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विद्यालय के वार्षिकोत्सव में  बिखरे लोक संस्कृति के रंग,बहुआयामी प्रतिभाओं का हुआ प्रदर्शन

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टिहरी गढ़वाल के दुर्गम क्षेत्र रणाकोट में स्थित शहीद भाग सिंह रावत राजकीय इंटर कॉलेज रणाकोट में दो दिवसीय वार्षिकोत्सव का धूमधाम सेआयोजन किया गया। शहीद भाग सिंह रावत राजकीय इंटर कॉलेज रणाकोट के इस दो दिवसीय वार्षिकोत्सव में छात्र - छात्राओं ने साहित्य, कला, संस्कृति, खान - पान, समेत जीवन के कई रंग बिखेरे।     विद्यालय के छात्रों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिन्होंने दर्शकों का मन मोह लिया। बाल कवि सम्मेलन में विद्यार्थियों की कविताओं ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में छात्रों ने विभिन्न प्रकार के स्टॉल भी लगाए, जिनमें झंगोरे की खीर विशेष आकर्षण का केंद्र रही। स्थानीय उत्पादों के स्टॉल पर भी बड़ी संख्या में आगंतुकों ने खरीदारी की।  इस अवसर पर छात्रों द्वारा विभिन्न विषयों पर पोस्टर प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया, जिसे सभी ने सराहा। प्रदर्शनी में छात्रों की रचनात्मकता और सोच की झलक देखने को मिली।  कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख श्री राजेंद्र भंडारी रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्या  शकुंतला रणाक...

विद्यालय के वार्षिकोत्सव में  बिखरे लोक संस्कृति के रंग,बहुआयामी प्रतिभाओं का हुआ प्रदर्शन

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टिहरी गढ़वाल के दुर्गम क्षेत्र रणाकोट में स्थित शहीद भाग सिंह रावत राजकीय इंटर कॉलेज रणाकोट में दो दिवसीय वार्षिकोत्सव का धूमधाम सेआयोजन किया गया। शहीद भाग सिंह रावत राजकीय इंटर कॉलेज रणाकोट के इस दो दिवसीय वार्षिकोत्सव में छात्र - छात्राओं ने साहित्य, कला, संस्कृति, खान - पान, समेत जीवन के कई रंग बिखेरे।     विद्यालय के छात्रों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिन्होंने दर्शकों का मन मोह लिया। बाल कवि सम्मेलन में विद्यार्थियों की कविताओं ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में छात्रों ने विभिन्न प्रकार के स्टॉल भी लगाए, जिनमें झंगोरे की खीर विशेष आकर्षण का केंद्र रही। स्थानीय उत्पादों के स्टॉल पर भी बड़ी संख्या में आगंतुकों ने खरीदारी की।  इस अवसर पर छात्रों द्वारा विभिन्न विषयों पर पोस्टर प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया, जिसे सभी ने सराहा। प्रदर्शनी में छात्रों की रचनात्मकता और सोच की झलक देखने को मिली।  कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख श्री राजेंद्र भंडारी रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्या  शकुंतला रणाक...

गाइडेंस एवं काउंसलिंग कार्यशाला में बच्चों को बताए जीवन के रास्ते...

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राजकीय इंटर कॉलेज खरोड़ा, देहरादून  में आज करियर गाइडेन्स और काउंसलिंग पर कार्यशाला आयोजित की गई।  इस कार्यशाला में बच्चों को करियर के विभिन्न क्षेत्रों में सम्भावनाओं के बारे में शिक्षकों ने जानकारी दी। प्रधानाचार्य गोविन्द सिंह रौथाण ने कहा कि हर बच्चे को अपनी रुचियों की पहचान करनी चाहिए। इसके बाद उस रुचि से सम्बंधित क्षेत्रों के बारे जानकारी प्राप्त कर तैयारी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सूचना संप्रेषण तकनीकी ने करियर के नए क्षेत्रों को जन्म दिया है। इनमे से एनिमेशन का कार्य भी एक है जो आय का अच्छा माध्यम बन सकता है। उन्होंने  बी. एस-सी, बी. एड और कानून तथा प्रबंधन का उदाहरण देते हुए समेकित कोर्स (integrated course ) के बारे में बच्चों को जानकारी दी। प्रख्यात साहित्यकार एवं शिक्षक डॉ. उमेश चमोला ने साहित्य के क्षेत्र में करियर की सम्भावनाओं पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान समय में हमारे पास अपने विचारों को व्यक्त करने के कई माध्यम हैं। हम ब्लॉग और ई पत्रिकाओं में अपनी रचनाओं का प्रकाशन कर सकते हैं। साहित्य से जुडा व्यक्ति विभिन्न संस्थाओं में अनुवाद...

गाइडेंस एवं काउंसलिंग कार्यशाला में बच्चों को बताए जीवन के रास्ते...

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राजकीय इंटर कॉलेज खरोड़ा, देहरादून  में आज करियर गाइडेन्स और काउंसलिंग पर कार्यशाला आयोजित की गई।  इस कार्यशाला में बच्चों को करियर के विभिन्न क्षेत्रों में सम्भावनाओं के बारे में शिक्षकों ने जानकारी दी। प्रधानाचार्य गोविन्द सिंह रौथाण ने कहा कि हर बच्चे को अपनी रुचियों की पहचान करनी चाहिए। इसके बाद उस रुचि से सम्बंधित क्षेत्रों के बारे जानकारी प्राप्त कर तैयारी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सूचना संप्रेषण तकनीकी ने करियर के नए क्षेत्रों को जन्म दिया है। इनमे से एनिमेशन का कार्य भी एक है जो आय का अच्छा माध्यम बन सकता है। उन्होंने  बी. एस-सी, बी. एड और कानून तथा प्रबंधन का उदाहरण देते हुए समेकित कोर्स (integrated course ) के बारे में बच्चों को जानकारी दी। प्रख्यात साहित्यकार एवं शिक्षक डॉ. उमेश चमोला ने साहित्य के क्षेत्र में करियर की सम्भावनाओं पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान समय में हमारे पास अपने विचारों को व्यक्त करने के कई माध्यम हैं। हम ब्लॉग और ई पत्रिकाओं में अपनी रचनाओं का प्रकाशन कर सकते हैं। साहित्य से जुडा व्यक्ति विभिन्न संस्थाओं में अनुवाद...

लोक परंपरा से जुड़ने की कवायद: डायट देहरादून में संपन्न हुई शिक्षकों की ऐपण कला कार्यशाला

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जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान देहरादून में डायट प्राचार्य राम सिंह चौहान के मार्गदर्शन में शनिवार को चार दिवसीय ऐपण कला एवं प्रार्थना सभा कार्यशाला का समापन हुआ। कार्यक्रम समन्वयक हेमलता नौटियाल एवं ऋतु कुकरेती द्वारा बताया गया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के आलोक में स्कूली छात्र छात्राओं में भारतीय कला, संस्कृति और भारतीय भाषाओं के प्रसार एवं संवर्धन हेतु माध्यमिक शिक्षकों के लिए इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है। कार्यशाला में ऐपण कला हेतु ज्योति जोशी,विभिन्न भाषाओं में प्रार्थना एवं समूह गान हेतु सुधा ममगाईं एवं पुष्पेंद्र सिंह विशेषज्ञ के रूप में रहे तथा डायट से सभी संकाय सदस्य उपस्थित रहे। कार्यशाला में विभिन्न विकासखंडों से आए हुए माध्यमिक विद्यालयों के 42 शिक्षक शिक्षिकाओं द्वारा प्रतिभाग किया गया। कार्यशाला में प्रतिभागी शिक्षकों द्वारा उत्तराखंड लोक कला ऐपण कला की उपयोगिता एवं विशेषता के बारे में जाना तथा उनके द्वारा डायट के प्रवेश द्वार,नाम पट्टिका,केतली,थाली,लोटे आदि पर एपन कला की गई। सभी शिक्षकों द्वारा प्रार्थना सभा में अन्य राज्यों की ...

लोक परंपरा से जुड़ने की कवायद: डायट देहरादून में संपन्न हुई शिक्षकों की ऐपण कला कार्यशाला

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जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान देहरादून में डायट प्राचार्य राम सिंह चौहान के मार्गदर्शन में शनिवार को चार दिवसीय ऐपण कला एवं प्रार्थना सभा कार्यशाला का समापन हुआ। कार्यक्रम समन्वयक हेमलता नौटियाल एवं ऋतु कुकरेती द्वारा बताया गया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के आलोक में स्कूली छात्र छात्राओं में भारतीय कला, संस्कृति और भारतीय भाषाओं के प्रसार एवं संवर्धन हेतु माध्यमिक शिक्षकों के लिए इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है। कार्यशाला में ऐपण कला हेतु ज्योति जोशी,विभिन्न भाषाओं में प्रार्थना एवं समूह गान हेतु सुधा ममगाईं एवं पुष्पेंद्र सिंह विशेषज्ञ के रूप में रहे तथा डायट से सभी संकाय सदस्य उपस्थित रहे। कार्यशाला में विभिन्न विकासखंडों से आए हुए माध्यमिक विद्यालयों के 42 शिक्षक शिक्षिकाओं द्वारा प्रतिभाग किया गया। कार्यशाला में प्रतिभागी शिक्षकों द्वारा उत्तराखंड लोक कला ऐपण कला की उपयोगिता एवं विशेषता के बारे में जाना तथा उनके द्वारा डायट के प्रवेश द्वार,नाम पट्टिका,केतली,थाली,लोटे आदि पर एपन कला की गई। सभी शिक्षकों द्वारा प्रार्थना सभा में अन्य राज्यों की ...

आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को मिला बच्चों के लिए जादुई पिटारा, खेल और गतिविधियों से जुड़ेगी..

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पूर्व प्राथमिक शिक्षा के अंतर्गत जनपद देहरादून में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चे अब खेल और गतिविधियों के माध्यम से मनोरंजन युक्त पूर्व प्राथमिक शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे। इसके लिए आज दिनांक 20 दिसम्बर 2024 को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, देहरादून में डायट प्राचार्य राम सिंह चौहान के मार्गदर्शन में 200 आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों का जादुई पिटारा, ई- जादुई पिटारा और जादुई पिटारा, उत्तराखंड पर 2 दिवसीय अभिमुखीकरण कार्यक्रम  04 चरणों में सफलतापूर्वक सम्पन्न किया गया। क्या है जादुई पिटारा जादुई पिटारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और एन.सी.एफ.-एफएस के आलोक में बुनियादी अवस्था पर बच्चों के लिए विकसित किया गया है।  कार्यक्रम समन्वयक डायट प्रवक्ता प्रणय बहुगुणा ने बताया कि जादुई पिटारा बच्चों के विकास के सभी आयामों के लिए अधिगम शिक्षण सामग्री प्रदान करता है जिससे खेल-खिलौनों और अन्य गतिविधियों के माध्यम से बच्चों की आलोचनात्मक सोच और समस्या समाधान की क्षमताओं को विकसित करने में सहायता प्राप्त होगी। कार्यशाला में आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को बच्चों को सामग्री से खेल-खेल में सिखाने का...