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काली पट्टी बांध कर विरोध दर्ज कराएंगे शिक्षक,अंकित जोशी ने किया आंदोलन का ऐलान

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लंबे समय से शिक्षकों की पदोन्नति ना हो पाने के कारण शांतिपूर्ण आंदोलन के रूप में कल से शिक्षकों द्वारा काली पट्टी बांधकर अपना कार्य करते हुए विरोध दर्ज किया जाएगा । यह जानकारी राजकीय शिक्षक संघ उत्तराखंड की एससीईआरटी शाखा के अध्यक्ष डॉक्टर अंकित जोशी ने दी। कल 11 अप्रैल से शिक्षक काली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे। राजकीय शिक्षक संघ एससीईआरटी शाखा के अध्यक्ष डॉ० अंकित जोशी ने बताया कि एलटी से प्रवक्ता पदों पर विभाग द्वारा पदोन्नति न करने के विरोध में 11 अप्रैल से शिक्षक काली पट्टी बांधेंगे उन्होंने शिक्षकों से अपने कार्यस्थल पर ही काली पट्टी बाँध कर अपने दायित्वों का निर्वहन कर इस मुहिम में साथ देने की अपील की है । उन्होंने शिक्षकों से अनुरोध किया है कि काली पट्टी बाँध कर अपनी तस्वीर को व्हाट्सएप और फ़ेसबुक पर अपनी प्रोफाइल पिक्चर बनायें व सोशल मीडिया पर इसका व्यापक प्रचार प्रसार भी करें ।एलटी से प्रवक्ता पदों पर विगत कई वर्षों से पदोन्नति नहीं हो सकी है । डॉ० अंकित जोशी का मानना है कि विभाग की अनिर्णयता के कारण पदोन्नतियां नहीं हो पा रही हैं और विभाग पदोन्नतियों को लंबित रखन...

काली पट्टी बांध कर विरोध दर्ज कराएंगे शिक्षक,अंकित जोशी ने किया आंदोलन का ऐलान

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लंबे समय से शिक्षकों की पदोन्नति ना हो पाने के कारण शांतिपूर्ण आंदोलन के रूप में कल से शिक्षकों द्वारा काली पट्टी बांधकर अपना कार्य करते हुए विरोध दर्ज किया जाएगा । यह जानकारी राजकीय शिक्षक संघ उत्तराखंड की एससीईआरटी शाखा के अध्यक्ष डॉक्टर अंकित जोशी ने दी। कल 11 अप्रैल से शिक्षक काली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे। राजकीय शिक्षक संघ एससीईआरटी शाखा के अध्यक्ष डॉ० अंकित जोशी ने बताया कि एलटी से प्रवक्ता पदों पर विभाग द्वारा पदोन्नति न करने के विरोध में 11 अप्रैल से शिक्षक काली पट्टी बांधेंगे उन्होंने शिक्षकों से अपने कार्यस्थल पर ही काली पट्टी बाँध कर अपने दायित्वों का निर्वहन कर इस मुहिम में साथ देने की अपील की है । उन्होंने शिक्षकों से अनुरोध किया है कि काली पट्टी बाँध कर अपनी तस्वीर को व्हाट्सएप और फ़ेसबुक पर अपनी प्रोफाइल पिक्चर बनायें व सोशल मीडिया पर इसका व्यापक प्रचार प्रसार भी करें ।एलटी से प्रवक्ता पदों पर विगत कई वर्षों से पदोन्नति नहीं हो सकी है । डॉ० अंकित जोशी का मानना है कि विभाग की अनिर्णयता के कारण पदोन्नतियां नहीं हो पा रही हैं और विभाग पदोन्नतियों को लंबित रखन...

शिक्षक तबादला नीति को कार्मिक विभाग की मंजूरी, जानिए क्या होंगे प्रावधान

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उत्तराखंड में शिक्षा विभाग सबसे बड़ा सरकारी विभाग है। इस विभाग में शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया का क्रियान्वयन करना अत्यंत कठिन साबित हुआ है। यहां तक कि राज्य में कार्मिकों के लिए बने स्थानांतरण एक्ट से भी शिक्षकों के तबादलों की समस्या का निराकरण नहीं हो सका। सूत्रों के अनुसार अब शिक्षक तबादलों के लिए मनाई गई नई स्थानांतरण नीति को कार्मिक विभाग ने हरी झंडी दिखा दी है। उत्तराखंड में शिक्षकों के तबादलों के लिए सरकार द्वारा बनाई गई नई स्थानांतरण नीति पर पिछले डेढ़ वर्ष से चर्चा चल रही है बताया जा रहा है कि हरियाणा राज्य की तर्ज पर बनाई गई शिक्षक स्थानांतरण नीति को समीक्षा के लिए कार्मिक विभाग को भेजा गया था। इसके बाद कार्मिक विभाग ने इसमे संशोधन हेतु कुछ सुझाव दिए थे। सूत्रों के अनुसार नई स्थानांतरण नीति को कार्मिक विभाग द्वारा मंजूरी दे दी गई है । कार्मिक विभाग से मंजूरी मिलने के पश्चात अब इस नीति को कैबिनेट में रखा जाएगा ताकि इसे अमलीजामा पहनाया जा सके। तीन मुख्य जोन तथा आठ सब जोन में बांटा गया है राज्य को नई शिक्षक स्थानांतरण नीति में उत्तराखंड राज्य को संपूर्ण कार्य क...

शिक्षक तबादला नीति को कार्मिक विभाग की मंजूरी, जानिए क्या होंगे प्रावधान

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उत्तराखंड में शिक्षा विभाग सबसे बड़ा सरकारी विभाग है। इस विभाग में शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया का क्रियान्वयन करना अत्यंत कठिन साबित हुआ है। यहां तक कि राज्य में कार्मिकों के लिए बने स्थानांतरण एक्ट से भी शिक्षकों के तबादलों की समस्या का निराकरण नहीं हो सका। सूत्रों के अनुसार अब शिक्षक तबादलों के लिए मनाई गई नई स्थानांतरण नीति को कार्मिक विभाग ने हरी झंडी दिखा दी है। उत्तराखंड में शिक्षकों के तबादलों के लिए सरकार द्वारा बनाई गई नई स्थानांतरण नीति पर पिछले डेढ़ वर्ष से चर्चा चल रही है बताया जा रहा है कि हरियाणा राज्य की तर्ज पर बनाई गई शिक्षक स्थानांतरण नीति को समीक्षा के लिए कार्मिक विभाग को भेजा गया था। इसके बाद कार्मिक विभाग ने इसमे संशोधन हेतु कुछ सुझाव दिए थे। सूत्रों के अनुसार नई स्थानांतरण नीति को कार्मिक विभाग द्वारा मंजूरी दे दी गई है । कार्मिक विभाग से मंजूरी मिलने के पश्चात अब इस नीति को कैबिनेट में रखा जाएगा ताकि इसे अमलीजामा पहनाया जा सके। तीन मुख्य जोन तथा आठ सब जोन में बांटा गया है राज्य को नई शिक्षक स्थानांतरण नीति में उत्तराखंड राज्य को संपूर्ण कार्य क...

किरन बहुखंडी के कविता संग्रह प्रकीर्णिका का लोकार्पण,गहन अनुभूति की उपज हैं इनकी कविताएं

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किरन बहुखण्डी की कविता की पुस्तक ‘‘प्रकीर्णिका’’ का लोकार्पण आज रिंग रोड़ स्थित होटल पर्ल एवेन्यू में हुआ। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अपर निदेशक, एस.सी.ई.आर.टी. उत्तराखण्ड ने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होता है। जब हम साहित्य को पढ़ते हैं, तो हमें उस युग की सामाजिक परिस्थितियों के बारे में जानकारी प्राप्त होती है, जिसमें यह साहित्य लिखा गया होता है। अपर निदेशक ने किरन बहुखण्डी को उनके काव्य संग्रह की बधाई देते हुए कहा कि उनकी कविताओं में वर्तमान समय की सामाजिक, राजनैतिक परिस्थितियों का चित्रण किया गया है। साथ ही इन कविताओं में गहरी अनुभूति महसूस की जा सकती है। किरन बहुखण्डी ने अपनी कविताओं में समाज में नैतिक मूल्यों की गिरावट को उकेरा है। बतौर मुख्य अतिथि साहित्यकार लोकेश नवानी ने कहा कि साहित्य का उद्देश्य समाज की जड़ता को समाप्त करना है। इसलिए ऐसा साहित्य लिखा जाना चाहिए जो समाज की विसंगतियों पर करारी चोट करे। विशिष्ट अतिथि के रूप में डाॅ0 नरेन्द्र सिंह चैधरी, सेवानिवृत्त जिला वन अधिकारी ने कहा किरन बहुखण्डी की कविताओं में भावना और विचारों के अलग-अलग रंग द...

किरन बहुखंडी के कविता संग्रह प्रकीर्णिका का लोकार्पण,गहन अनुभूति की उपज हैं इनकी कविताएं

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किरन बहुखण्डी की कविता की पुस्तक ‘‘प्रकीर्णिका’’ का लोकार्पण आज रिंग रोड़ स्थित होटल पर्ल एवेन्यू में हुआ। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अपर निदेशक, एस.सी.ई.आर.टी. उत्तराखण्ड ने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होता है। जब हम साहित्य को पढ़ते हैं, तो हमें उस युग की सामाजिक परिस्थितियों के बारे में जानकारी प्राप्त होती है, जिसमें यह साहित्य लिखा गया होता है। अपर निदेशक ने किरन बहुखण्डी को उनके काव्य संग्रह की बधाई देते हुए कहा कि उनकी कविताओं में वर्तमान समय की सामाजिक, राजनैतिक परिस्थितियों का चित्रण किया गया है। साथ ही इन कविताओं में गहरी अनुभूति महसूस की जा सकती है। किरन बहुखण्डी ने अपनी कविताओं में समाज में नैतिक मूल्यों की गिरावट को उकेरा है। बतौर मुख्य अतिथि साहित्यकार लोकेश नवानी ने कहा कि साहित्य का उद्देश्य समाज की जड़ता को समाप्त करना है। इसलिए ऐसा साहित्य लिखा जाना चाहिए जो समाज की विसंगतियों पर करारी चोट करे। विशिष्ट अतिथि के रूप में डाॅ0 नरेन्द्र सिंह चैधरी, सेवानिवृत्त जिला वन अधिकारी ने कहा किरन बहुखण्डी की कविताओं में भावना और विचारों के अलग-अलग रंग द...

शिक्षकों के साथ हो रहे अन्याय के विरुद्ध राजकीय शिक्षक संघ देहरादून कार्यकारिणी ने फूंका संघर्ष का बिगुल

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राजकीय शिक्षकों के साथ हो रहे अन्याय के विरुद्ध शिक्षक लामबंद होने लगे हैं।राजकीय शिक्षक संघ की जनपद देहरादून की जिला कार्यकारिणी द्वारा आहूत बैठक में बोर्ड परीक्षाओं के बाद संघर्ष का बिगुल फूंकने पर सहमति बनी है। आज दिनांक 4 अप्रैल 2023 को राजकीय इंटर कॉलेज नालापानी देहरादून में राजकीय शिक्षक संघ देहरादून के जनपद कार्यकारिणी एवं समस्त ब्लॉक पदाधिकारियों की एक आवश्यक बैठक जिला अध्यक्ष कुलदीप कंडारी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में प्रधानाचार्य पदों पर सीधी भर्ती का विरोध किया गया तथा लंबे समय से शिक्षकों की पदोन्नतियों के लंबित होने के विरुद्ध संघर्ष का ऐलान किया गया। प्रधानाचार्य पद पर सीधी भर्ती का विरोध शासन द्वारा बनाई गई प्रधानाचार्य नियमावली 2022 जिसके अंतर्गत 693 सीधी भर्ती के पद बना दिए गए हैं, का स्पष्ट विरोध करने का निर्णय लिया गया। प्रधानाचार्य का पद शत प्रतिशत पदोन्नति का पद है, जिसमें निर्धारित सेवा अवधि पूर्ण करने वाले प्रधानाध्यापक को पदोन्नति प्रदान की जाती है, सीधी भर्ती के कारण केवल 20% शिक्षकों को लाभ तथा 80% शिक्षकों की अनदेखी करके वरिष्ठता को एक...