बुनियादी साक्षरता एवं संख्याज्ञान पर अनुभवात्मक प्रशिक्षण में शिक्षकों ने बताए अपने अनुभव

प्रत्येक बच्चे के भीतर बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान (Foundational Literacy and Numeracy) के कौशल विकसित करने के लिये चलाये जा रहे निपुण भारत मिशन के अंतर्गत अनुभवात्मक प्रशिक्षण केंद्र राजकीय प्राथमिक विद्यालय रामगढ़ में विकासखण्ड के शिक्षकों के अंतिम बैच का तीन दिवसीय प्रशिक्षण आज सम्पन्न हो गया।

राजकीय प्राथमिक विद्यालय रामगढ़, देहरादून में छः-छः के बैच में रायपुर विकासखण्ड के कुल तीस शिक्षकों ने अनुभवात्मक प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के बारे में राजकीय प्राथमिक विद्यालय रामगढ़ के प्रधानाध्यापक एवं मास्टर ट्रेनर अरविन्द सिंह सोलंकी ने बताया कि भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों के अनुसार निपुण भारत मिशन के अंतर्गत संचालित बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान (FLN) कार्यक्रम के तहत वर्ष 2026 तक पूर्व प्राथमिक (बाल वाटिका) से लेकर कक्षा दो अर्थात आठ वर्ष तक के प्रत्येक छात्र-छात्रा को उनकी कक्षा के लिये निर्धारित बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान के लक्ष्यों को प्राप्त कर निपुण बनाना है। इसी क्रम में राजकीय प्राथमिक विद्यालय रामगढ़ को इस वर्ष विकासखण्ड के अन्य शिक्षकों के अनुभवात्मक प्रशिक्षण के लिये चयनित किया गया है।

इस विद्यालय में  पाँच बैच में कुल तीस शिक्षकों ने अनुभवात्मक प्रशिक्षण में प्रतिभाग किया । प्रशिक्षण में अन्य विद्यालयों से आये शिक्षकों को राजकीय प्राथमिक विद्यालय रामगढ़ के भौतिक, शैक्षिक, स्वच्छता, शिक्षण पद्धतियों, पाठ्य सहगामी क्रियाकलापों, पी एम पोषण इत्यादि गतिविधियों के अवलोकन करने के साथ ही विद्यालय के शिक्षकों, छात्रों, भोजन माताओं, विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों तथा अभिभावकों से बातचीत कर विद्यालय के बारे में समझना और विद्यालय में अपनायी जा रही बेस्ट प्रैक्टिसेज को अपने विद्यालय में शामिल करना था। जिसके अंतर्गत प्रत्येक दिवस के लिये अलग-अलग गतिविधियां निर्धारित की गयी हैं।

FLN training at gps Ramgarh

प्रशिक्षण बिंदुओं में विद्यालय का भौतिक वातावरण एवं स्वच्छता, निपुण भारत मिशन लोगो, स्लोगन, उद्देश्य, प्रतिज्ञा तथा लक्ष्यों का कक्षावार प्रदर्शन, शिक्षण उपकरणों, प्रोजेक्टर, कंप्यूटर, स्मार्ट टीवी का उपयोग, प्रिंट रिच वातावरण, संसाधनों एवं अभिलेखों का रख-रखाव, पुस्तकालय, रीडिंग कॉर्नर, गणित कॉर्नर इत्यादि का शिक्षण प्रक्रिया में उपयोग, छात्रों की उपस्थिति, पी एम पोषण, भोजनमाताओं का छात्रों के प्रति व्यवहार, अधिगम की विधियां, शैक्षिक गतिविधियों में छात्रों तथा शिक्षकों की सहभागिता, शिक्षण में टीएलएम का उपयोग, विभिन्न नवाचार, निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों के अनुरूप बच्चों की समझ, पुस्तकों पर बच्चों की समझ, निपुण अभ्यास पुस्तिकाओं पर बच्चों द्वारा किया गया कार्य, खेल आधारित शिक्षण, छात्रों, शिक्षकों तथा विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों से बातचीत इत्यादि शामिल है।

प्रशिक्षण में सम्मिलित सभी शिक्षकों ने राजकीय प्राथमिक विद्यालय रामगढ़ में प्रशिक्षण के अपने अनुभव को बहुत अच्छा तथा उपयोगी बताया। प्रशिक्षण में शामिल राजकीय प्राथमिक विद्यालय बंजारावाला की शिक्षिका डॉ० सुरेखा शर्मा ने प्राथमिक विद्यालय रामगढ़ में प्रशिक्षण के अपने अनुभव पर कहा कि विद्यालय की स्वच्छता, सुंदरता, शिक्षण तथा अन्य व्यवस्थाओं ने उन्हें बहुत प्रभावित किया है और उनका तो यहाँ से जाने का मन ही नहीं कर रहा है। प्राथमिक विद्यालय कारगी-2 से आयी शिक्षिका पूनम बिष्ट ने अपने अनुभव व्यक्त करते हुये कहा कि विद्यालय का भौतिक तथा शैक्षिक वातावरण एवं अनुशासन  सराहनीय है। विद्यालय में कराये जा रहे क्रियाकलाप सभी के लिये अनुकरणीय हैं।

राजकीय प्राथमिक विद्यालय रामगढ़ में आयोजित अनुभवात्मक प्रशिक्षण में विद्यालय के प्रधानाध्यापक अरविन्द सिंह सोलंकी ने मास्टर ट्रेनर की भूमिका निभायी तथा विद्यालय के सहायक अध्यापकों उषा चौधरी, मीना घिल्डियाल, मधुलिका, वीरेंद्र उनियाल, डी एल एड प्रशिक्षु नवीन कुमार ने प्रशिक्षण में सहयोग प्रदान किया।

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