एनसीईआरटी में जुटेंगे देशभर के साहित्यकार, उत्तराखंड से डॉ. उमेश चमोला और डॉ. मंजू पाण्डे करेंगी शिरकत



देहरादून, 10 अक्टूबर । राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी), नई दिल्ली की ओर से छोटे बच्चों के लिए तैयार की जा रही पुस्तक ‘बालपन की कविता’ की समीक्षा के लिए देशभर के चयनित साहित्यकार नई दिल्ली में जुटेंगे। 12 से 14 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाली इस समीक्षा प्रक्रिया में उत्तराखंड के साहित्यकार डॉ. उमेश चमोला और डॉ. मंजू पाण्डे भी प्रतिभाग करेंगे।

‘बालपन की कविता’ पुस्तक की समीक्षा के लिए 12 से 14 अक्टूबर तक नई दिल्ली में होगा आयोजन

एनसीईआरटी की इस पहल का उद्देश्य छोटे बच्चों के लिए उनकी आयु, रुचि और सहज अभिव्यक्ति के अनुरूप बाल साहित्य विकसित करना है। प्रस्तावित पुस्तक में खेल गीत, लोरी गीत, बाल पहेलियों सहित बच्चों की दुनिया से जुड़े विविध रचनात्मक विषयों को शामिल किया जाएगा। इसके माध्यम से बच्चों में भाषा के प्रति रुचि विकसित करने, उनकी कल्पनाशीलता को प्रोत्साहित करने और सीखने की प्रक्रिया को आनंददायक बनाने पर जोर दिया जाएगा।

पुस्तक की समीक्षा और निर्माण संबंधी यह कार्य एनसीईआरटी की राष्ट्रीय साक्षरता केंद्र की विभागाध्यक्ष एवं प्रभारी प्रोफेसर ऊषा शर्मा के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। समीक्षा के दौरान पुस्तक में शामिल की जाने वाली सामग्री की उपयुक्तता, भाषा की सहजता, बाल मनोविज्ञान के अनुरूप प्रस्तुति और रचनात्मकता जैसे पहलुओं पर विचार किया जाएगा।
इस प्रक्रिया में उत्तराखंड के अन्य साहित्यकार भी योगदान देंगे। राकेश जुगरान, डॉ. गंगा घुघत्याल, के. एस. रावत और डॉ. दिनेश रावत ऑनलाइन माध्यम से पुस्तक की समीक्षा में भाग लेंगे।

बाल साहित्य के क्षेत्र में यह पहल बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण, रुचिकर और शिक्षाप्रद सामग्री विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उत्तराखंड के साहित्यकारों की सहभागिता से राज्य की साहित्यिक और शैक्षिक रचनात्मकता को भी राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व मिलेगा।

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