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बाल शोध मेले में बच्चों ने किया प्रतिभा का प्रदर्शन

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देहरादून, 29 फरवरी। देहरादून के राजकीय प्राथमिक विद्यालय बांध विस्थापित बंजारावाला में आयोजित  बाल शोध मेले में बच्चों ने अपने प्रोजेक्ट प्रदर्शित किए। शिक्षा विभाग,विकास खंड रायपुर एवं अज़ीम प्रेमजी फाउन्डेशन के संयुक्त तत्वावधान में विद्यालय स्तर पर आयोजित इस बाल शोध मेले का शुभारंभ डायट देहरादून के प्राचार्य राकेश जुगरान द्वारा दीप प्रज्जवलन से किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि बच्चों को स्वयं प्रयास करने और सीखने के अवसर देने से बच्चों में समझ बढ़ती है और पढ़ने - लिखने को लेकर उनका आत्मविश्वास मजबूत होता है जो भविष्य में आगे बढ़ने में उनके लिए सहयोगी साबित होता है। बाल शोध मेले में बच्चों ने विभिन्न थीम्स पर आधारित अपने प्रोजेक्ट कार्य को अलग - अलग स्टाल्स के माध्यम से प्रदर्शित किया । मेले के प्रारम्भ में बच्चों द्वारा अतिथियों का स्वागत ग्रीटिंगकार्ड और पुष्प गुच्छ देने  के साथ एक सुन्दर स्वागत गीत से किया गया। इस बाल शोध मेले में बी आर सी लक्ष्मण सिंह रावत तथा सीआर सी बडासी सुनीता रावत और सी आर सी बंजारावाला समेत कई शिक्षक एवं अभिभावक तथा आयोजक व...

बाल शोध मेले में बच्चों ने किया प्रतिभा का प्रदर्शन

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देहरादून, 29 फरवरी। देहरादून के राजकीय प्राथमिक विद्यालय बांध विस्थापित बंजारावाला में आयोजित  बाल शोध मेले में बच्चों ने अपने प्रोजेक्ट प्रदर्शित किए। शिक्षा विभाग,विकास खंड रायपुर एवं अज़ीम प्रेमजी फाउन्डेशन के संयुक्त तत्वावधान में विद्यालय स्तर पर आयोजित इस बाल शोध मेले का शुभारंभ डायट देहरादून के प्राचार्य राकेश जुगरान द्वारा दीप प्रज्जवलन से किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि बच्चों को स्वयं प्रयास करने और सीखने के अवसर देने से बच्चों में समझ बढ़ती है और पढ़ने - लिखने को लेकर उनका आत्मविश्वास मजबूत होता है जो भविष्य में आगे बढ़ने में उनके लिए सहयोगी साबित होता है। बाल शोध मेले में बच्चों ने विभिन्न थीम्स पर आधारित अपने प्रोजेक्ट कार्य को अलग - अलग स्टाल्स के माध्यम से प्रदर्शित किया । मेले के प्रारम्भ में बच्चों द्वारा अतिथियों का स्वागत ग्रीटिंगकार्ड और पुष्प गुच्छ देने  के साथ एक सुन्दर स्वागत गीत से किया गया। इस बाल शोध मेले में बी आर सी लक्ष्मण सिंह रावत तथा सीआर सी बडासी सुनीता रावत और सी आर सी बंजारावाला समेत कई शिक्षक एवं अभिभावक तथा आयोजक व...

चित्रकार जगमोहन बंगाणी को मिलेगा सुराह सम्मान 2023, बंगाणी जन शब्दकोश का भी हुआ लोकार्पण

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देहरादून के दून पुस्तकालय सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम में आज बंगाणी भाषा के संरक्षण और बंगाणी साहित्य के विकास पर मंथन किया गया। बंगाण औणी बंगाणी समूह द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत में अपनी बात रखते हुए आयोजक मंडल के सदस्य सुरक्षा रावत ने बताया कि बंगाण  क्षेत्र के प्रसिद्ध समाजसेवी सुरेंद्र सिंह रावत ' सुराह' के जन्मदिवस पर प्रतिवर्ष 26 फरवरी को यह कार्यक्रम आयोजित किया जाता है । सुरेंद्र सिंह रावत सुराह को बंगाणी भाषा का प्रथम लेखक माना जाता है क्योंकि जौनसार बंगाण क्षेत्र के इष्टदेव महासू महाराज की आरती को लिखने और प्रकाशित करवाने का श्रेय उनको जाता है। बंगाणी भाषा में प्रकाशित पत्रिका इजाज का लोकार्पण भी कार्यक्रम के दौरान किया गया पत्रिका के बारे में बताते हुए इसके संपादक आर पी विशाल ने बताया कि समूह की वार्षिक पत्रिका का यह दूसरा अंक है। बंगाणी भाषा को बढ़ावा देने और बंगाणी साहित्य को उचित मंच प्रदान करने के उद्देश्य से प्रकाशित इस पत्रिका  नाम  'इजाज'  रखा गया है, इसका तात्पर्य ' आजकल '  से है। इस अवसर पर बंगाणी भाषा के ऑनलाइ...

चित्रकार जगमोहन बंगाणी को मिलेगा सुराह सम्मान 2023, बंगाणी जन शब्दकोश का भी हुआ लोकार्पण

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देहरादून के दून पुस्तकालय सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम में आज बंगाणी भाषा के संरक्षण और बंगाणी साहित्य के विकास पर मंथन किया गया। बंगाण औणी बंगाणी समूह द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत में अपनी बात रखते हुए आयोजक मंडल के सदस्य सुरक्षा रावत ने बताया कि बंगाण  क्षेत्र के प्रसिद्ध समाजसेवी सुरेंद्र सिंह रावत ' सुराह' के जन्मदिवस पर प्रतिवर्ष 26 फरवरी को यह कार्यक्रम आयोजित किया जाता है । सुरेंद्र सिंह रावत सुराह को बंगाणी भाषा का प्रथम लेखक माना जाता है क्योंकि जौनसार बंगाण क्षेत्र के इष्टदेव महासू महाराज की आरती को लिखने और प्रकाशित करवाने का श्रेय उनको जाता है। बंगाणी भाषा में प्रकाशित पत्रिका इजाज का लोकार्पण भी कार्यक्रम के दौरान किया गया पत्रिका के बारे में बताते हुए इसके संपादक आर पी विशाल ने बताया कि समूह की वार्षिक पत्रिका का यह दूसरा अंक है। बंगाणी भाषा को बढ़ावा देने और बंगाणी साहित्य को उचित मंच प्रदान करने के उद्देश्य से प्रकाशित इस पत्रिका  नाम  'इजाज'  रखा गया है, इसका तात्पर्य ' आजकल '  से है। इस अवसर पर बंगाणी भाषा के ऑनलाइ...

राज्य संदर्भ समूह की कार्यशाला में हुआ गणित शिक्षण को रोचक बनाने पर मंथन

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एससीईआरटी उत्तराखंड के शैक्षिक शोध सर्वे एवं मूल्यांकन विभाग द्वारा  दिनांक 20 फरवरी 2024 से 23 फरवरी 2024 तक  सीमैट सभागार, ननूरखेड़ा देहरादून में गणित विषय के राज्य संदर्भ समूह  की प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए अपर निदेशक एससीईआरटी अजय कुमार नौडियाल ने कहा कि गणित विषय जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में समावेशित है,लेकिन फिर भी इसकी लोकप्रियता और स्वीकार्यता को बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि गणित के प्रति जागरूकता के अभाव में कई गलत धारणाएं भी प्रचलित हो गई हैं। हमारे विद्यालयों में बालिकाओं का रुझान गणित के प्रति कम देखने को मिलता है। इस दिशा में गणित शिक्षक का दायित्व और भी अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। गणित को रोचक और सरल तरीके से पढ़ाए जाने की आवश्यकता है। संयुक्त निदेशक कंचन देवराडी ने कहा कि राज्य संदर्भ समूह से विद्यालयी शिक्षा विभाग को यही अपेक्षा है कि इसके सदस्य गणित विषय के शिक्षण को रोचक और प्रभावी बनाने के लिए हरसंभव प्रयास करें।राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के आलोक में राज्य स्तर पर की गई इस ...

राज्य संदर्भ समूह की कार्यशाला में हुआ गणित शिक्षण को रोचक बनाने पर मंथन

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एससीईआरटी उत्तराखंड के शैक्षिक शोध सर्वे एवं मूल्यांकन विभाग द्वारा  दिनांक 20 फरवरी 2024 से 23 फरवरी 2024 तक  सीमैट सभागार, ननूरखेड़ा देहरादून में गणित विषय के राज्य संदर्भ समूह  की प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए अपर निदेशक एससीईआरटी अजय कुमार नौडियाल ने कहा कि गणित विषय जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में समावेशित है,लेकिन फिर भी इसकी लोकप्रियता और स्वीकार्यता को बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि गणित के प्रति जागरूकता के अभाव में कई गलत धारणाएं भी प्रचलित हो गई हैं। हमारे विद्यालयों में बालिकाओं का रुझान गणित के प्रति कम देखने को मिलता है। इस दिशा में गणित शिक्षक का दायित्व और भी अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। गणित को रोचक और सरल तरीके से पढ़ाए जाने की आवश्यकता है। संयुक्त निदेशक कंचन देवराडी ने कहा कि राज्य संदर्भ समूह से विद्यालयी शिक्षा विभाग को यही अपेक्षा है कि इसके सदस्य गणित विषय के शिक्षण को रोचक और प्रभावी बनाने के लिए हरसंभव प्रयास करें।राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के आलोक में राज्य स्तर पर की गई इस ...

चुनौतीपूर्ण प्रश्नों से होती है दिमाग की कसरत,राज्य संदर्भ समूह की कार्यशाला में हुई चर्चा

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राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद उत्तराखंड के राज्य संदर्भ समूह गणित की प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ आज सीमेंट सभागार नानूर खेड़ा देहरादून में हुआ कार्यशाला में आज प्रसिद्ध गणितज्ञ और एससीईआरटी हरियाणा के निदेशक सुनील बजाज ने गणित विषय के शिक्षण पर विस्तृत चर्चा की। सीमैट सभागार देहरादून में आज एससीईआरटी उत्तराखंड के शैक्षिक शोध सर्वे एवं मूल्यांकन विभाग द्वारा आयोजित चार दिवसीय राज्य संदर्भ समूह गणित प्रशिक्षण कार्यशाला प्रारंभ हुई। कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में अपर निदेशक एससीईआरटी अजय कुमार नौडियाल ने कहा कि गणित विषय जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में समावेशित है,लेकिन फिर भी इसकी लोकप्रियता और स्वीकार्यता को बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि गणित के प्रति जागरूकता के अभाव में कई गलत धारणाएं भी प्रचलित हो गई हैं। हमारे विद्यालयों में बालिकाओं का रुझान गणित के प्रति कम देखने को मिलता है। इस दिशा में गणित शिक्षक का दायित्व और भी अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। गणित को रोचक और सरल तरीके से पढ़ाए जाने की आवश्यकता है। संयुक्त निदेशक कंचन देवराडी ने कहा कि राज्य संदर्भ...