डायट देहरादून में प्रवक्ताओं का तीन दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न, शैक्षिक गुणवत्ता सुधार पर जोर
देहरादून, 8 अक्टूबर। समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), देहरादून में जनपद के भौतिक विज्ञान, भूगोल एवं अंग्रेजी विषय के प्रवक्ताओं के लिए आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का 8 अक्टूबर 2026 को सफलतापूर्वक समापन हो गया।
प्रशिक्षण में शिक्षण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, विद्यार्थी केंद्रित एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के साथ विद्यालयों में सकारात्मक शैक्षिक वातावरण विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति, दक्षता आधारित आकलन और नशा मुक्त विद्यालय परिसर जैसे विषयों पर हुआ मंथन
दिनांक 6 से 8 अक्टूबर तक चले तीन दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020, PARAKH, दक्षता आधारित आकलन, नशा मुक्त विद्यालय परिसर, शिक्षक आचरण संहिता तथा सामुदायिक सहभागिता जैसे महत्वपूर्ण एवं समसामयिक विषयों पर सार्थक चर्चा-परिचर्चा की गई। इसके साथ ही भौतिक विज्ञान, भूगोल एवं अंग्रेजी विषयों की प्रशिक्षण आवश्यकताओं पर आधारित विभिन्न प्रकरणों के माध्यम से प्रवक्ताओं को विषयगत प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण में शिक्षण की नवीन विधियों, विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता को बेहतर बनाने तथा कक्षा-कक्ष में दक्षता आधारित शिक्षण एवं आकलन को प्रभावी ढंग से लागू करने पर बल दिया गया।
समापन अवसर पर डायट के प्राचार्य गोविंद राम जायसवाल ने प्रतिभागी प्रवक्ताओं से प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान एवं कौशल का उपयोग अपने-अपने विद्यालयों में करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब इसके माध्यम से प्राप्त अनुभवों को शिक्षण कार्य में उतारकर विद्यार्थियों के सीखने के परिणामों में सुधार लाया जाएगा।
प्राचार्य ने टीम भावना, सामूहिक प्रयास और निरंतर सुधार की आवश्यकता पर जोर देते हुए जनपद देहरादून को शैक्षिक गुणवत्ता के क्षेत्र में राज्य में अग्रणी स्थान पर लाने के लिए समर्पित होकर कार्य करने का संदेश दिया। उनके प्रेरणादायी संबोधन ने प्रतिभागियों को विद्यालयों में प्रशिक्षण के उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्राचार्य ने संस्थान परिसर में पौधरोपण भी किया। समग्र रूप से प्रशिक्षण कार्यक्रम ज्ञानवर्धक, सहभागितापूर्ण एवं उद्देश्यपरक रहा, जिससे प्रवक्ताओं को अपने शिक्षण कार्य को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में नई दृष्टि प्राप्त हुई।
Comments
Post a Comment
पोस्ट पर अपने सुझाव/राय देने अथवा अधिक जानकारी प्राप्त करने हेतु यहाँ लिखें..