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Showing posts from April, 2026

किशोर संवेदनाओं की सशक्त अभिव्यक्ति: ‘नेवर एंडिंग फिक्शन’ का लोकार्पण

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देहरादून में 25 अप्रैल को एक भव्य कार्यक्रम में सत्रह वर्षीय कवयित्री सिद्धि भण्डारी के प्रथम कविता संग्रह ‘नेवर एंडिंग फिक्शन’ का लोकार्पण दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र के सभागार में सम्पन्न हुआ। यह आयोजन केवल एक पुस्तक के विमोचन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समकालीन साहित्य, किशोर लेखन और रचनात्मकता की दिशा पर गंभीर विमर्श का अवसर भी बना। लेखन: ठहराव का एक रचनात्मक क्षण कार्यक्रम में अपनी बात रखते हुए सिद्धि ने लेखन को एक गहरे आत्मिक अनुभव के रूप में परिभाषित किया। उनके अनुसार, लिखना महज़ शब्दों को पंक्तिबद्ध करना नहीं है, बल्कि यह जीवन की भागदौड़ के बीच स्वयं से मिलने का एक ठहराव है। आज की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में मनुष्य अपनी संवेदनाओं, अनुभवों और अवलोकन की क्षमता को खोता जा रहा है। ऐसे में लेखन एक माध्यम बन सकता है, जो हमें अपने भीतर झांकने और दुनिया को नए दृष्टिकोण से देखने की प्रेरणा देता है। उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि हर व्यक्ति की अपनी एक कथा होती है, लेकिन हम उसे समझने और व्यक्त करने की प्रक्रिया से दूर होते जा रहे हैं। उनका मानना है कि यदि हम ठहरकर सोचें, मह...

किशोर संवेदनाओं की सशक्त अभिव्यक्ति: ‘नेवर एंडिंग फिक्शन’ का लोकार्पण

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देहरादून में 25 अप्रैल को एक भव्य कार्यक्रम में सत्रह वर्षीय कवयित्री सिद्धि भण्डारी के प्रथम कविता संग्रह ‘नेवर एंडिंग फिक्शन’ का लोकार्पण दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र के सभागार में सम्पन्न हुआ। यह आयोजन केवल एक पुस्तक के विमोचन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समकालीन साहित्य, किशोर लेखन और रचनात्मकता की दिशा पर गंभीर विमर्श का अवसर भी बना। लेखन: ठहराव का एक रचनात्मक क्षण कार्यक्रम में अपनी बात रखते हुए सिद्धि ने लेखन को एक गहरे आत्मिक अनुभव के रूप में परिभाषित किया। उनके अनुसार, लिखना महज़ शब्दों को पंक्तिबद्ध करना नहीं है, बल्कि यह जीवन की भागदौड़ के बीच स्वयं से मिलने का एक ठहराव है। आज की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में मनुष्य अपनी संवेदनाओं, अनुभवों और अवलोकन की क्षमता को खोता जा रहा है। ऐसे में लेखन एक माध्यम बन सकता है, जो हमें अपने भीतर झांकने और दुनिया को नए दृष्टिकोण से देखने की प्रेरणा देता है। उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि हर व्यक्ति की अपनी एक कथा होती है, लेकिन हम उसे समझने और व्यक्त करने की प्रक्रिया से दूर होते जा रहे हैं। उनका मानना है कि यदि हम ठहरकर सोचें, मह...

बैगलेस डे पर बच्चों ने दिखाई प्रतिभा

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देहरादून 25 अप्रैल। राजकीय प्राथमिक विद्यालय रामगढ़ में आज नवीन शैक्षिक सत्र 2026-27 के पहले बैग लेस डे/प्रतिभा दिवस का आयोजन किया गया। प्रतिभा दिवस के अंतर्गत विभागीय निर्देशों के अनुपालन में माता सम्मेलन का भी आयोजन किया गया। जिसमें विद्यालय में अध्यनरत छात्रों की माताओं ने प्रतिभाग किया। सभी कक्षाओं के छात्र-छात्राओं ने उपस्थित माताओं के सम्मुख आज के प्रतिभा दिवस के लिये निर्धारित गतिविधियों हिंदी, अंग्रेजी भाषा में अपना परिचय, कविता इत्यादि का प्रदर्शन किया। इसके साथ ही कक्षा 1 एवं 2 के छात्रों के लिये निर्धारित गतिविधियां अंग्रेजी के शब्द बोलना, ताली बजाना, कमर में हाथ रखकर उछलना, रंगीन चौक से रेखा खींचना, पैटर्न बनाना, रंगों के छापे लगाना तथा कक्षा तीन, चार एवं पांच के लिये स्थानीय मेले पर चर्चा, लंबाई का अनुमान लगाना तथा फिर उसे नापना, चित्रों में रंग भरना, 50 मीटर दौड़, छापे लगाना इत्यादि गतिविधियां संपन्न करवायी गयी। इससे पूर्व माता सम्मेलन में उपस्थित माताओं को राजकीय प्राथमिक विद्यालय रामगढ़ के प्रधानाध्यापक अरविन्द सोलंकी ने बैग लेस डे/प्रतिभा दिवस की अ...

बैगलेस डे पर बच्चों ने दिखाई प्रतिभा

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देहरादून 25 अप्रैल। राजकीय प्राथमिक विद्यालय रामगढ़ में आज नवीन शैक्षिक सत्र 2026-27 के पहले बैग लेस डे/प्रतिभा दिवस का आयोजन किया गया। प्रतिभा दिवस के अंतर्गत विभागीय निर्देशों के अनुपालन में माता सम्मेलन का भी आयोजन किया गया। जिसमें विद्यालय में अध्यनरत छात्रों की माताओं ने प्रतिभाग किया। सभी कक्षाओं के छात्र-छात्राओं ने उपस्थित माताओं के सम्मुख आज के प्रतिभा दिवस के लिये निर्धारित गतिविधियों हिंदी, अंग्रेजी भाषा में अपना परिचय, कविता इत्यादि का प्रदर्शन किया। इसके साथ ही कक्षा 1 एवं 2 के छात्रों के लिये निर्धारित गतिविधियां अंग्रेजी के शब्द बोलना, ताली बजाना, कमर में हाथ रखकर उछलना, रंगीन चौक से रेखा खींचना, पैटर्न बनाना, रंगों के छापे लगाना तथा कक्षा तीन, चार एवं पांच के लिये स्थानीय मेले पर चर्चा, लंबाई का अनुमान लगाना तथा फिर उसे नापना, चित्रों में रंग भरना, 50 मीटर दौड़, छापे लगाना इत्यादि गतिविधियां संपन्न करवायी गयी। इससे पूर्व माता सम्मेलन में उपस्थित माताओं को राजकीय प्राथमिक विद्यालय रामगढ़ के प्रधानाध्यापक अरविन्द सोलंकी ने बैग लेस डे/प्रतिभा दिवस की अ...

देवेन्द्र मेवाड़ी की “यायावर की यादें” का लोकार्पण: विज्ञान, साहित्य और स्मृतियों का संगम

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देहरादून, 24 अप्रैल।  देहरादून की साहित्यिक परंपरा एक बार फिर जीवंत हो उठी, जब वरिष्ठ विज्ञान लेखक देवेन्द्र मेवाड़ी की चर्चित कृति “यायावर की यादें” का लोकार्पण हुआ। दून लाइब्रेरी एवं शोध केंद्र के सभागार में आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक पुस्तक का विमोचन नहीं था, बल्कि विज्ञान, साहित्य, समाज और स्मृतियों के बहुआयामी संवाद का अवसर भी बना। कार्यक्रम में उपस्थित साहित्यकारों, लेखकों और चिंतकों ने न केवल पुस्तक पर अपने विचार रखे, बल्कि वर्तमान समाज में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और साहित्य की भूमिका पर भी गंभीर विमर्श किया। देहरादून की लेखन परंपरा  और वैज्ञानिक चेतना का प्रश्न कार्यक्रम की शुरुआत में साहित्यकार राजेश सकलानी ने अपने विचार रखते हुए कहा कि देहरादून लंबे समय से लेखकों और कवियों की उर्वर भूमि रही है। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि आज के समय में वैज्ञानिक चेतना का अभाव बढ़ता जा रहा है। उनके अनुसार, 1970 के दशक में जो वैज्ञानिक दृष्टिकोण समाज में दिखाई देता था, वह आज कहीं न कहीं कमज़ोर पड़ा है। उन्होंने कहा कि समाज कभी एकरूप नहीं होता, लेकिन बौद्धिक वर्ग ही उ...

देवेन्द्र मेवाड़ी की “यायावर की यादें” का लोकार्पण: विज्ञान, साहित्य और स्मृतियों का संगम

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देहरादून, 24 अप्रैल।  देहरादून की साहित्यिक परंपरा एक बार फिर जीवंत हो उठी, जब वरिष्ठ विज्ञान लेखक देवेन्द्र मेवाड़ी की चर्चित कृति “यायावर की यादें” का लोकार्पण हुआ। दून लाइब्रेरी एवं शोध केंद्र के सभागार में आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक पुस्तक का विमोचन नहीं था, बल्कि विज्ञान, साहित्य, समाज और स्मृतियों के बहुआयामी संवाद का अवसर भी बना। कार्यक्रम में उपस्थित साहित्यकारों, लेखकों और चिंतकों ने न केवल पुस्तक पर अपने विचार रखे, बल्कि वर्तमान समाज में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और साहित्य की भूमिका पर भी गंभीर विमर्श किया। देहरादून की लेखन परंपरा  और वैज्ञानिक चेतना का प्रश्न कार्यक्रम की शुरुआत में साहित्यकार राजेश सकलानी ने अपने विचार रखते हुए कहा कि देहरादून लंबे समय से लेखकों और कवियों की उर्वर भूमि रही है। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि आज के समय में वैज्ञानिक चेतना का अभाव बढ़ता जा रहा है। उनके अनुसार, 1970 के दशक में जो वैज्ञानिक दृष्टिकोण समाज में दिखाई देता था, वह आज कहीं न कहीं कमज़ोर पड़ा है। उन्होंने कहा कि समाज कभी एकरूप नहीं होता, लेकिन बौद्धिक वर्ग ही उ...

सकारात्मक बदलाव: युवाओं ने प्राथमिक विद्यालय में मनाया जन्मदिवस

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देहरादून, 23 अप्रैल। आधुनिकता के प्रभाव में आज की युवा पीढ़ी जहां भौतिकवादी संस्कृति की चकाचौंध में अपना जन्मदिन घर से बाहर किसी बढ़िया रेस्टोरेंट,होटल या पब आदि में मनाना पसंद करती है वहीं देहरादून के दो युवाओं ने अनोखी पहल करते हुए राजकीय प्राथमिक विद्यालय के बच्चों के बीच पहुंचकर उनके साथ अपना जन्मदिन मनाया और यह सकारात्मक बदलाव संपन्न हुआ संभव हुआ विद्यालय के प्रधानाध्यापक अरविंद सोलंकी के प्रयास से। आज नौका रामगढ़ निवासी दो नवयुवकों शुभम धीमान एवं संजय कुमार ने अपना जन्मदिन राजकीय प्राथमिक विद्यालय रामगढ़ एवं राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय रामगढ़ के 130 से अधिक बच्चों के बीच में मनाया। दोनों नवयुवक प्रसिद्ध बहुराष्ट्रीय कंपनियों में कार्य करते हैं। आज अपने जन्मदिन के अवसर पर उन्होंने सर्वप्रथम विद्यालय के समीप स्थित प्रसिद्ध मां दूधा देवी के मंदिर में पूजा अर्चना की और उसके बाद राजकीय प्राथमिक विद्यालय रामगढ़ एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय रामगढ़ के 130 छात्र-छात्राओं को टॉफियां, फ्रूटी तथा समोसे वितरित किये। प्राथमिक विद्यालय रामगढ़ की वरिष्ठ शिक्षिका मीना घिल्डियाल ने छात्र-छा...

सकारात्मक बदलाव: युवाओं ने प्राथमिक विद्यालय में मनाया जन्मदिवस

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देहरादून, 23 अप्रैल। आधुनिकता के प्रभाव में आज की युवा पीढ़ी जहां भौतिकवादी संस्कृति की चकाचौंध में अपना जन्मदिन घर से बाहर किसी बढ़िया रेस्टोरेंट,होटल या पब आदि में मनाना पसंद करती है वहीं देहरादून के दो युवाओं ने अनोखी पहल करते हुए राजकीय प्राथमिक विद्यालय के बच्चों के बीच पहुंचकर उनके साथ अपना जन्मदिन मनाया और यह सकारात्मक बदलाव संपन्न हुआ संभव हुआ विद्यालय के प्रधानाध्यापक अरविंद सोलंकी के प्रयास से। आज नौका रामगढ़ निवासी दो नवयुवकों शुभम धीमान एवं संजय कुमार ने अपना जन्मदिन राजकीय प्राथमिक विद्यालय रामगढ़ एवं राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय रामगढ़ के 130 से अधिक बच्चों के बीच में मनाया। दोनों नवयुवक प्रसिद्ध बहुराष्ट्रीय कंपनियों में कार्य करते हैं। आज अपने जन्मदिन के अवसर पर उन्होंने सर्वप्रथम विद्यालय के समीप स्थित प्रसिद्ध मां दूधा देवी के मंदिर में पूजा अर्चना की और उसके बाद राजकीय प्राथमिक विद्यालय रामगढ़ एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय रामगढ़ के 130 छात्र-छात्राओं को टॉफियां, फ्रूटी तथा समोसे वितरित किये। प्राथमिक विद्यालय रामगढ़ की वरिष्ठ शिक्षिका मीना घिल्डियाल ने छात्र-छा...

शिक्षक करेंगे दूरदर्शन के लिए पाठ्यवस्तु निर्माण

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देहरादून, 20 अप्रैल। दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाले पीएम ई विद्या चैनलों के लिए उत्तराखंड के शिक्षक अब स्वयं पाठ्यवस्तु का निर्माण कर सकेंगे। शिक्षकों द्वारा निर्मित पाठ्यवस्तु का प्रसारण पीएम विद्या चैनलों के माध्यम से विद्यार्थियों को सुलभ कराया जाएगा। इसके लिए  एस सी ई आर टी उत्तराखंड द्वारा शिक्षकों का प्रशिक्षण सम्पन्न कराया जा चुका है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), उत्तराखंड, देहरादून में PM e-VIDYA DTH चैनलों हेतु आयोजित पाँच दिवसीय अभिमुखीकरण-सह-प्रशिक्षण कार्यशाला  दिनांक 16 से 20 अप्रैल 2026 तक आयोजित की गई। कार्यशाला में राज्य के विभिन्न जनपदों, DIET संस्थानों एवं विद्यालयों से आए लगभग 55 शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। उद्घाटन सत्र में PM e-VIDYA एवं CIET-NCERT से जुड़े विशेषज्ञों ने डिजिटल शिक्षा की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। द्वितीय दिवस पर NCERT के निदेशक प्रो. दिनेश प्रसाद सकलानी एवं CIET-NCERT के संयुक्त निदेशक प्रो. अमरेन्द्र प्रसाद बेहरा ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए NEP-2020 आधारित गुणवत्तापूर्ण ई-कंटेंट निर्माण पर विशेष मार्गदर्शन ...

शिक्षक करेंगे दूरदर्शन के लिए पाठ्यवस्तु निर्माण

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देहरादून, 20 अप्रैल। दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाले पीएम ई विद्या चैनलों के लिए उत्तराखंड के शिक्षक अब स्वयं पाठ्यवस्तु का निर्माण कर सकेंगे। शिक्षकों द्वारा निर्मित पाठ्यवस्तु का प्रसारण पीएम विद्या चैनलों के माध्यम से विद्यार्थियों को सुलभ कराया जाएगा। इसके लिए  एस सी ई आर टी उत्तराखंड द्वारा शिक्षकों का प्रशिक्षण सम्पन्न कराया जा चुका है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), उत्तराखंड, देहरादून में PM e-VIDYA DTH चैनलों हेतु आयोजित पाँच दिवसीय अभिमुखीकरण-सह-प्रशिक्षण कार्यशाला  दिनांक 16 से 20 अप्रैल 2026 तक आयोजित की गई। कार्यशाला में राज्य के विभिन्न जनपदों, DIET संस्थानों एवं विद्यालयों से आए लगभग 55 शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। उद्घाटन सत्र में PM e-VIDYA एवं CIET-NCERT से जुड़े विशेषज्ञों ने डिजिटल शिक्षा की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। द्वितीय दिवस पर NCERT के निदेशक प्रो. दिनेश प्रसाद सकलानी एवं CIET-NCERT के संयुक्त निदेशक प्रो. अमरेन्द्र प्रसाद बेहरा ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए NEP-2020 आधारित गुणवत्तापूर्ण ई-कंटेंट निर्माण पर विशेष मार्गदर्शन ...

नवप्रवेशी बच्चों का माल्यार्पण कर किया स्वागत, विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं की दी जानकारी

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उत्तराखंड, देहरादून, 7 अप्रैल। चकराता विकासखण्ड के विद्यालय राजकीय इंटर कॉलेज खरोड़ा में प्रवेश उत्सव के अवसर पर नव प्रवेशी बच्चों का उनके अभिभावकों की उपस्थिति में माला पहनाकर स्वागत किया गया। मंजीत, अंकित, रितिका, अंजू और नैन सिंह नव प्रवेशी बच्चों के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य गोविन्द सिंह रौथाण ने कहा कि विद्यालय में आयोजित सभी कार्यक्रम और नीतियों का उद्देश्य बच्चों का सर्वागीण करना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सूचना संप्रेषण तकनीकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का ज्ञान आवश्यक हो गया है। एस. एम. सी अध्यक्ष तिलक राम डिमरी और शिक्षक- अभिभावक एसोसिएशन के अध्यक्ष गोपाल दत्त डिमरी ने सरकारी विद्यालयों में दी जाने वाली सुविधाओं को बच्चों के विकास के लिए आवश्यक बताया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए सतपाल चौहान ने कहा कि प्रवेश उत्सव का उद्देश्य अभिभावकों को सरकार द्वारा दिए जाने वाले कार्यक्रमों के बारे में जानकारी देना और नामांकन को बढ़ावा देना है। डॉ. उमेश चमोला ने मिशन कोशिश के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इसका उद्देश्य नवीन कक्षा के पाठ्यक्रम को ...

नवप्रवेशी बच्चों का माल्यार्पण कर किया स्वागत, विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं की दी जानकारी

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उत्तराखंड, देहरादून, 7 अप्रैल। चकराता विकासखण्ड के विद्यालय राजकीय इंटर कॉलेज खरोड़ा में प्रवेश उत्सव के अवसर पर नव प्रवेशी बच्चों का उनके अभिभावकों की उपस्थिति में माला पहनाकर स्वागत किया गया। मंजीत, अंकित, रितिका, अंजू और नैन सिंह नव प्रवेशी बच्चों के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य गोविन्द सिंह रौथाण ने कहा कि विद्यालय में आयोजित सभी कार्यक्रम और नीतियों का उद्देश्य बच्चों का सर्वागीण करना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सूचना संप्रेषण तकनीकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का ज्ञान आवश्यक हो गया है। एस. एम. सी अध्यक्ष तिलक राम डिमरी और शिक्षक- अभिभावक एसोसिएशन के अध्यक्ष गोपाल दत्त डिमरी ने सरकारी विद्यालयों में दी जाने वाली सुविधाओं को बच्चों के विकास के लिए आवश्यक बताया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए सतपाल चौहान ने कहा कि प्रवेश उत्सव का उद्देश्य अभिभावकों को सरकार द्वारा दिए जाने वाले कार्यक्रमों के बारे में जानकारी देना और नामांकन को बढ़ावा देना है। डॉ. उमेश चमोला ने मिशन कोशिश के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इसका उद्देश्य नवीन कक्षा के पाठ्यक्रम को ...