत्र में बीता। बचपन में वे दादी, नानी और बुजुर्गो से लोकगाथा, लोककथा, लोकगीत आदि सुना करते थे। उन्हें अनुभव हुआ कि ये विधाएँ ज्ञान और मनोरंजन की स्रोत हैं। वर्ष 1976 में कोटद्वार से प्रकाशित गढ़ गौरव पत्रिका में उनकी गढ़वाली में  शार्दुलविक्रीड़ितम छंद में लिखी गढ़वंदना और प्राकृतिक सौंदर्य पर आधारित शिखरिणी छंद में लिखी रचना प्रकाशित हुई थी। इसके बाद उन्होंने गढ़वाली, हिन्दी और सं...

देहरादून में आयोजित हुआ उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम संबंधी राष्ट्रीय सम्मेलन

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उल्लास-नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अन्तर्गत एस0सी0ई0आर0टी0 एवं एस0एल0एम0ए0 (State Literacy Mission Authority) के निदेशकों  का एस0सी0ई0आर0टी0 उत्तराखंड के ओडिटोरियम में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन का आज समापन हो गया है। आज उत्तराखण्ड, मिजोरम, हिमाचल प्रदेश तथा हरियाणा राज्य के प्रतिनिधियों द्वारा उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अन्तर्गत किये गये प्रयासों को साझा किया गया। प्रथम सत्र में उत्तराखण्ड राज्य का प्रस्तुतीकरण उत्तराखण्ड में उल्लास कार्यक्रम के राज्य समन्वयक डाॅ हरेन्द्र सिंह अधिकारी द्वारा किया गया। इस सत्र की अध्यक्षता शैलेश कुमार श्रीवास्तव और संचालन डाॅ राकेश गैरोला द्वारा किया गया। उत्तराखण्ड के द्वारा उल्लास कार्यक्रम से संबंधित नवाचारी प्रयासो को साझा करते हुये डाॅ0 हरेन्द्र सिंह अधिकारी ने कहा कि उत्तराखण्ड में नव-साक्षरों के लिए बनाये गये प्राइमर में स्थानीय मेले, त्यौहार व्यक्तित्व और सामाजिक विश्वास को स्थान दिया गया। उल्लास कार्यक्रम के राज्य स्तर पर प्रभावी रूप से संचालन करने के लिए राज्य साक्षरता केन्द्र तथा जिला स्तर पर जिला साक्षरता केन्द्र ब...

देहरादून में आयोजित हुआ उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम संबंधी राष्ट्रीय सम्मेलन

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उल्लास-नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अन्तर्गत एस0सी0ई0आर0टी0 एवं एस0एल0एम0ए0 (State Literacy Mission Authority) के निदेशकों  का एस0सी0ई0आर0टी0 उत्तराखंड के ओडिटोरियम में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन का आज समापन हो गया है। आज उत्तराखण्ड, मिजोरम, हिमाचल प्रदेश तथा हरियाणा राज्य के प्रतिनिधियों द्वारा उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अन्तर्गत किये गये प्रयासों को साझा किया गया। प्रथम सत्र में उत्तराखण्ड राज्य का प्रस्तुतीकरण उत्तराखण्ड में उल्लास कार्यक्रम के राज्य समन्वयक डाॅ हरेन्द्र सिंह अधिकारी द्वारा किया गया। इस सत्र की अध्यक्षता शैलेश कुमार श्रीवास्तव और संचालन डाॅ राकेश गैरोला द्वारा किया गया। उत्तराखण्ड के द्वारा उल्लास कार्यक्रम से संबंधित नवाचारी प्रयासो को साझा करते हुये डाॅ0 हरेन्द्र सिंह अधिकारी ने कहा कि उत्तराखण्ड में नव-साक्षरों के लिए बनाये गये प्राइमर में स्थानीय मेले, त्यौहार व्यक्तित्व और सामाजिक विश्वास को स्थान दिया गया। उल्लास कार्यक्रम के राज्य स्तर पर प्रभावी रूप से संचालन करने के लिए राज्य साक्षरता केन्द्र तथा जिला स्तर पर जिला साक्षरता केन्द्र ब...

देहरादून में शुरू हुआ एसएलएमए निदेशकों का राष्ट्रीय सम्मेलन

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उल्लास-नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अन्तर्गत एससीईआरटी उत्तराखंड एवं एसएलएमए के निदेशकों का दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आज आरम्भ हो गया। एससीईआरटी  उत्तराखंड के सभागार आयोजित हो रहे इस कार्यक्रम की शुरुआत के अवसर पर शिक्षा मंत्री डाॅ धनसिंह रावत ने आह्वान किया कि हर एक व्यक्ति एक निरक्षर को साक्षर करने का संकल्प ले तो उत्तराखण्ड पूर्ण साक्षर राज्य के रूप में प्रदर्शन कर पायेगा, उन्होने कहा कि हमारी सरकार का लक्ष्य पूर्ण नशामुक्त तथा टीबी मुक्त राज्य के रूप में उत्तराखण्ड को पहचान दिलाना है। कार्यक्रम की शुरूवात दीप प्रज्वलन तथा शारदे वन्दना ’वारी जाहु तोही चरण की प्रस्तुति के साथ हुई। शारदे वन्दना डाॅ ऊषा कटियार के द्वारा प्रस्तुत की गयी तथा पुष्पेन्द्र सिंह के द्वारा तबले पर संगत दी गई। दीप प्रज्जवलन कार्यक्रम में निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण बन्दना गर्ब्याल, एनसीईआरटी नई दिल्ली से प्रो. ऊषा शर्मा, डाॅं सान्त्वना मिश्रा एसोसिएट प्रोफेसर निपा, प्रदीप कुमार रावत, अपर निदेशक एससीईआरटी उत्तराखण्ड, डायट कारगिल लद्दाख से मौहम्मद, एससीईआरटी पंजाब से सुरेन्द्र कुमार, ...

देहरादून में शुरू हुआ एसएलएमए निदेशकों का राष्ट्रीय सम्मेलन

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उल्लास-नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अन्तर्गत एससीईआरटी उत्तराखंड एवं एसएलएमए के निदेशकों का दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आज आरम्भ हो गया। एससीईआरटी  उत्तराखंड के सभागार आयोजित हो रहे इस कार्यक्रम की शुरुआत के अवसर पर शिक्षा मंत्री डाॅ धनसिंह रावत ने आह्वान किया कि हर एक व्यक्ति एक निरक्षर को साक्षर करने का संकल्प ले तो उत्तराखण्ड पूर्ण साक्षर राज्य के रूप में प्रदर्शन कर पायेगा, उन्होने कहा कि हमारी सरकार का लक्ष्य पूर्ण नशामुक्त तथा टीबी मुक्त राज्य के रूप में उत्तराखण्ड को पहचान दिलाना है। कार्यक्रम की शुरूवात दीप प्रज्वलन तथा शारदे वन्दना ’वारी जाहु तोही चरण की प्रस्तुति के साथ हुई। शारदे वन्दना डाॅ ऊषा कटियार के द्वारा प्रस्तुत की गयी तथा पुष्पेन्द्र सिंह के द्वारा तबले पर संगत दी गई। दीप प्रज्जवलन कार्यक्रम में निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण बन्दना गर्ब्याल, एनसीईआरटी नई दिल्ली से प्रो. ऊषा शर्मा, डाॅं सान्त्वना मिश्रा एसोसिएट प्रोफेसर निपा, प्रदीप कुमार रावत, अपर निदेशक एससीईआरटी उत्तराखण्ड, डायट कारगिल लद्दाख से मौहम्मद, एससीईआरटी पंजाब से सुरेन्द्र कुमार, ...

दून पुस्तकालय और शोध केंद्र में शिक्षा और उसकी चिंताओं पर विमर्श, अंकुर पत्रिका का विमोचन

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राज्य के प्रतिष्ठित संस्थान दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र देहरादून में आज दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र और अंकुर संस्था के संयुक्त तत्वाधान में आज प्रातः' शिक्षा और उसकी चिंताएं विषय पर' विमर्श का एक आयोजन किया गया। इस अवसर पर साहित्यकार, शिक्षाविद् एवं टिहरी के मुख्य शिक्षा अधिकारी एस.पी.सेमवाल ने कहा कि समाज में जो भी नया और अनोखा दिखाई देता है वह रचनात्मक विचार से ही उत्पन्न होता है। उन्होंने कहा कि  रचनात्मकता ही है जो समाज को जीवंत बनाए रखती है। विद्यालयों में सृजनात्मकता की आवश्यकता पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि सूचना, तकनीक और कम्प्यूटरीकृत युग में भी मौलिकता, हाथ के कौशल और बौद्धिक सम्पदा का कोई विकल्प नहीं हो सकता। भावनाओं की कद्र करने वाले शिक्षकों की आवश्यकता है। तथ्य, सत्य और कथ्य के साथ चलने वाला और चलाने वाला शिक्षक ही हो सकता है। मनुष्य के मस्तिष्क के विकास की यात्रा करोड़ों साल पुरानी है। अंकुर की टीम की सोच का विस्तार पूरे राज्य में हो। जो छात्र किताबी पढ़ाई से बाहर सहयोग करते हैं उनका नज़रिया आम नहीं रह जाता। वे छात्र समाज को संवेदनशील बनाने का काम करते ह...

दून पुस्तकालय और शोध केंद्र में शिक्षा और उसकी चिंताओं पर विमर्श, अंकुर पत्रिका का विमोचन

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राज्य के प्रतिष्ठित संस्थान दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र देहरादून में आज दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र और अंकुर संस्था के संयुक्त तत्वाधान में आज प्रातः' शिक्षा और उसकी चिंताएं विषय पर' विमर्श का एक आयोजन किया गया। इस अवसर पर साहित्यकार, शिक्षाविद् एवं टिहरी के मुख्य शिक्षा अधिकारी एस.पी.सेमवाल ने कहा कि समाज में जो भी नया और अनोखा दिखाई देता है वह रचनात्मक विचार से ही उत्पन्न होता है। उन्होंने कहा कि  रचनात्मकता ही है जो समाज को जीवंत बनाए रखती है। विद्यालयों में सृजनात्मकता की आवश्यकता पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि सूचना, तकनीक और कम्प्यूटरीकृत युग में भी मौलिकता, हाथ के कौशल और बौद्धिक सम्पदा का कोई विकल्प नहीं हो सकता। भावनाओं की कद्र करने वाले शिक्षकों की आवश्यकता है। तथ्य, सत्य और कथ्य के साथ चलने वाला और चलाने वाला शिक्षक ही हो सकता है। मनुष्य के मस्तिष्क के विकास की यात्रा करोड़ों साल पुरानी है। अंकुर की टीम की सोच का विस्तार पूरे राज्य में हो। जो छात्र किताबी पढ़ाई से बाहर सहयोग करते हैं उनका नज़रिया आम नहीं रह जाता। वे छात्र समाज को संवेदनशील बनाने का काम करते ह...