किशोर संवेदनाओं की सशक्त अभिव्यक्ति: ‘नेवर एंडिंग फिक्शन’ का लोकार्पण
देहरादून में 25 अप्रैल को एक भव्य कार्यक्रम में सत्रह वर्षीय कवयित्री सिद्धि भण्डारी के प्रथम कविता संग्रह ‘नेवर एंडिंग फिक्शन’ का लोकार्पण दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र के सभागार में सम्पन्न हुआ। यह आयोजन केवल एक पुस्तक के विमोचन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समकालीन साहित्य, किशोर लेखन और रचनात्मकता की दिशा पर गंभीर विमर्श का अवसर भी बना। लेखन: ठहराव का एक रचनात्मक क्षण कार्यक्रम में अपनी बात रखते हुए सिद्धि ने लेखन को एक गहरे आत्मिक अनुभव के रूप में परिभाषित किया। उनके अनुसार, लिखना महज़ शब्दों को पंक्तिबद्ध करना नहीं है, बल्कि यह जीवन की भागदौड़ के बीच स्वयं से मिलने का एक ठहराव है। आज की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में मनुष्य अपनी संवेदनाओं, अनुभवों और अवलोकन की क्षमता को खोता जा रहा है। ऐसे में लेखन एक माध्यम बन सकता है, जो हमें अपने भीतर झांकने और दुनिया को नए दृष्टिकोण से देखने की प्रेरणा देता है। उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि हर व्यक्ति की अपनी एक कथा होती है, लेकिन हम उसे समझने और व्यक्त करने की प्रक्रिया से दूर होते जा रहे हैं। उनका मानना है कि यदि हम ठहरकर सोचें, मह...