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सब करें शिक्षकों का सम्मान,संवाद जरूरी, विदाई समारोह में महानिदेशक ने कहा...

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लंबे समय तक महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा और राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा उत्तराखंड के  उत्तरदायित्व निर्वहन के पश्चात शिक्षा विभाग से पदभार मुक्त होने पर बंशीधर तिवारी, आईएएस का विदाई समारोह देहरादून के एक निजी होटल में आयोजित किया गया। महानिदेशक, विद्यालयी शिक्षा उत्तराखण्ड एवं राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा उत्तराखण्ड के पदभार से मुक्त होने पर बंशीधर तिवारी, आईएएस को शिक्षा विभाग द्वारा शानदार विदाई दी गई। रविवार,8 सितम्बर 2024 को सहस्त्रधारा रोड़ स्थित एक निजी होटल में  आयोजित विदाई समारोह में निवर्तमान महानिदेशक अपने परिवार सहित उपस्थित रहे। अपर राज्य परियोजना निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती ने महानिदेशक के कार्यकाल की उपलब्धियों पर चर्चा करते हुए कहा गया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन में महानिदेशक महोदय की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।  इस नीति के अनुरूप आपके नेतृत्व में उत्तराखण्ड राज्य में बालवाटिका कक्षाएं शुरू हुई। बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में उत्तराखण्ड राज्य प्रगति की ओर अग्रसर है। आपके कुशल नेतृत्व में न...

सब करें शिक्षकों का सम्मान,संवाद जरूरी, विदाई समारोह में महानिदेशक ने कहा...

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लंबे समय तक महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा और राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा उत्तराखंड के  उत्तरदायित्व निर्वहन के पश्चात शिक्षा विभाग से पदभार मुक्त होने पर बंशीधर तिवारी, आईएएस का विदाई समारोह देहरादून के एक निजी होटल में आयोजित किया गया। महानिदेशक, विद्यालयी शिक्षा उत्तराखण्ड एवं राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा उत्तराखण्ड के पदभार से मुक्त होने पर बंशीधर तिवारी, आईएएस को शिक्षा विभाग द्वारा शानदार विदाई दी गई। रविवार,8 सितम्बर 2024 को सहस्त्रधारा रोड़ स्थित एक निजी होटल में  आयोजित विदाई समारोह में निवर्तमान महानिदेशक अपने परिवार सहित उपस्थित रहे। अपर राज्य परियोजना निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती ने महानिदेशक के कार्यकाल की उपलब्धियों पर चर्चा करते हुए कहा गया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन में महानिदेशक महोदय की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।  इस नीति के अनुरूप आपके नेतृत्व में उत्तराखण्ड राज्य में बालवाटिका कक्षाएं शुरू हुई। बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में उत्तराखण्ड राज्य प्रगति की ओर अग्रसर है। आपके कुशल नेतृत्व में न...

जनपदीय विज्ञान संगोष्ठी में अनंत बडोनी प्रथम, वैष्णवी और साक्षी रहे दूसरे और तीसरे स्थान पर

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विद्यालयी शिक्षा विभाग के अंतर्गत जनपद देहरादून में जनपद स्तरीय विज्ञान संगोष्ठी का आयोजन आज किया गया। आज दिनांक 31 अगस्त 2024 को साधुराम इंटर कॉलेज राजा रोड देहरादून में जिला स्तरीय विज्ञान संगोष्ठी "कृत्रिम बुद्धिमत्ता : सम्भाव्यता और सरोकार विषय पर आयोजित की गई। संगोष्ठी का शुभारम्भ मुख्य शिक्षा अधिकारी प्रदीप रावत, साधुराम इंटर कॉलेज  के प्रधानाचार्य श्रवण कुमार शर्मा द्वारा दीप प्रज्जवलन कर किया गया। रायपुर के  विकास खण्ड विज्ञान समन्वयक  दलजीत सिंह के मार्गदशन में राजकीय इंटर कॉलेज खुड बुडा देहरादून के विद्यार्थियों द्वारा सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। विकास खंड स्तर पर प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले बारह प्रतिभागियों ने जनपद स्तर पर  आयोजित इस संगोष्ठी में अपने विचार प्रस्तुत किए। मुख्य शिक्षा अधिकारी प्रदीप रावत ने शिक्षकों के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि आज वर्तमान समय में बच्चों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान देने  की आवश्यकता है। निर्णायक मंडल में सुप्रिय बहुखण्डी, सुनील रतूड़ी, गायत्री जोशी ने प्रतिभागिय...

जनपदीय विज्ञान संगोष्ठी में अनंत बडोनी प्रथम, वैष्णवी और साक्षी रहे दूसरे और तीसरे स्थान पर

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विद्यालयी शिक्षा विभाग के अंतर्गत जनपद देहरादून में जनपद स्तरीय विज्ञान संगोष्ठी का आयोजन आज किया गया। आज दिनांक 31 अगस्त 2024 को साधुराम इंटर कॉलेज राजा रोड देहरादून में जिला स्तरीय विज्ञान संगोष्ठी "कृत्रिम बुद्धिमत्ता : सम्भाव्यता और सरोकार विषय पर आयोजित की गई। संगोष्ठी का शुभारम्भ मुख्य शिक्षा अधिकारी प्रदीप रावत, साधुराम इंटर कॉलेज  के प्रधानाचार्य श्रवण कुमार शर्मा द्वारा दीप प्रज्जवलन कर किया गया। रायपुर के  विकास खण्ड विज्ञान समन्वयक  दलजीत सिंह के मार्गदशन में राजकीय इंटर कॉलेज खुड बुडा देहरादून के विद्यार्थियों द्वारा सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। विकास खंड स्तर पर प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले बारह प्रतिभागियों ने जनपद स्तर पर  आयोजित इस संगोष्ठी में अपने विचार प्रस्तुत किए। मुख्य शिक्षा अधिकारी प्रदीप रावत ने शिक्षकों के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि आज वर्तमान समय में बच्चों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान देने  की आवश्यकता है। निर्णायक मंडल में सुप्रिय बहुखण्डी, सुनील रतूड़ी, गायत्री जोशी ने प्रतिभागिय...

डायट देहरादून अंतरिक्ष दिवस पर कार्यक्रम,विभिन्न प्रतियोगिताओं का हुआ आयोजन

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जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान देहरादून में आज प्रथम राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य राम सिंह चौहान द्वारा किया गया उन्होंने कहा कि भारत ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में ही नहीं बल्कि विज्ञान के सभी आयामों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं यह गर्व का विषय है कि हम आज चंद्रयान की सफलता की वर्षगांठ मना  रहे हैं। कार्यक्रम समन्वयक डायट प्रवक्ता दीपिका पवार ने कहा कि आज 23 अगस्त को चंद्रयान के सफलतापूर्वक चंद्रमा पर लैंडिंग करने की वर्षगांठ है । इसी उपलक्ष्य में इस दिवस को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के रूप में मनाए जाने का निर्णय लिया गया है। आईआरएस की वरिष्ठ वैज्ञानिक पूनम तिवारी द्वारा इसरो के अंतरिक्ष कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी भी दी गई। आयोजन के क्रम में संस्थान में पोस्टर एवं क्विज प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम के आयोजन में हेमलता नौटियाल, प्रणय बहुगुणा,मृणाल सनवाल,शिशुपाल बिष्ट, ऋतु कुकरेती,सुनीता अधिकारी आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

डायट देहरादून अंतरिक्ष दिवस पर कार्यक्रम,विभिन्न प्रतियोगिताओं का हुआ आयोजन

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जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान देहरादून में आज प्रथम राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य राम सिंह चौहान द्वारा किया गया उन्होंने कहा कि भारत ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में ही नहीं बल्कि विज्ञान के सभी आयामों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं यह गर्व का विषय है कि हम आज चंद्रयान की सफलता की वर्षगांठ मना  रहे हैं। कार्यक्रम समन्वयक डायट प्रवक्ता दीपिका पवार ने कहा कि आज 23 अगस्त को चंद्रयान के सफलतापूर्वक चंद्रमा पर लैंडिंग करने की वर्षगांठ है । इसी उपलक्ष्य में इस दिवस को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के रूप में मनाए जाने का निर्णय लिया गया है। आईआरएस की वरिष्ठ वैज्ञानिक पूनम तिवारी द्वारा इसरो के अंतरिक्ष कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी भी दी गई। आयोजन के क्रम में संस्थान में पोस्टर एवं क्विज प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम के आयोजन में हेमलता नौटियाल, प्रणय बहुगुणा,मृणाल सनवाल,शिशुपाल बिष्ट, ऋतु कुकरेती,सुनीता अधिकारी आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अंतरिक्ष दिवस पर छात्रों को दी भारत के बढ़ते कदमों की जानकारी...

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देहरादून के चकराता विकासखंड के दूरस्थ विद्यालय राजकीय इंटर कॉलेज खरोडा में प्रथम राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया । इस अवसर पर प्रधानाचार्य गोविंद सिंह रौथाण ने अंतरिक्ष में भारत के बढ़ते कदम के अंतर्गत बताया कि भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के संस्थापक डॉक्टर ए साराभाई थे । उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के विकास के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए 15 अगस्त 1969 को इसरो की स्थापना की गई थी । भारत में पहली बार रॉकेट 20 नवंबर 1967 को बनाया गया था। इसका नाम R H75 रखा गया था । कार्यक्रम का संचालन करते हुए डॉक्टर उमेश चमोला ने कहा कि प्रथम राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस की थीम चंद्रमा को छूते हुए जीवन को छूना : भारत की अंतरिक्ष गाथा रखी गई है। उन्होंने मौसम की भविष्यवाणी के संदर्भ में उपग्रहों के योगदान पर प्रकाश डाला । उन्होंने कहा कि जिस प्रकार पृथ्वी का उपग्रह चंद्रमा है उसी प्रकार बृहस्पति के भी लगभग 80 चंद्रमा खोजे गए हैं। युद्धवीर सिंह ने अंतरिक्ष मिशन में भारत के वैज्ञानिकों के योगदान को याद करते हुए कहा कि भारत ने अंतरिक्ष खोज में आज विश्व स्तर पर अ...