इस आयोजन में स्त्री अस्मिता के सवालों से निरुत्तर कर गया नाटक, महिला चित्रकारों के चित्रों ने किया मंत्रमुग्ध

अजीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस संबंधी कार्यक्रम का आयोजन देहरादून में तरला आमवाला स्थित कैंपस में किया गया। देहरादून की प्रसिद्ध महिला चित्रकारों के चित्रों की प्रदर्शनी डीआरडीओ की वैज्ञानिक जया मिश्रा तथा डीएवी महाविद्यालय कि छात्र संघ उपाध्यक्ष सोलानी लेगी से बातचीत और संभव मंच परिवार द्वारा नाटक ' तुम रहोगी तो वही' की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।

चित्र प्रदर्शनी का आयोजन

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस प्रत्येक वर्ष 8 मार्च को मनाया जाता है इस दिन होली का त्यौहार होने के कारण अजीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा इस कार्यक्रम को आज आयोजित किया गया। कार्यक्रम के पहले भाग में देहरादून की प्रसिद्ध महिला चित्रकारों के चित्रों की प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी के साथ-साथ महिला अधिकारों के संबंध में एक पोस्टर गैलरी भी सुसज्जित की गई थी। चित्र प्रदर्शनी में कृतिका थापा, अनिला सिद्दीकी, हरमनजीत कौर प्रभा, शालिनी रात्रा जैसे चित्रकारों के चित्र प्रदर्शित किए गए।सभी चित्र दर्शकों के मन को छू लेने वाले थे।

जेंडर समता पर बातचीत

इस बार के महिला दिवस की थीम डिजिटल जेंडर समता को बढ़ावा देने के लिए टेक्नोलॉजी तक महिलाओं की पहुंच थी। इस विषय पर रुचि पैन्यूली और वर्तुल के द्वारा डीआरडीओ की वरिष्ठ वैज्ञानिक जया मिश्रा तथा डीएवी महाविद्यालय देहरादून की छात्र संघ उपाध्यक्ष सोनाली नेगी से बातचीत की गई।वैज्ञानिक जया मिश्रा ने अपने संबोधन में महिलाओं के आज के सूचना क्रांति युग में डिजिटल साक्षर होने तथा सूचना तकनीकी तक उनकी पहुंच होने की आवश्यकता पर जोर दिया।

डीएवी महाविद्यालय की छात्र संघ उपाध्यक्ष सोनाली नेगी ने बताया कि किस तरह उन्होंने सुदूरवर्ती जनपद चमोली के विकासखंड नारायण बगड़ से अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त कर देहरादून आ कर प्रदेश के सबसे बड़े महाविद्यालय डीएवी महाविद्यालय देहरादून के छात्र संघ का उपाध्यक्ष बनने तक का अपना सफर तय किया। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं से जुड़ने तथा अपनी बात लोगों तक पहुंचाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म उनके लिए बहुत मददगार साबित हुए हैं।

नाटक रहोगी तो तुम वही ने उठाए सवाल

संभव मंच परिवार द्वारा प्रस्तुत नाटक ' रहोगी तो तुम वही' की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में उपस्थित दर्शकों के सामने ऐसे प्रश्न खड़े कर दिए, जिनका उत्तर आज भी समाज के पास नहीं है। स्त्री अस्मिता के सवाल उठाते इस नाटक का निर्देशन अभिषेक मैंदोला ने किया। नाटक के पात्रों के जीवंत अभिनय ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

International women's day celebration by azim Premji foundation

इस अवसर पर माध्यमिक शिक्षा विभाग उत्तराखंड की पूर्व निदेशक पुष्पा मानस, अजीम प्रेमजी फाउंडेशन,एससीईआरटी, सीमैट,विद्यालय शिक्षा विभाग, बीजीवीएस एवं कई संगठनों के प्रतिनिधियों में अंबरीश बिष्ट,अशोक मिश्रा,प्रतिभा कटियार, डॉ मोहन बिष्ट,जगमोहन कठैत, डा. विजय रावत,प्रदीप बहुगुणा,सुनील भट्ट,सोहन नेगी,लक्ष्मण चौहान,कमलेश खंतवाल,इंद्रेश नौटियाल आदि उपस्थित थे।

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