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Showing posts from August, 2022

इंस्पायर अवॉर्ड मानक: मुख्य शिक्षा अधिकारी ने की प्रगति की समीक्षा, यह दिए निर्देश....

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आज जनपद देहरादून के मुख्य शिक्षा अधिकारी डॉ मुकुल कुमार सती ने मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय के सभागार में जनपद स्तर पर अब तक हुई इंस्पायर अवार्ड से संबंधित नामांकन की स्थिति की समीक्षा की। समीक्षा बैठक में जनपद समन्वयक, ब्लॉक समन्वयकों एवं शिक्षा अधिकारियों ने भाग लिया। नामांकनों की प्रगति की समीक्षा मुख्य शिक्षा अधिकारी देहरादून के कार्यालय सभागार में जनपद के मुख्य शिक्षा अधिकारी डॉ मुकुल कुमार सती की अध्यक्षता में जनपद में इंस्पायर अवार्ड नामांकन की समीक्षा हेतु बैठक आयोजित की गई। इसमें प्रत्येक विकास खंड की समीक्षा के उपरांत पाया गया कि जनपद देहरादून का सकल नामांकन अभी 20% ही हो पाया है, जबकि लक्ष्य 4000 नामांकन का रखा गया है। मुख्य शिक्षा अधिकारी द्वारा नामांकन की न्यून प्रगति पर चिंता व्यक्त करते हुए निर्देश दिए गए कि छात्र हित में जल्द से जल्द नामांकन करवा दें। क्या है इंस्पायर अवार्ड इंस्पायर अवार्ड मानक भारत सरकार द्वारा विद्यार्थियों के विज्ञान संबंधी नवाचारों को प्रोत्साहित करने के लिए चलाई जा रही महत्वाकांक्षी योजना है। इस योजना में प्रत्येक विद्यालय से...

इंस्पायर अवॉर्ड मानक: मुख्य शिक्षा अधिकारी ने की प्रगति की समीक्षा, यह दिए निर्देश....

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आज जनपद देहरादून के मुख्य शिक्षा अधिकारी डॉ मुकुल कुमार सती ने मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय के सभागार में जनपद स्तर पर अब तक हुई इंस्पायर अवार्ड से संबंधित नामांकन की स्थिति की समीक्षा की। समीक्षा बैठक में जनपद समन्वयक, ब्लॉक समन्वयकों एवं शिक्षा अधिकारियों ने भाग लिया। नामांकनों की प्रगति की समीक्षा मुख्य शिक्षा अधिकारी देहरादून के कार्यालय सभागार में जनपद के मुख्य शिक्षा अधिकारी डॉ मुकुल कुमार सती की अध्यक्षता में जनपद में इंस्पायर अवार्ड नामांकन की समीक्षा हेतु बैठक आयोजित की गई। इसमें प्रत्येक विकास खंड की समीक्षा के उपरांत पाया गया कि जनपद देहरादून का सकल नामांकन अभी 20% ही हो पाया है, जबकि लक्ष्य 4000 नामांकन का रखा गया है। मुख्य शिक्षा अधिकारी द्वारा नामांकन की न्यून प्रगति पर चिंता व्यक्त करते हुए निर्देश दिए गए कि छात्र हित में जल्द से जल्द नामांकन करवा दें। क्या है इंस्पायर अवार्ड इंस्पायर अवार्ड मानक भारत सरकार द्वारा विद्यार्थियों के विज्ञान संबंधी नवाचारों को प्रोत्साहित करने के लिए चलाई जा रही महत्वाकांक्षी योजना है। इस योजना में प्रत्येक विद्यालय से...

Uttarakhand teacher transfer। स्थानांतरण नीति का ड्राफ्ट सार्वजनिक। यहां से करें डाउनलोड

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उत्तराखंड शिक्षक स्थानांतरण नियमावली 2022 का ड्राफ्ट तैयार हो चुका है। जिसे सभी के अवलोकनार्थ सार्वजनिक कर दिया गया है । ड्राफ्ट को देखने, डाउनलोड करने और सुझाव प्रेषित करने के लिए आवश्यक जानकारी इस आलेख में दी जा रही है। स्थानांतरण एक्ट का शिक्षा विभाग में पूरी तरह से अनुपालन ना होने के कारण काफी समय से शिक्षकों के लिए अलग स्थानांतरण नियमावली बनाए जाने की कवायद चल रही थी। जिसके लिए सीमैट के विभागाध्यक्ष श्री डीसी गौड़ की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया था। समिति के सदस्यों में विभागीय अधिकारी व शिक्षक भी शामिल थे। लंबी कवायद के बाद स्थानांतरण नीति 2022 का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है । इसके प्रमुख प्रावधान क्या है? स्थानांतरण के आधार क्या होंगे? क्या सुगम और दुर्गम क्षेत्रों का विभाजन पूर्व की भांति रहेगा अथवा इस में कुछ परिवर्तन होगा ?इन सब सवालों का जवाब इस ड्राफ्ट में मौजूद है उत्तराखंड विद्यालय शिक्षा विभाग द्वारा इस ड्राफ्ट को विद्यालयी शिक्षा, सीमैट तथा एससीईआरटी की वेबसाइट पर अपलोड किया जा रहा है, जहां से कोई भी व्यक्ति अथवा शिक्षक इसे डाउनलोड कर इसका भल...

Uttarakhand teacher transfer। स्थानांतरण नीति का ड्राफ्ट सार्वजनिक। यहां से करें डाउनलोड

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उत्तराखंड शिक्षक स्थानांतरण नियमावली 2022 का ड्राफ्ट तैयार हो चुका है। जिसे सभी के अवलोकनार्थ सार्वजनिक कर दिया गया है । ड्राफ्ट को देखने, डाउनलोड करने और सुझाव प्रेषित करने के लिए आवश्यक जानकारी इस आलेख में दी जा रही है। स्थानांतरण एक्ट का शिक्षा विभाग में पूरी तरह से अनुपालन ना होने के कारण काफी समय से शिक्षकों के लिए अलग स्थानांतरण नियमावली बनाए जाने की कवायद चल रही थी। जिसके लिए सीमैट के विभागाध्यक्ष श्री डीसी गौड़ की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया था। समिति के सदस्यों में विभागीय अधिकारी व शिक्षक भी शामिल थे। लंबी कवायद के बाद स्थानांतरण नीति 2022 का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है । इसके प्रमुख प्रावधान क्या है? स्थानांतरण के आधार क्या होंगे? क्या सुगम और दुर्गम क्षेत्रों का विभाजन पूर्व की भांति रहेगा अथवा इस में कुछ परिवर्तन होगा ?इन सब सवालों का जवाब इस ड्राफ्ट में मौजूद है उत्तराखंड विद्यालय शिक्षा विभाग द्वारा इस ड्राफ्ट को विद्यालयी शिक्षा, सीमैट तथा एससीईआरटी की वेबसाइट पर अपलोड किया जा रहा है, जहां से कोई भी व्यक्ति अथवा शिक्षक इसे डाउनलोड कर इसका भल...

इन छात्राओं ने कर दिया कमाल। जनपद स्तरीय विज्ञान संगोष्ठी में मारी बाजी ..

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जनपद देहरादून की विज्ञान संगोष्ठी 2022 का आयोजन आज राजकीय बालिका इंटर कॉलेज अजबपुर कलां देहरादून में किया गया। सतत विकास के लिए बुनियादी विज्ञान चुनौतियां एवं संभावनाएं विषय पर आयोजित विज्ञान संगोष्ठी 2022 में जनपद के सभी विकासखंडों से आए विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का शुभारंभ जनपद देहरादून के मुख्य शिक्षा अधिकारी डॉ० मुकुल कुमार सती,जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) श्री एस०एस बिष्ट , खंड शिक्षा अधिकारी रायपुर श्रीमती हेमलता गौड़ उनियाल के द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया! संगोष्ठी की संयोजिका श्रीमती नर्वदा राणा एवं जनपद समन्वयक सुधीर कांति के द्वारा मुख्य अतिथि डॉ० मुकुल कुमार सती,विशिष्ट अतिथि श्री एस०एस बिष्ट जी, श्रीमती हेमलता गौड़ उनियाल एवं निर्णायक मंडल श्री सुनील जोशी, श्री देवेंद्र खत्री एवं श्री नरेंद्र सिंह बिष्ट, जनपद संदर्भदाता श्रीमती ऋचा जुयाल को बैज अलंकारण एवं स्मृति स्वरूप पौधे भेंट कर सम्मानित किया गया। अपने संबोधन में मुख्य शिक्षा अधिकारी डॉ मुकुल कुमार सती ने कहा कि आधुनिक युग में बच्चों को नए- नए अविष्कारों के बारे में जानकारी ...

इन छात्राओं ने कर दिया कमाल। जनपद स्तरीय विज्ञान संगोष्ठी में मारी बाजी ..

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जनपद देहरादून की विज्ञान संगोष्ठी 2022 का आयोजन आज राजकीय बालिका इंटर कॉलेज अजबपुर कलां देहरादून में किया गया। सतत विकास के लिए बुनियादी विज्ञान चुनौतियां एवं संभावनाएं विषय पर आयोजित विज्ञान संगोष्ठी 2022 में जनपद के सभी विकासखंडों से आए विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का शुभारंभ जनपद देहरादून के मुख्य शिक्षा अधिकारी डॉ० मुकुल कुमार सती,जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) श्री एस०एस बिष्ट , खंड शिक्षा अधिकारी रायपुर श्रीमती हेमलता गौड़ उनियाल के द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया! संगोष्ठी की संयोजिका श्रीमती नर्वदा राणा एवं जनपद समन्वयक सुधीर कांति के द्वारा मुख्य अतिथि डॉ० मुकुल कुमार सती,विशिष्ट अतिथि श्री एस०एस बिष्ट जी, श्रीमती हेमलता गौड़ उनियाल एवं निर्णायक मंडल श्री सुनील जोशी, श्री देवेंद्र खत्री एवं श्री नरेंद्र सिंह बिष्ट, जनपद संदर्भदाता श्रीमती ऋचा जुयाल को बैज अलंकारण एवं स्मृति स्वरूप पौधे भेंट कर सम्मानित किया गया। अपने संबोधन में मुख्य शिक्षा अधिकारी डॉ मुकुल कुमार सती ने कहा कि आधुनिक युग में बच्चों को नए- नए अविष्कारों के बारे में जानकारी ...

इस अधिकारी की छवि के मुरीद हैं लोग..आई ए एस कैडर मिलने के बाद कार्यालय पहुंचने पर हुआ भव्य स्वागत

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महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा उत्तराखण्ड बंशीधर तिवारी उत्तराखंड में एक कुशल प्रशासक, सहृदय, संवेदनशील, शिक्षाविद, बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं। आई ए एस कैडर मिलने पर पहली बार कार्यालय पहुंचने पर विद्यालयी शिक्षा के अन्तर्गत महानिदेशालय, माध्यमिक शिक्षा, प्रारम्भिक शिक्षा, समग्र शिक्षा, अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण, सीमैट एवं एससीईआरटी के अधिकारियों एवं कार्मिकों द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया। विद्यालयी शिक्षा विभाग उत्तराखंड के महानिदेशक के साथ साथ समग्र शिक्षा उत्तराखंड के राज्य परियोजना निदेशक पद का दायित्व निर्वहन कर रहे राज्य प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी रहे बंशीधर तिवारी ने अपनी विशिष्ट कार्यशैली से अल्प समय में ही अपने मातहत अधिकारियों, शिक्षकों और कार्मिकों में ही नहीं बल्कि जनमानस के बीच में भी एक अलग उदाहरण प्रस्तुत किया है।हाल ही में भारत सरकार द्वारा श्री तिवारी सहित 17 अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आई. ए. एस.) कैडर में पदोन्नति दी है। भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी के रूप में कैडर प्राप्त होने के बाद कार्यालय पहुंचने प...

इस अधिकारी की छवि के मुरीद हैं लोग..आई ए एस कैडर मिलने के बाद कार्यालय पहुंचने पर हुआ भव्य स्वागत

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महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा उत्तराखण्ड बंशीधर तिवारी उत्तराखंड में एक कुशल प्रशासक, सहृदय, संवेदनशील, शिक्षाविद, बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं। आई ए एस कैडर मिलने पर पहली बार कार्यालय पहुंचने पर विद्यालयी शिक्षा के अन्तर्गत महानिदेशालय, माध्यमिक शिक्षा, प्रारम्भिक शिक्षा, समग्र शिक्षा, अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण, सीमैट एवं एससीईआरटी के अधिकारियों एवं कार्मिकों द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया। विद्यालयी शिक्षा विभाग उत्तराखंड के महानिदेशक के साथ साथ समग्र शिक्षा उत्तराखंड के राज्य परियोजना निदेशक पद का दायित्व निर्वहन कर रहे राज्य प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी रहे बंशीधर तिवारी ने अपनी विशिष्ट कार्यशैली से अल्प समय में ही अपने मातहत अधिकारियों, शिक्षकों और कार्मिकों में ही नहीं बल्कि जनमानस के बीच में भी एक अलग उदाहरण प्रस्तुत किया है।हाल ही में भारत सरकार द्वारा श्री तिवारी सहित 17 अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आई. ए. एस.) कैडर में पदोन्नति दी है। भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी के रूप में कैडर प्राप्त होने के बाद कार्यालय पहुंचने प...

ब्लाक स्तरीय विज्ञान संगोष्ठी का आयोजन, कु. जिकरा ने प्राप्त किया प्रथम स्थान, सिमरन और अपूर्वा रही दूसरे और तीसरे स्थान पर

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देहरादून के रायपुर ब्लॉक स्तर पर आयोजित विज्ञान संगोष्ठी का आयोजन राजकीय बालिका इंटर कॉलेज कारगी में किया गया ।संगोष्ठी में कई बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियां दी। जिनमें राजकीय बालिका इंटर कॉलेज कारगी की कुमारी जिकरा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। राजकीय बालिका राजकीय बालिका इंटर कॉलेज अजबपुर कलां की सिमरन शर्मा दूसरे व राजकीय बालिका इंटर कॉलेज राजपुर रोड देहरादून की अपूर्वा वशिष्ठ तीसरे स्थान पर रही। 'सतत् विकास के लिए बुनियादी विज्ञान चुनौती एवं सम्भावनाऐं ' विषय पर आयोजित विज्ञान संगोष्ठी का उदघाटन  रश्मि बौंठियाल , रिचा जुयाल, सुधीर कांती ने संयुक्त रूप से माँ सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलन कर किया। इसके पश्चात राजकीय बालिका इंटर कॉलेज कारगी देहरादून की छात्राओं ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत का गायन किया! इस अवसर पर  ब्लॉक समन्वयक दलजीत सिंह ने कहा कि बच्चों को अपनी रूचि के अनुसार विज्ञान के क्षेत्र में नये-नये विचार प्रस्तुत करने चाहिए। जिला समन्वयक श्री सुधीर कान्ति ने सभी अध्यापक-अध्यापिकाओ से आग्रह किया कि सर्व प्रथम आप बच्चों को विज्ञान के क्षेत्र में प्...

ब्लाक स्तरीय विज्ञान संगोष्ठी का आयोजन, कु. जिकरा ने प्राप्त किया प्रथम स्थान, सिमरन और अपूर्वा रही दूसरे और तीसरे स्थान पर

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देहरादून के रायपुर ब्लॉक स्तर पर आयोजित विज्ञान संगोष्ठी का आयोजन राजकीय बालिका इंटर कॉलेज कारगी में किया गया ।संगोष्ठी में कई बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियां दी। जिनमें राजकीय बालिका इंटर कॉलेज कारगी की कुमारी जिकरा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। राजकीय बालिका राजकीय बालिका इंटर कॉलेज अजबपुर कलां की सिमरन शर्मा दूसरे व राजकीय बालिका इंटर कॉलेज राजपुर रोड देहरादून की अपूर्वा वशिष्ठ तीसरे स्थान पर रही। 'सतत् विकास के लिए बुनियादी विज्ञान चुनौती एवं सम्भावनाऐं ' विषय पर आयोजित विज्ञान संगोष्ठी का उदघाटन  रश्मि बौंठियाल , रिचा जुयाल, सुधीर कांती ने संयुक्त रूप से माँ सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलन कर किया। इसके पश्चात राजकीय बालिका इंटर कॉलेज कारगी देहरादून की छात्राओं ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत का गायन किया! इस अवसर पर  ब्लॉक समन्वयक दलजीत सिंह ने कहा कि बच्चों को अपनी रूचि के अनुसार विज्ञान के क्षेत्र में नये-नये विचार प्रस्तुत करने चाहिए। जिला समन्वयक श्री सुधीर कान्ति ने सभी अध्यापक-अध्यापिकाओ से आग्रह किया कि सर्व प्रथम आप बच्चों को विज्ञान के क्षेत्र में प्...

21st century skill| इक्कीसवीं शताब्दी के कौशलों पर होगा शिक्षकों का प्रशिक्षण

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एस.सी.ई.आर.टी. उत्तराखंड द्वारा आयोजित राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अन्तर्गत इक्कीसवीं शताब्दी के कौशलों पर प्रशिक्षण हेतु ऑनलाइन प्रशिक्षण मॉड्यूल का निर्माण किया जा रहा है।इस हेतु चार दिवसीय कार्यशाला का प्रारम्भ आज सहकारी प्रबंधन संस्थान, राजपुर, देहरादून में किया गया। रूम-टु-रीड संस्था के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला में प्रदेश के डायट्स के शिक्षक प्रशिक्षक तथा रूम- टु-रीड के सदस्य प्रतिभाग कर रहे हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण, उत्तराखण्ड सीमा जौनसारी ने कहा कि वर्तमान समय में ज्ञान के परिदृश्य में विश्व तेजी से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है जिससे समाज की आवश्यकताएं तथा माँग में भी बदल रही हैं। शिक्षा ही एकमात्र ऐसा माध्यम है जो इन बदलती आवश्यकताओं को पूर्ण करने में सहायक है। वर्तमान में रोजगार और वैश्विक पारिस्थितिकी में तेजी से आ रहे परिवर्तनों के कारण यह आवश्यक हो गया है कि बच्चों को जो कुछ सिखाया जा रहा है वे उसे तो सीखें ही साथ ही वे सतत सीखने की कला को भी सीखें। इसके लिए बच्चों में 21वीं सदी के कौशलों का विकास करना आवश्यक है। ...

21st century skill| इक्कीसवीं शताब्दी के कौशलों पर होगा शिक्षकों का प्रशिक्षण

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एस.सी.ई.आर.टी. उत्तराखंड द्वारा आयोजित राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अन्तर्गत इक्कीसवीं शताब्दी के कौशलों पर प्रशिक्षण हेतु ऑनलाइन प्रशिक्षण मॉड्यूल का निर्माण किया जा रहा है।इस हेतु चार दिवसीय कार्यशाला का प्रारम्भ आज सहकारी प्रबंधन संस्थान, राजपुर, देहरादून में किया गया। रूम-टु-रीड संस्था के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला में प्रदेश के डायट्स के शिक्षक प्रशिक्षक तथा रूम- टु-रीड के सदस्य प्रतिभाग कर रहे हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण, उत्तराखण्ड सीमा जौनसारी ने कहा कि वर्तमान समय में ज्ञान के परिदृश्य में विश्व तेजी से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है जिससे समाज की आवश्यकताएं तथा माँग में भी बदल रही हैं। शिक्षा ही एकमात्र ऐसा माध्यम है जो इन बदलती आवश्यकताओं को पूर्ण करने में सहायक है। वर्तमान में रोजगार और वैश्विक पारिस्थितिकी में तेजी से आ रहे परिवर्तनों के कारण यह आवश्यक हो गया है कि बच्चों को जो कुछ सिखाया जा रहा है वे उसे तो सीखें ही साथ ही वे सतत सीखने की कला को भी सीखें। इसके लिए बच्चों में 21वीं सदी के कौशलों का विकास करना आवश्यक है। ...

गिरीश तिवारी गिर्दा | लोक के स्वर की अनुगूँज | | girish tiwari girda in hindi|girda biography|poem of girda

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गिर्दा, यह उपनाम है, उत्तराखंड के लोक के स्वर बहुआयामी प्रतिभा के धनी, जन-जन की भावना से जुड़े, लोक गायक,संस्कृति कर्मी,स्क्रिप्ट राइटर गिरीशचंद्र तिवारी का। आज हम सब के लोकप्रिय प्यारे कवि, जन आंदोलनकारी गिर्दा की पुण्यतिथि है। गिर्दा की पुण्यतिथि पर भावसंचय की ओर से श्रद्धांजलिस्वरूप प्रस्तुत है यह आलेख... गिरीशचंद्र तिवारी गिर्दा का जीवन परिचय जनकवि, संस्कृति कर्मी और स्वभाव से ही आंदोलनकारी गिरीशचंद्र तिवारी गिर्दा का जन्म उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के हवालबाग विकासखंड में ज्योली नामक गांव में हुआ था। गिर्दा की जन्म तिथि 10 सितंबर 1945 बताई जाती है। इनके पिता का नाम हंसा दत्त तिवारी और माता का नाम जीवंती देवी था। बचपन से ही अलमस्त स्वभाव के मालिक गिर्दा पर अपने आसपास के लोकजीवन का बड़ा असर पड़ा। प्रारंभिक शिक्षा इन्होंने अल्मोड़ा से ही पूरी की और उसके बाद यह नैनीताल आए ।नैनीताल में गिर्दा ने 12वीं की परीक्षा पास की। उस समय के प्रसिद्ध रंगकर्मी मोहन उप्रेती और संस्कृति कर्मी बृजेंद्र लाल शाह जैसे लोग इनकी प्रेरणा के स्रोत बने और गिर्दा ने शायद उसी समय ठान लिया होगा कि म...

गिरीश तिवारी गिर्दा | लोक के स्वर की अनुगूँज | | girish tiwari girda in hindi|girda biography|poem of girda

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गिर्दा, यह उपनाम है, उत्तराखंड के लोक के स्वर बहुआयामी प्रतिभा के धनी, जन-जन की भावना से जुड़े, लोक गायक,संस्कृति कर्मी,स्क्रिप्ट राइटर गिरीशचंद्र तिवारी का। आज हम सब के लोकप्रिय प्यारे कवि, जन आंदोलनकारी गिर्दा की पुण्यतिथि है। गिर्दा की पुण्यतिथि पर भावसंचय की ओर से श्रद्धांजलिस्वरूप प्रस्तुत है यह आलेख... गिरीशचंद्र तिवारी गिर्दा का जीवन परिचय जनकवि, संस्कृति कर्मी और स्वभाव से ही आंदोलनकारी गिरीशचंद्र तिवारी गिर्दा का जन्म उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के हवालबाग विकासखंड में ज्योली नामक गांव में हुआ था। गिर्दा की जन्म तिथि 10 सितंबर 1945 बताई जाती है। इनके पिता का नाम हंसा दत्त तिवारी और माता का नाम जीवंती देवी था। बचपन से ही अलमस्त स्वभाव के मालिक गिर्दा पर अपने आसपास के लोकजीवन का बड़ा असर पड़ा। प्रारंभिक शिक्षा इन्होंने अल्मोड़ा से ही पूरी की और उसके बाद यह नैनीताल आए ।नैनीताल में गिर्दा ने 12वीं की परीक्षा पास की। उस समय के प्रसिद्ध रंगकर्मी मोहन उप्रेती और संस्कृति कर्मी बृजेंद्र लाल शाह जैसे लोग इनकी प्रेरणा के स्रोत बने और गिर्दा ने शायद उसी समय ठान लिया होगा कि म...

धूमिल अक्षर : एक संवेदनशील प्रेम कविता

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धूमिल अक्षर तुम्हीं कहती थीं सागर सा गहरा आकाश सा विस्तृत भूमि सा पवित्र है हमारा रिश्ता, फिर क्यों करे हम कल की चिन्ता । आज जब पढ़ता हूं तुम्हारे लिखें फटे-पुराने पुर्जों से बिखरे पड़े पत्रों के अक्षर अक्षरों पर बने कुछ बूंदों के हस्ताक्षर, वे बूंदें बहुत कुछ कहती हैं मैं देखता हूँ उस नदी को जो अक्षरों में बहती है। मैं देख न पाया जिस टीस को आसक्ति के आवेग में आज देखता हूँ उसे वृहद नदी के रूप में .। वही बहा ले गई साथ-साथ सागर सा गहरा हमारा प्यार आकाश सा विस्तृत भूमि सा पवित्र सपनों का संसार अक्षरों के मध्य सर्प सी दौड़ती, हमारे मध्य एक खाई छोड़ती, बीच-बीच में कहीं मुड़ती ,कहीं थमती । जैसे मुझे कुछ दिखा रही हो मुझे चिढ़ा रही हो कह रही हो. 'किसे कहते थे तुम अपना प्यार ? इन खाइयों में झांको तुम्हें दिखाई देगा अपना आधार ! मैं फिर करता हूँ प्रयत्न पढ़ने का धूमिल अक्षरों को समझने का मैं क्यों देख न पाया उस घड़ी बादलों का घुमड़ना अक्षरों पर बूंदों का टपकना बूंदों का मिलना नदी का बनना जो बहा ले गई साथ अपने मेरा हर सपना ? क्यों धुंधला गई थी दृष्टि क्यों धूमिल सी लगती थी सृष्टि ? आ...

धूमिल अक्षर : एक संवेदनशील प्रेम कविता

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धूमिल अक्षर तुम्हीं कहती थीं सागर सा गहरा आकाश सा विस्तृत भूमि सा पवित्र है हमारा रिश्ता, फिर क्यों करे हम कल की चिन्ता । आज जब पढ़ता हूं तुम्हारे लिखें फटे-पुराने पुर्जों से बिखरे पड़े पत्रों के अक्षर अक्षरों पर बने कुछ बूंदों के हस्ताक्षर, वे बूंदें बहुत कुछ कहती हैं मैं देखता हूँ उस नदी को जो अक्षरों में बहती है। मैं देख न पाया जिस टीस को आसक्ति के आवेग में आज देखता हूँ उसे वृहद नदी के रूप में .। वही बहा ले गई साथ-साथ सागर सा गहरा हमारा प्यार आकाश सा विस्तृत भूमि सा पवित्र सपनों का संसार अक्षरों के मध्य सर्प सी दौड़ती, हमारे मध्य एक खाई छोड़ती, बीच-बीच में कहीं मुड़ती ,कहीं थमती । जैसे मुझे कुछ दिखा रही हो मुझे चिढ़ा रही हो कह रही हो. 'किसे कहते थे तुम अपना प्यार ? इन खाइयों में झांको तुम्हें दिखाई देगा अपना आधार ! मैं फिर करता हूँ प्रयत्न पढ़ने का धूमिल अक्षरों को समझने का मैं क्यों देख न पाया उस घड़ी बादलों का घुमड़ना अक्षरों पर बूंदों का टपकना बूंदों का मिलना नदी का बनना जो बहा ले गई साथ अपने मेरा हर सपना ? क्यों धुंधला गई थी दृष्टि क्यों धूमिल सी लगती थी सृष्टि ? आ...

1930 helpline number in hindi|helpline for cyber crime | useful cyber security tips

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आजकल साईबर ठगी के अलग अलग तरीके सामने आ रहे हैं। साइबर ठग तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर लोगों को ठगते हैं। कभी आप इंटरनेट पर किसी कंपनी के कस्टमर केयर का नंबर सर्च कर रहे हैं और आपको कस्टमर केयर का नंबर मिल भी जाता है। आप उस नंबर पर बात करते हैं ,आपसे कहा जाता है कि हमारे द्वारा बताई प्रक्रिया को फॉलो कीजिए, और थोड़ी देर बाद आप देखते हैं कि आपके खाते से एक मोटी रकम निकल चुकी होती है। आप दोबारा उस नंबर पर कॉल करते हैं तो पता चलता है कि नंबर स्विच ऑफ है। कुछ दूसरे मामलों में ऐसा भी होता है कि आपके पास एक एसएमएस आता है कि आपका बिजली का बिल अपडेट नहीं हुआ है ,जिसके कारण आप का कनेक्शन काट दिया जाएगा और आप दिए गए नंबर पर कॉल करके अपना बिल अपडेट करा लीजिए । घबराहट में कनेक्शन कटने से बचने के लिए आप दिए गए नंबर पर कॉल करते हैं। फिर आपको भी एक निश्चित प्रक्रिया को फॉलो करने के लिए कहा जाता है और इसका परिणाम यह होता है कि आपके खाते से पैसा निकल चुका होता है। कुछ मामलों में आपके मोबाइल का सिम डिस्कनेक्ट करने की चेतावनी देते हुए केवाईसी कराने के लिए कहा जाता है और इस प्रकार भी आप साइबर ठगों ...

1930 helpline number in hindi|helpline for cyber crime | useful cyber security tips

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आजकल साईबर ठगी के अलग अलग तरीके सामने आ रहे हैं। साइबर ठग तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर लोगों को ठगते हैं। कभी आप इंटरनेट पर किसी कंपनी के कस्टमर केयर का नंबर सर्च कर रहे हैं और आपको कस्टमर केयर का नंबर मिल भी जाता है। आप उस नंबर पर बात करते हैं ,आपसे कहा जाता है कि हमारे द्वारा बताई प्रक्रिया को फॉलो कीजिए, और थोड़ी देर बाद आप देखते हैं कि आपके खाते से एक मोटी रकम निकल चुकी होती है। आप दोबारा उस नंबर पर कॉल करते हैं तो पता चलता है कि नंबर स्विच ऑफ है। कुछ दूसरे मामलों में ऐसा भी होता है कि आपके पास एक एसएमएस आता है कि आपका बिजली का बिल अपडेट नहीं हुआ है ,जिसके कारण आप का कनेक्शन काट दिया जाएगा और आप दिए गए नंबर पर कॉल करके अपना बिल अपडेट करा लीजिए । घबराहट में कनेक्शन कटने से बचने के लिए आप दिए गए नंबर पर कॉल करते हैं। फिर आपको भी एक निश्चित प्रक्रिया को फॉलो करने के लिए कहा जाता है और इसका परिणाम यह होता है कि आपके खाते से पैसा निकल चुका होता है। कुछ मामलों में आपके मोबाइल का सिम डिस्कनेक्ट करने की चेतावनी देते हुए केवाईसी कराने के लिए कहा जाता है और इस प्रकार भी आप साइबर ठगों ...

PM poshan Shakti yojana |महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा ने जारी किए निर्देश

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पूर्व में मध्यान्ह भोजन योजना के नाम से जाने जाने वाली पीएम पोषण शक्ति योजना को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है ।उत्तराखंड के विद्यालयी शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने योजना के क्रियान्वयन में भोजन परोसने को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। PM poshan Shakti yojana दरअसल कई विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान यह संज्ञान में आया कि भोजनमाताओं द्वारा जूते - चप्पल पहन कर छात्र-छात्राओं को भोजन वितरण किया जा रहा है। साथ ही कतिपय विद्यालयों में शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों के द्वारा भी बच्चों के भोजन ग्रहण करने वाले स्थान पर जूते पहन कर ही विचरण किया जा रहा है। इस स्थिति को अत्यंत खेदजनक और संस्कारहीन मानते हुए महानिदेशक द्वारा इसका संज्ञान लिया गया। जारी किए गए पत्र के अनुसार इस प्रकार जूते,चप्पल या सैंडल पहन कर भोजन ग्रहण करने वाले स्थान पर विचरण करने से जूते, चप्पल से गंदगी भोजन की थाली में गिरने की प्रबल संभावना होती है। इस संबंध में अपेक्षा की गई है कि बच्चों को टाट-पट्टी में पंक्तिबद्ध बैठाने के पश्चात ही भोजन वितरण का कार्य किया जाये। भोजनमाता हैंडकवर / ग्लब्स पहनकर भोजन व...

PM poshan Shakti yojana |महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा ने जारी किए निर्देश

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पूर्व में मध्यान्ह भोजन योजना के नाम से जाने जाने वाली पीएम पोषण शक्ति योजना को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है ।उत्तराखंड के विद्यालयी शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने योजना के क्रियान्वयन में भोजन परोसने को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। PM poshan Shakti yojana दरअसल कई विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान यह संज्ञान में आया कि भोजनमाताओं द्वारा जूते - चप्पल पहन कर छात्र-छात्राओं को भोजन वितरण किया जा रहा है। साथ ही कतिपय विद्यालयों में शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों के द्वारा भी बच्चों के भोजन ग्रहण करने वाले स्थान पर जूते पहन कर ही विचरण किया जा रहा है। इस स्थिति को अत्यंत खेदजनक और संस्कारहीन मानते हुए महानिदेशक द्वारा इसका संज्ञान लिया गया। जारी किए गए पत्र के अनुसार इस प्रकार जूते,चप्पल या सैंडल पहन कर भोजन ग्रहण करने वाले स्थान पर विचरण करने से जूते, चप्पल से गंदगी भोजन की थाली में गिरने की प्रबल संभावना होती है। इस संबंध में अपेक्षा की गई है कि बच्चों को टाट-पट्टी में पंक्तिबद्ध बैठाने के पश्चात ही भोजन वितरण का कार्य किया जाये। भोजनमाता हैंडकवर / ग्लब्स पहनकर भोजन व...

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UKPSC Assistant Professor recruitment।। अभ्यर्थियों ने फिर उठाई भर्ती हेतु लिखित परीक्षा की मांग

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उत्तराखंड लोक सेवा आयोग द्वारा की जाने वाली असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती प्रक्रिया में संशोधन की मांग को लेकर आज बड़ी संख्या में नेट, स्लेट उत्तीर्ण अभ्यर्थियों ने देहरादून में राज्य आंदोलनकारी वरिष्ठ भाजपा नेता रविंद्र जुगराण से मिलकर लिखित परीक्षा के माध्यम से चयन प्रक्रिया संपादित करवाने की मांग रखी। नेट एवं स्लेट उत्तीर्ण अभ्यर्थियों ने बताया कि एपीआई (Academic Performance Index) पर आधारित मेरिट बनाए जाने से उत्तराखण्ड के अधिकांश युवा भर्ती के पहले चरण में ही बाहर हो जाएंगे। इस प्रक्रिया में पी एच डी डिग्री को 25 अंकों का भारी वेटेज दिया गया है, जिससे अन्य अभ्यर्थी मेरिट से बाहर हो रहे हैं। ए पी आई आधारित मेरिट के स्थान पर लिखित परीक्षा एवं साक्षात्कार का वेटेज 85:15 रखते हुए के चयन प्रक्रिया सम्पन्न करने की मांग युवाओं ने रखी। महिला अभ्यर्थियों का किया आह्वान एकत्रित हुए अभ्यर्थियों ने अपने वक्तव्य में बताया कि आज भारी संख्या में युवा एकत्र हुए हैं, लेकिन महिला अभ्यर्थियों का बिल्कुल भी प्रतिनिधित्व नहीं है। इस मामले में महिला अभ्यर्थियों का भी हित है तो वह भी सामने आकर ...

UKPSC Assistant Professor recruitment।। अभ्यर्थियों ने फिर उठाई भर्ती हेतु लिखित परीक्षा की मांग

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उत्तराखंड लोक सेवा आयोग द्वारा की जाने वाली असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती प्रक्रिया में संशोधन की मांग को लेकर आज बड़ी संख्या में नेट, स्लेट उत्तीर्ण अभ्यर्थियों ने देहरादून में राज्य आंदोलनकारी वरिष्ठ भाजपा नेता रविंद्र जुगराण से मिलकर लिखित परीक्षा के माध्यम से चयन प्रक्रिया संपादित करवाने की मांग रखी। नेट एवं स्लेट उत्तीर्ण अभ्यर्थियों ने बताया कि एपीआई (Academic Performance Index) पर आधारित मेरिट बनाए जाने से उत्तराखण्ड के अधिकांश युवा भर्ती के पहले चरण में ही बाहर हो जाएंगे। इस प्रक्रिया में पी एच डी डिग्री को 25 अंकों का भारी वेटेज दिया गया है, जिससे अन्य अभ्यर्थी मेरिट से बाहर हो रहे हैं। ए पी आई आधारित मेरिट के स्थान पर लिखित परीक्षा एवं साक्षात्कार का वेटेज 85:15 रखते हुए के चयन प्रक्रिया सम्पन्न करने की मांग युवाओं ने रखी। महिला अभ्यर्थियों का किया आह्वान एकत्रित हुए अभ्यर्थियों ने अपने वक्तव्य में बताया कि आज भारी संख्या में युवा एकत्र हुए हैं, लेकिन महिला अभ्यर्थियों का बिल्कुल भी प्रतिनिधित्व नहीं है। इस मामले में महिला अभ्यर्थियों का भी हित है तो वह भी सामने आकर ...

Har ghar me tiranga laharaye| हर घर में तिरंगा लहराए : लक्ष्मी बिष्ट की कविता

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हर घर में तिरंगा लहराए, हर दिल में तिरंगा बस जाए। अपना भारत प्राणों से प्यारा, हर लब यह गीत गुनगुनाए। तीन रंगों की छटा निराली धरती से गगन तक छा जाए। तिरंगे की विराटता में, सारा जग समा जाए। उस दिव्य भाव को छू लें, जो देश प्रेम की राह दिखाए। हर घर में तिरंगा लहराए, हर दिल में तिरंगा बस जाए। रंग केसरिया याद दिलाता, शौर्य- बलिदान का गाथाएँ। सांसों की गति रुक भी जाये, पर प्रगति राष्ट्र की न रुकने पाये। हमारी आन- बान, स्वाभिमान तिरंगा कभी न झुकने पाये। देश की खातिर वीरों की कुर्बानियां न व्यर्थ जाएं। हर घर में तिरंगा लहराए, हर दिल में तिरंगा बस जाए। श्वेत रंग पैगाम शांति का लाये, सत्य का पथ हो,शुद्ध हृदय हो, स्नेह नीर से दूषित मन के मैल हटाएं। आपस के मतभेद भुलाकर, सबको प्रेम से गले लगाएँ। हर घर में तिरंगा लहराए, हर दिल में तिरंगा बस जाए। मध्य अशोक चक्र गतिमान, अनवरत जीवन की गति बताएं। चलते रहो, कभी न रुको यही संदेश सुनाए। हर घर में तिरंगा लहराए, हर दिल में तिरंगा बस जाये। हरा रंग जीवन में सुख समृद्धि बढ़ाये। मेरे वतन में खुशहाली हो, खेतों में हरियाली हो, कोई भूखा न सोने पाय...

Har ghar me tiranga laharaye| हर घर में तिरंगा लहराए : लक्ष्मी बिष्ट की कविता

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हर घर में तिरंगा लहराए, हर दिल में तिरंगा बस जाए। अपना भारत प्राणों से प्यारा, हर लब यह गीत गुनगुनाए। तीन रंगों की छटा निराली धरती से गगन तक छा जाए। तिरंगे की विराटता में, सारा जग समा जाए। उस दिव्य भाव को छू लें, जो देश प्रेम की राह दिखाए। हर घर में तिरंगा लहराए, हर दिल में तिरंगा बस जाए। रंग केसरिया याद दिलाता, शौर्य- बलिदान का गाथाएँ। सांसों की गति रुक भी जाये, पर प्रगति राष्ट्र की न रुकने पाये। हमारी आन- बान, स्वाभिमान तिरंगा कभी न झुकने पाये। देश की खातिर वीरों की कुर्बानियां न व्यर्थ जाएं। हर घर में तिरंगा लहराए, हर दिल में तिरंगा बस जाए। श्वेत रंग पैगाम शांति का लाये, सत्य का पथ हो,शुद्ध हृदय हो, स्नेह नीर से दूषित मन के मैल हटाएं। आपस के मतभेद भुलाकर, सबको प्रेम से गले लगाएँ। हर घर में तिरंगा लहराए, हर दिल में तिरंगा बस जाए। मध्य अशोक चक्र गतिमान, अनवरत जीवन की गति बताएं। चलते रहो, कभी न रुको यही संदेश सुनाए। हर घर में तिरंगा लहराए, हर दिल में तिरंगा बस जाये। हरा रंग जीवन में सुख समृद्धि बढ़ाये। मेरे वतन में खुशहाली हो, खेतों में हरियाली हो, कोई भूखा न सोने पाय...

राष्ट्रध्वज तिरंगे पर प्रो. अरूण की दो कविताएं। Poem on tiranga, poem on independence day,Prof.Nand Kishor Dhaundiyal Arun

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संपूर्ण भारतवर्ष आजकल आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। स्वतंत्रता के 75 वर्षों की इस यात्रा के पूर्ण होने पर हर घर तिरंगा अभियान चलाया जा रहा है। राष्ट्रध्वज तिरंगा हमारी आन, बान और शान का प्रतीक है। इस पोस्ट में हम प्रस्तुत कर रहे हैं, सभी देशवासियों के लिए वरिष्ठ साहित्यकार प्रो. नंद किशोर ढौंडियाल 'अरूण' की राष्ट्रध्वज तिरंगे पर लिखित दो विशेष कविताएं.... राष्ट्रध्वज राष्ट्रध्वज तू! प्राण है इस देश का, ध्वज नहीं तू! राष्ट्र का सम्मान है। शान है तू! देश का सम्मान है। राष्ट्रकुल का दिव्य एक निशान है। देश का तू! एक स्वस्तिक चिन्ह है। राष्ट्र का तू! प्राण एक अभिन्न है। सुदृढ़ अक्षर क्रान्ति का गुणगान है। ध्वज नहीं तू राष्ट्र का सम्मान है। अंग है तेरे तिरंगे रंग जो। चक्र का वैभव अतुल है संग जो । शक्ति-सौरभ सत्य के मानक सदा। हरित है सुख शस्य श्यामल सर्वदा । लक्ष्य है गति का, स्वयं गतिमान है। ध्वज नहीं तू! राष्ट्र का सम्मान है। जहाँ भी फहरे वहीं यह देश है। जहाँ भी लहरे प्रदेश स्वदेश है। चिह्न गौरव का स्वयं शुभ नाम तू! एक पट में सिमटता निज धाम तू! सिद्धि साधन योग बल कल्...

राष्ट्रध्वज तिरंगे पर प्रो. अरूण की दो कविताएं। Poem on tiranga, poem on independence day,Prof.Nand Kishor Dhaundiyal Arun

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संपूर्ण भारतवर्ष आजकल आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। स्वतंत्रता के 75 वर्षों की इस यात्रा के पूर्ण होने पर हर घर तिरंगा अभियान चलाया जा रहा है। राष्ट्रध्वज तिरंगा हमारी आन, बान और शान का प्रतीक है। इस पोस्ट में हम प्रस्तुत कर रहे हैं, सभी देशवासियों के लिए वरिष्ठ साहित्यकार प्रो. नंद किशोर ढौंडियाल 'अरूण' की राष्ट्रध्वज तिरंगे पर लिखित दो विशेष कविताएं.... राष्ट्रध्वज राष्ट्रध्वज तू! प्राण है इस देश का, ध्वज नहीं तू! राष्ट्र का सम्मान है। शान है तू! देश का सम्मान है। राष्ट्रकुल का दिव्य एक निशान है। देश का तू! एक स्वस्तिक चिन्ह है। राष्ट्र का तू! प्राण एक अभिन्न है। सुदृढ़ अक्षर क्रान्ति का गुणगान है। ध्वज नहीं तू राष्ट्र का सम्मान है। अंग है तेरे तिरंगे रंग जो। चक्र का वैभव अतुल है संग जो । शक्ति-सौरभ सत्य के मानक सदा। हरित है सुख शस्य श्यामल सर्वदा । लक्ष्य है गति का, स्वयं गतिमान है। ध्वज नहीं तू! राष्ट्र का सम्मान है। जहाँ भी फहरे वहीं यह देश है। जहाँ भी लहरे प्रदेश स्वदेश है। चिह्न गौरव का स्वयं शुभ नाम तू! एक पट में सिमटता निज धाम तू! सिद्धि साधन योग बल कल्...

Har ghar tiranga।। तिंरगा फहराएं मगर इतना ध्यान रहे

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इस वर्ष पूरा देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है भारत सरकार के द्वारा हर घर तिरंगा अभियान की घोषणा की गई है ।इसके तहत आगामी 13 से 15 अगस्त तक प्रत्येक घर पर तिरंगा फहराने का आह्वान किया गया है। आप भी अवश्य अपने घर पर तिरंगा अवश्य फहराएं,लेकिन तिरंगे की शान में कोई गुस्ताखी ना होने पाए।इसे हम पूरा सम्मान दें।इसलिए जानते हैं कुछ जरूरी बातें इस आलेख में.... आम आदमी को तिरंगा फहराने का अधिकार कैसे मिला क्या आप जानते हैं कि भारतीय संविधान में की गई मूल व्यवस्था के अनुसार ध्वज संहिता के अंतर्गत किसी भी व्यक्ति या निजी संस्था को तिरंगा फहराने का अधिकार नहीं था। 1992 में सबसे पहले प्रसिद्ध उद्योगपति तथा हरियाणा से लोकसभा सांसद नवीन जिंदल ने रायगढ़ में अपनी फैक्ट्री में तिरंगा फहराया। उस समय के स्थानीय कमिश्नर ने ध्वज आचार संहिता के तहत कार्यवाही करते हुए इसे अवैध ठहराया। इस कार्यवाही को जिंदल के द्वारा न्यायालय में चुनौती दी गई तथा भारतीय राष्ट्रीय ध्वज को फहराने की स्वतंत्रता के लिए न्यायालय के माध्यम से ही उन्होंने एक लंबी लड़ाई लड़ना आरंभ किया। एक लंबी कानूनी लड़ाई के बाद अंततः व...