लोक परंपरा से जुड़ने की कवायद: डायट देहरादून में संपन्न हुई शिक्षकों की ऐपण कला कार्यशाला

जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान देहरादून में डायट प्राचार्य राम सिंह चौहान के मार्गदर्शन में शनिवार को चार दिवसीय ऐपण कला एवं प्रार्थना सभा कार्यशाला का समापन हुआ।

Eipan art workshop at diet dehradun

कार्यक्रम समन्वयक हेमलता नौटियाल एवं ऋतु कुकरेती द्वारा बताया गया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के आलोक में स्कूली छात्र छात्राओं में भारतीय कला, संस्कृति और भारतीय भाषाओं के प्रसार एवं संवर्धन हेतु माध्यमिक शिक्षकों के लिए इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है।

कार्यशाला में ऐपण कला हेतु ज्योति जोशी,विभिन्न भाषाओं में प्रार्थना एवं समूह गान हेतु सुधा ममगाईं एवं पुष्पेंद्र सिंह विशेषज्ञ के रूप में रहे तथा डायट से सभी संकाय सदस्य उपस्थित रहे।

कार्यशाला में विभिन्न विकासखंडों से आए हुए माध्यमिक विद्यालयों के 42 शिक्षक शिक्षिकाओं द्वारा प्रतिभाग किया गया।
कार्यशाला में प्रतिभागी शिक्षकों द्वारा उत्तराखंड लोक कला ऐपण कला की उपयोगिता एवं विशेषता के बारे में जाना तथा उनके द्वारा डायट के प्रवेश द्वार,नाम पट्टिका,केतली,थाली,लोटे आदि पर एपन कला की गई।

सभी शिक्षकों द्वारा प्रार्थना सभा में अन्य राज्यों की भाषा में प्रार्थनाएं एवं सी सी आर टी द्वारा तैयार समूह गान सीखे गए।
कार्यशाला के समापन में प्राचार्य द्वारा सभी शिक्षकों का आह्वान किया गया कि छात्र छात्राओं में रचनात्मकता,एकाग्रता एवं आत्मविश्वास बढ़ाने एवं अपनी संस्कृति पर गर्व करने हेतु  स्थानीय कला एवं भाषा सीखने हेतु प्रेरित करें।

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